निमोनिया और ठंड से गुलदार की मौत

2016-01-16T02:10:10+05:30

-खड़खेत गांव से दो किमी दूर मिला गुलदार का शव

RANIKHET: खड़खेत गांव से दो किमी दूर सिविल वन क्षेत्र में एक गुलदार का शव मिला है। गुलदार की मौत का कारण भूख और निमोनिया बताया जा रहा है। साढ़े तीन वर्ष की मादा गुलदार के सभी अंग सुरक्षित थे। ठंड से गुलदार की मौत का यह चौथा मामला है।

घास काटने गयी महिलाओं को दिखा शव

सिविल वन क्षेत्र में घास काटने गई महिलाओं की नजर गदेरे में मृत पड़े गुलदार पर पड़ी। महिलाओं द्वारा तत्काल वन विभाग को इसकी सूचना दी गई। रेंज अधिकारी दीवानी राम टीम के साथ मौके पर पहुंचे और दूर से गुलदार को जगाने की कोशिश की। कोई हरकत न होने पर टीम गुलदार के पास गयी तो वह मृत अवस्था में मिला। मृत मादा गुलदार 190 सेमी लंबी व 70 सेमी ऊंची थी। उसका पेट बिल्कुल अंदर और शरीर कमजोर हो चुका था। गनियाद्योली वन रेंज कार्यालय में पशु चिकित्साधिकारी डॉ। जयपाल करगेती व डॉ। ओपी आर्य ने गुलदार का पोस्टमार्टम किया। पोस्टमार्टम में कई दिनों तक भूखी रहने और निमोनिया की चपेट में आने से मौत की पुष्टि हुई है। वनाधिकारियों की मौजूदगी में गुलदार की अंत्येष्टि की गयी।

बाघ के हमले से हथिनी की मौत

RAMNAGAR: कार्बेट नेशनल पार्क के ढिकाला क्षेत्र में बाघ के हमले से क्क् साल की मादा हाथी गंभीर रूप से घायल हो गई। इलाज के दौरान हथिनी ने दम तोड़ दिया। ढिकाला क्षेत्र के खिनानौली ब्लॉक कंपार्टमेंट न। ख्फ् में वन कर्मियों को गश्त के दौरान गुरुवार को एक हथिनी गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिली। वन कर्मियों ने इसकी सूचना पार्क के अधिकारियों को दी। इसके बाद उसका उपचार प्रारंभ किया गया लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। शुक्रवार को उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया। पशु चिकित्सक डॉ। दुष्यंत कुमार तथा डॉ। योगेश अग्रवाल द्वारा हथिनी का पोस्टमार्टम करने के बाद शव को दफना दिया गया।

inextlive from Dehradun News Desk


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