लेफ्टिनेंट कर्नल समेत पांच गए जेल

2014-04-08T07:00:01+05:30

-जोशीमठ में बीआरओ के तहत बनाई गई थी सड़क

-निर्माण में घटिया सामग्री इस्तेमाल करने का आरोप

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DEHRADUN : जनपद चमोली के जोशीमठ में सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के तहत बनाई गई रोड में घटिया सामग्री उपयोग करने के प्रकरण में लेफ्टिनेंट कर्नल समेत पांच आरोपियों को सीबीआई कोर्ट ने जेल भेज दिया है। वर्ष ख्008 में सामने आए इस घोटाले में पांच ऑफिसर्स ने सीबीआई कोर्ट में सरेंडर किया था। सीबीआई ने घोटाले में जांच के बाद आठ आरोपियों पर चार्जशीट दाखिल की थी। पांच को जेल भेजे जाने के बाद तीन आरोपी अभी भी फरार हैं। घटिया सामग्री के प्रयोग के चलते सरकार को करीब एक करोड़ रुपए का नुकसान हुआ था।

वर्ष ख्008 का है मामला

सीबीआई के मुताबिक, फ्क् दिसंबर ख्007 को सेना मुख्यालय के योजनागत निर्णय के तहत जोशीमठ-मलारी रोड का चौड़ीकरण किया जाना था। मंजूरी मिलने के बाद काम भी शुरू हो गया। माल की सप्लाई का ठेका मैसर्स हिलवेज कंस्ट्रक्शन कंपनी को दिया गया था। संविदा की शर्तो के अंतर्गत सप्लाई माल को लेबोरेट्री की जांच रिपोर्ट के बाद मंजूर किया जाना था। माल भेजने के दौरान कंपनी द्वारा हर सप्लाई के साथ मुनिकीरेती स्थित पीडब्लूडी लेबोरेट्री की रिपोर्ट दाखिल की गई। सप्लाई किए माल की जांच इंजीनियर इंचार्ज प्रेमनारायण द्वारा आरसीसी हॉटमिक्स प्लांट साइंस पर कराया जाना दिखाया गया। इस दौरान सीबीआई को शिकायत मिली की सड़क निर्माण में घटिया सामग्री इस्तेमाल की जा रही है।

जांच में आया सच सामने

सीबीआई द्वारा की गई गोपनीय जांच में पता चला कि सड़क निर्माण का इस्टीमेट बढ़ाकर दिखाया गया है और जो पत्थर ज्वालापुर हरिद्वार से मंगाया जाना दिखाया गया, वह हरिद्वार का नहीं है। पत्थर आसपास की किसी खदान से लिया जा रहा था। सप्लाई माल के संबंध में जो रिपोर्ट मुनिकीरेती लेबोरेट्री द्वारा दी थी, वह भी फर्जी निकली। इतना ही नहीं, इंजीनियर इंचार्ज प्रेमनारायण ने जो रिपोर्ट हिलवेज कंपनी को डिस्पैच किए थे वह तक फर्जी निकले। सीबीआई ने आईआईटी रुड़की व दून के वाडिया इंस्टीट्यूट से निर्माण कार्य में यूज किए गए माल की जांच कराई तो पता चला कि निर्माण सामग्री बेहद ही घटिया किस्म की थी।

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दाखिल हुई थी चार्जशीट

मामले में सीबीआई ने बीआरओ के ऑफिसर्स के साथ ही निर्माण से जुड़ी विभिन्न कंपनियों के आठ अफसरों पर चार्जशीट दाखिल की थी। इनमें लेफ्टिनेंट कर्नल शैलेंद्र ग्रोवर भी शामिल थे। गिरफ्तारी का दबाव बनता देख पांच आरोपियों ने सीबीआई कोर्ट में समर्पण कर दिया। आरोपियों ने खुद को बेगुनाह बताते हुए बेल अप्लीकेशन भी दाखिल की जिसे कोर्ट बचाव पक्ष द्वारा दिए तर्को को नामंजूर करके आरोपियों की बेल अप्लीकेशन कैंसिल करते हुए सभी को जेल भेजने के आदेश दिए।

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तीन की चल रही है तलाश

आरोपी लेफ्टिनेंट कर्नल शैलेंद्र ग्रोवर निवासी सूर्यनगर गाजियाबाद, जेएंडके प्रोजेक्ट के जीआरइएफ भगवत प्रसाद निवासी रायपुर नत्थनपुर देहरादून, टास्क फोर्स प्रोजेक्ट स्वास्तिक सिक्किम के इंजीनियर इंचार्ज प्रेमनारायण निवासी उदितपुर लोक विद्यापत नगर महाराजगंज यूपी, आरसीसी प्रोजेक्ट सिक्किम के अधिकारी सुभाष चंद्र निवासी जयराजपुर आजमगढ़ यूपी, कांट्रेक्टर सुरेंद्र कुमार निवासी ग्राम गदरहेडी थाना सरसावा जनपद सहारनपुर यूपी है। वहीं मामले में फरार चल रहे तीन को तलाशने के लिए सीबीआई लगातार प्रयास कर रही है।

inextlive from Dehradun News Desk


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