लोकसभा चुनाव किसी का बेटा किसी का भतीजा यूपी की पालिटिक्स में इन बड़ों के बच्चों की इंट्री

2019-03-14T09:54:21+05:30

लोकसभा चुनाव के आगाज के साथ राजनीति में नये चेहरों की पौध भी लहलहाने लगी है।

- सीख रहे पालिटिक्स का ककहरा, आगे होगा इनका जलवा
- यूपी की पालिटिक्स में नेता, ब्यूरोक्रेट्स के बच्चों की इंट्री
- इस चुनाव में सीखेंगे राजनीति के दांव पेंच, बढ़ाएंगे अनुभव
- कई नये चेहरे चुनाव में टिकट पाने का भी कर रहे जतन
ashok.mishra@inext.co.in
LUCKNOW: लोकसभा चुनाव के आगाज के साथ राजनीति में नये चेहरों की पौध भी लहलहाने लगी है। आमतौर पर चुनाव के वक्त नेता और ब्यूरोक्रेट्स अपने बच्चों को कुछ इस तरह प्रोजेक्ट करते हैं जिससे उनको सियासत में आने में ज्यादा मशक्कत का सामना न करना पड़े। राजनीति में इस तरह उनके बच्चों के आने का यह सिलसिला यूं तो बरसों पुराना है और जल्द ही वे अपनी जड़ें जमाने में भी सफल साबित हो जाते है। यह बात दीगर है कि जब मामला देश की सत्ता हासिल करने से जुड़ा हो तो उनको भी आसानी से टिकट नहीं मिल पाता है। हालांकि इस जोर-आजमाइश में राजनीति में उनके पर्दापण का मकसद सफल हो जाता है। आइए आपको बताते हैं कुछ ऐसे ही चेहरों के बारे में जो वर्तमान में राजनीति का ककहरा सीख रहे हैं और आने वाले वक्त में सियासत में उनकी मजबूत दखल देखने को मिलेगी।
आकाश
बसपा सुप्रीमो मायावती का भतीजा आकाश इन दिनों यूपी की सियासत में उभरता हुआ चेहरा है। अपनी बुआ के साथ राजनीतिक मंचों पर नजर आने वाले आकाश फिलहाल सियासत के दांव-पेंच सीख रहे हैं। लंदन से एमबीए कर चुके आकाश फिलहाल पार्टी का कामकाज देखते हैं और बसपा को सोशल मीडिया पर लाने का श्रेय उनको दिया जाता है। आगामी चुनावों में आकाश भी चुनाव में अपनी किस्मत आजमा सकते हैं।

नीरज सिंह

केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह के पुत्र नीरज सिंह भी आजकल राजनीति में अपना दखल बढ़ा रहे हैं। नीरज के बड़े भाई पंकज नोएडा से भाजपा विधायक हैं। नीरज इंजीनियरिंग करने के अलावा लंदन से एमबीए की पढ़ाई भी कर चुके हैं और अक्सर अपने पिता और भाई के कामों में सहयोग करते देखे जाते हैं। प्रदेश के कई जिलों में उनके दौरों से साफ पता चलता है कि वे भी जल्द चुनावी राजनीति में इंट्री करेंगे।

तनुज पुनिया

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और यूपी के पूर्व मुख्य सचिव पीएल पुनिया के पुत्र तनुज पुनिया पिछली बार बाराबंकी के जैदपुर से विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं हालांकि उनको पहले की चुनाव में हार का सामना करना पड़ गया था। प्राचीन भारतीय इतिहास में लखनऊ यूनिवर्सिटी से पीएचडी कर  चुके हैं। इस चुनाव में वे बाराबंकी में लगातार सक्रिय हैं और अगर कांग्रेस उनको टिकट देती है तो कोई हैरत की बात नहीं होगी।

साकेत मिश्रा

भारत सरकार में कैबिनेट सेक्रेट्री नृपेंद्र मिश्रा के पुत्र साकेत मिश्रा की भाजपा के टिकट पर श्रावस्ती से चुनाव लडऩे की चर्चा जोरों पर है। इकोनॉमिक्स में ग्रेजुएट साकेत मिश्रा ने आईआईएम कलकत्ता से एमबीए किया है। वर्ष 1994 में आईपीएस की नौकरी छोड़कर वे बीते 16 साल तक कई अंतरराष्ट्रीय बैंकों में अच्छे पदों पर रह चुके हैं। साकेत लगातार श्रावस्ती लोकसभा क्षेत्र में भ्रमण कर अपना जनाधार मजबूत कर रहे है।
अमित मिश्रा
पूर्व केंद्रीय मंत्री कलराज मिश्रा के पुत्र अमित मिश्रा वर्ष 2017 में हुए विधानसभा चुनाव में टिकट के लिए जोर-आजमाइश कर चुके हैं। इस बार देवरिया से उनको टिकट दिलाने के लिए लामबंदी जारी है। अमित को फिलहाल संगठन का काम सौंपा गया है पर वे पार्टी के अभियानों में भी सक्रियता से हिस्सा ले रहे हैं।

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