इंडियन फूड का महत्व जानेंगे स्टूडेंट्स

2019-04-17T06:00:50+05:30

सीबीएसई बोर्ड ने क्लास 6 से 8वी तक के स्टूडेंट्स को पाक कला सिखाने के दिए निर्देश

भारतीय खाने, मसालों और फसलों के बारे में स्टूडेंट्स को दी जाएगी अहम जानकारियां

MEERUT। इंडियन फूड हो या इंडियन मसाले, दुनियाभर में इनकी खास पहचान है। हालांकि इंडिया में वेस्टर्न कल्चर बढ़ने से बच्चे देसी खाने से मुंह मोड़ने लगे हैं। हालांकि सीबीएसई ने बच्चों को हेल्दी इंडियन फूड के लिए प्रेरित करने की एवज में तमाम कवायद की हैं। इस कड़ी में अब बोर्ड बच्चों को पाक कला सिखाने की तैयारी भी कर रहा है। इस बाबत बोर्ड ने निर्देश भी जारी कर दिए हैं।

फसलों को जानेंगे बच्चे

सीबीएसई की इस पहल का उद्देश्य बच्चों को देश में पैदा होने वाली फसलें, मसाले, पकवानों आदि के बारे में अवेयर करना है। बोर्ड का मानना है कि बच्चे जंक फूड के चलते इंडियन फूड के महत्व को समझ नहीं पा रहे हैं। इस पहल के तहत बच्चे भारत में पैदा होने वाली फसलों, मसालों व उनके प्रयोग करने के बारे में जान सकेंगे। बच्चों को देश के अलग-अलग राज्यों में कौन-कौन से पारंपरिक व्यंजन पकाए जाते हैं, इसे भी जानने का मौका मिलेगा।

6वी से 8वीं तक

बोर्ड का मानना है कि अगर बच्चे खुद खाना बनाने की कला सीखेंगे या खाने के बारे में जानेंगे तो हेल्दी फूड खाने में उनकी रूचि भी बढेगी। ऐसे में बोर्ड ने 6वीं से 8वीं क्लास तक के बच्चों के लिए पाक कला जरूरी कर दी है। इसके तहत बच्चों को वीक में दो क्लासेज करवानी जरूरी है। इसके तहत फ्लेमलेस कुकिंग करवानी होगी। इसके अलावा स्कूल अपने स्तर से कुकिंग क्लास भी आयोजित करवा सकते हैं।

सीबीएसई की यह पहल काफी अच्छी है। स्टूडेंट्स देसी खाने के महत्व को समझेंगे और वेस्टेज से बचेंगे।

डॉ। वाग्मिता त्यागी, वाइस प्रिंसिपल, गार्गी ग‌र्ल्स स्कूल

बोर्ड का यह फैसला स्टूडेंट्स के लिए बेहतर है। इससे स्टूडेंट्स में हेल्दी फूड हेबिट डेवलप होगी।

चंद्रलेखा जैन, प्रिंसिपल, सेंट जोंस सीनियर सेकेंडरी स्कूल

inextlive from Meerut News Desk


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