रांची में 1500 से ज्यादा मोस्ट सेंसिटिव बूथ

2019-03-11T10:31:22+05:30

लोकसभा चुनाव में रांची के 1500 से अधिक बूथ अतिसंवेदनशील कैटेगरी में माने जा रहे हैं

ranchi@inext.co.in
RANCHI: लोकसभा चुनाव में रांची के 1500 से अधिक बूथ अतिसंवेदनशील कैटेगरी में माने जा रहे हैं. इनके अलावा करीब 500 से अधिक बूथ संवेदनशील हो सकते हैं. रांची पुलिस मोस्ट सेंसिटिव और सेंसिटीव बूथों की लिस्ट तैयार कर रही है जिसे जल्द ही जारी कर दिया जाएगा. इसके बाद फोर्स डेप्यूटेशन के लिए प्रयास तेज किए जाएंगे. विदित हो कि वर्ष 2014 में रांची जिले में 1576 बूथों को अति संवेदनशील की श्रेणी में रखा गया. शांतिपूर्ण व निष्पक्ष चुनाव संपन्न कराने के लिए आयोग से अकेले रांची जिले के लिए 50 कंपनी पारा मिलिट्री फोर्स की डिमांड की गई थी.

एक बिल्डिंग में होंगे कई बूथ
विदित हो कि लोकसभा चुनाव में एक बिल्डिंग में तीन से चार बूथ बनाए जाते हैं. इसलिए एक बिल्डिंग के हिसाब से एक-चार की सुरक्षा व्यवस्था मांगी जाती है. पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों में पारा मिलिट्री फोर्स की तैनाती की मांग की है. विगत चुनाव में रांची जिले में 39 भवनों में 136 सामान्य बूथ बनाए गए थे जबकि 1050 बिल्डिंग में 1576 अति संवेदनशील बूथ थे. 272 बिल्डिंग में 579 संवेदनशील बूथ स्थापित किए गए थे. माना जा रहा है कि कमोबेश इस बार भी स्थिति वैसी ही रहेगी, लेकिन बूथों की संख्या बढ़ाए जाने के कारण संभव है कि मोस्ट सेंसिटिव और सेंसिटिव बूथों की संख्या में वृद्धि होगी. एक बिल्डिंग में कई बूथ होने के कारण सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करने की जरूरत है.

अति संवेदनशील बूथों पर सीआरपीएफ
एसएसपी अनीश गुप्ता ने कहा कि अति संवेदनशील बूथों पर सिर्फ सीआरपीएफ के जवान तैनात किए जाएंगे. उन्होंने कहा कि रांची जिले में चुनाव कराने के लिए विगत चुनाव में 50 कंपनी पारा मिलिट्री फोर्स की मांग की गई थी. इस बार इसमें कुछ इजाफा किया जा सकता है.

नक्सली हिंसा ने खूंटी को बनाया खतरनाक
केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा पिछले लोकसभा चुनाव में नक्सली हिंसा की आशंका के मद्देनजर झारखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ समेत नौ राज्यों के 79 नक्सल प्रभावित जिलों की जारी सूची में खूंटी को देश में सबसे खतरनाक बताया गया है. छत्तीसगढ़ के बस्तर को दूसरे और गुमला को तीसरे स्थान पर रखा है. झारखंड के 11 जिलों को अंतिसंवेदनशील माना जाता है.

क्या-क्या होंगी व्यवस्थाएं

-सुरक्षा बलों के बीच संवाद स्थापित करने के लिए कम्यूनिकेशन ग्रिड स्थापित किया जाएगा. राज्य स्तर पर संबंधित अधिकारियों की सुरक्षा संबंधी मुद्दों पर बैठक होगी.

-राज्य पुलिस व केंद्रीय बल चुनाव से पहले नक्सलियों के विरुद्ध अभियान चलाए जाएंगे.

अभियान चलाने की तैयारी
लोकसभा चुनाव में सबसे अधिक सुरक्षा बल झारखंड में तैनात किए गए थे. नक्सल प्रभावित इलाकों में राज्य पुलिस और केंद्रीय बल मिलकर लगातार अभियान चलाने की तैयारी में हैं.

चुनाव में नक्सलियों को हावी नहीं होने दिया जाएगा. पूर्व के अनुभवों को ध्यान में रखकर शांतिपूर्ण चुनाव की तैयारी की जा रही है.
आशीष बत्रा, आईजी ऑपरेशन सह पुलिस प्रवक्ता


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