महिला बंदी ने लिखा पीएम को लेटर संबंध नहीं बनाने पर रखा जाता है भूखा

2019-04-14T06:00:39+05:30

-मुजफ्फरपुर जेल में होता है यौन शोषण, प्रधानमंत्री कार्यालय ने बिहार सरकार से मांगी रिपोर्ट

-डीएम ने डीपीओ की अध्यक्षता में जांच के लिए बनाई पांच सदस्यीय टीम

MUZAFFARPUR/PATNA: शहीद खुदीराम बोस सेंट्रल जेल से एक महिला बंदी ने पीएम नरेंद्र मोदी को लेटर भेजकर खलबली मचा दी है। लेटर में महिला ने लिखा है कि जेल में महिला बंदियों को शारीरिक संबंध बनाने के लिए मजबूर किया जाता है। पदाधिकारियों व राइटर (बंदी) के साथ संबंध नहीं बनाने पर महिला बंदी पर अत्याचार किया जाता है। जबकि जो महिला बंदी सरेंडर कर देतीं उन्हें मोबाइल से बात करने समेत अन्य कई तरह की सुविधाएं दी जाती हैं। महिला बंदी के इस लेटर पर प्रधानमंत्री कार्यालय हरकत में आ गया है। सेक्शन पदाधिकारी जितेंद्र कुमार मंडल ने राज्य के मुख्य सचिव और डीएम से मामले की रिपोर्ट मांगी है। इस आलोक में मुजफ्फरपुर के डीएम आलोक रंजन घोष ने 5 सदस्यीय जांच टीम का गठन किया है। टीम को एक सप्ताह में रिपोर्ट देने को कहा गया है।

महिला को बाहर भेजा जाता है

पत्र में महिला बंदी ने कहा कि राइटर को खुली छूट दे दी गई है। वे देर रात महिला खंड में आते हैं। सभी कैदियों को शाम छह बजे ही अंदर कर दिया जाता। लेकिन राइटर को देर रात तक बाहर रहने की छूट दे दी जाती है। उनके साथ महिला बंदी को देर रात बाहर भेज दिया जाता। इसके बाद राइटर और जेल अधिकारी द्वारा उसका शारीरिक शोषण किया जाता है।

जांच टीम में ये हैं शामिल

डीएम ने जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (आइसीडीएस) ललिता सिंह की अध्यक्षता में जांच टीम बनाई है। उनके अलावा टीम में मुशहरी ग्रामीण की सीडीपीओ मंजू कुमारी, महिला विकास निगम के जिला परियोजना प्रबंधक मो। गौस अली, वरीय उपसमाहर्ता प्रतिभा सिन्हा व महिला हेल्पलाइन की परामर्शी पूर्णिमा कुमारी शामिल हैं। डीएम ने महिला बंदी के पत्र में अंकित तथ्यों पर बिंदुवार जांच करने को कहा है। महिला बंदी का भी अलग से बयान लेने को कहा गया है।

विरोध करने पर होती है पिटाई

बेटी के साथ जेल में बंद महिला बंदी के अनुसार पदाधिकारियों व राइटर के साथ संबंध बनाने का विरोध करने पर खाना बंद कर दिया जाता। आरोप लगाकर पिटवाया जाता है। जेल की 3 महिला सिपाहियों के नाम का जिक्र करते हुए कहा गया है कि ये ही दबाव डालती हैं। 4 मार्च को एक महिला सिपाही ने उसकी बेटी को जेल के पदाधिकारी के साथ संबंध बनाने का दबाव डाला। विरोध करने पर इतनी पिटाई की गई कि वह बेहोश हो गई।

मुजफ्फरपुर पहले ही शर्मसार

महिला बंदी की शिकायत में अगर थोड़ी भी सच्चाई निकली तो जिले के लिए यह एक और शर्मनाक घटना होगी। क्योंकि, बालिका गृह में संवासिनों के साथ यौन उत्पीड़न की घटना ने देश-विदेश तक जिले की छवि को तार-तार कर दिया है।

इनके पास भेजा लेटर

-प्रधानमंत्री।

-मुख्यमंत्री।

-महिला आयोग।

-राज्य के मुख्य सचिव।

-जेल आइजी।

inextlive from Patna News Desk


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