इमारतों के शहर में एक भी लिफ्ट नहीं

2019-05-25T06:00:10+05:30

- लिफ्ट लगवाने से पहले उसका रजिस्ट्रेशन जरूरी, लेकिन पांच साल में एक भी लिफ्ट नहीं हुई रजिस्टर्ड

- लिफ्ट लगने के बाद निरीक्षण जरूरी, लेकिन इलेक्ट्रिकल एंड सेफ्टी विभाग ने दस साल में एक जांच की

बरेली : क्या आप जानते हैं कि शहर की जिन इमारतों में आप लिफ्ट का यूज करते हैं, वे कितनी सुरक्षित हैं? क्या आप यह भी जानते हैं कि इन इमारतों के ओनर उनके यहां लगी लिफ्ट के रखरखाव और इनसे जुड़े नियमों के प्रति कितने गंभीर हैं? अगर नहीं तो यह खबर आपके काम की है। आपको यह जानकर हैरत होगी कि शहर की इमारतों में लगीं लिफ्ट की समय-समय पर जांच करने का जिम्मा जिस इलेक्ट्रिकल एंड सेफ्टी विभाग को दिया गया है, उसने पिछले दस सालों में सिर्फ एक लिफ्ट की गुणवत्ता जांचने के लिए उसका निरीक्षण किया था। साथ ही लोग अपने यहां लिफ्ट लगवाते रहे, लेकिन उसका रजिस्ट्रेशन तक नहीं कराया। पांच साल पहले एक लिफ्ट का रजिस्ट्रेशन हुआ था। ऐसा इसलिए है क्योंकि लोगों को इस बारे में कोई जानकरी ही नहीं है। और इस संबंध में लोगों को जागरूक करने के लिए विभाग ने जहमत तक नहीं उठाई। नियम के तहत लिफ्ट लगवाने से पहले उसका रजिस्ट्रेशन जरूरी है और इसे हर साल रिन्यू कराना होता है। हर साल शहर में 30 से 35 लिफ्ट शहर में लगती हैं।

10 सालों में एक भी रजिस्ट्रेशन रिन्यू नहीं

हर साल करीब 15 से 20 लिफ्ट शहर में लगती हैं, लेकिन पिछले पांच साल के दौरान किसी ने अपने यहां लगी लिफ्ट का रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी नहीं समझा। और दस वर्षो से किसी ने रजिस्ट्रेशन का रिन्यूअल तक नहीं कराया। यहां चौंकाने वाली बात यह है कि इलेक्ट्रिकल सेफ्टी विभाग ने इन लिफ्ट का निरीक्षण करना भी जरूरी नहीं समझा। जबकि नियम के तहत बिल्डिंग बनकर तैयार होने के बाद विभाग को वहां लगी लिफ्ट निरीक्षण करना जरूरी होता है। निरीक्षण के दौरान अगर लिफ्ट में कोई कमी पाई जाती है तो विभाग उसके इस्तेमाल को रोक लगा सकता है।

क्या 5 साल में लगी सिर्फ एक लिफ्ट

2013 में रामपुर गार्डन में बने एक अस्पताल के ओनर ने विभाग के पास लिफ्ट की परमिशन और रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन किया था। इसके बाद विभाग ने मौका मुआयना कर लिफ्ट की अनुमति दी थी। इसके बाद एक बार भी विभाग ने शहर में लगी लिफ्ट की क्वालिटी जांचने की जहमत तक नहीं उठाई। विभाग अपने काम को लेकर कितना गंभीर है इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि उसके पास शहर में लगी लिफ्ट का कोई डाटा ही नहीं है।

क्या है नियम

अगर कोई बिल्डिंग में लिफ्ट लगवाता है तो उसे इलेक्ट्रिकल एंड सेफ्टी विभाग से परमीशन और रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी है। बिना परमीशन के लिफ्ट नहीं लगा सकते हैं।

जुर्माने का प्रावधान

अगर किसी बिल्डिंग में लगी लिफ्ट की हालत जर्जर है तो विभाग फौरन इसको बंद करवा सकता है। और अगर रजिस्ट्रेशन रिन्यू नहीं कराया है तो ओनर से जुर्माने वसूलने का प्रावधान है।

वर्जन

शहर में कितनी लिफ्ट लगी हैं इसका डाटा हमारे पास नहीं है। पांच साल पहले एक डॉक्टर ने लिफ्ट के लिए आवेदन किया था। जल्द अभियान चलाकर गुणवत्ता की जांच की जाएगी।

ओमप्रकाश, डिप्टी डायरेक्टर, इलेक्ट्रिकल सेफ्टी विभाग।

लिफ्ट लगे कई साल बीत गए हैं। किस विभाग से रिन्यूवल लेना है, इस संबंध में कोई जानकारी ही नहीं है।

संजय टंडन, मैनेजर, रोटरी क्लब ऑफ बरेली साउथ।

कई बार लिफ्ट में खराबी आई तो इसको बंद करने का नोटिस लगाकर दुरुस्त कराया गया। लेकिन इलेक्ट्रिकल सेफ्टी विभाग से कभी कोई जांच के लिए नहीं आया।

डॉ। ब्रजेश्वर सिंह, सिद्धि विनायक हॉस्पिटल।

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