लोकसभा चुनाव के पांचवें चरण में यूपी की 14 लोकसभा सीटों पर मतदान होना है। मतदान सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक चलेगा। इसमें लखनऊ रायबरेली अमेठी जैसी सीटों पर नामी चेहराें के बीच टक्कर है। दो सीटों पर तो केंद्रीय मंत्री भी चुनाव लड़ रहे हैं।


कानपुर।  17वीं लोकसभा चुनाव के पांचवे चरण में यूपी की 14 लोकसभा सीटें धौरहरा, सीतापुर, मोहनलालगंज, लखनऊ, रायबरेली, अमेठी, बांदा, फतेहपुर, कौशाम्बी, बाराबंकी, फैजाबाद, बहराइच, कैसरगंज अाैर गोंडा में मतदान होंगे। मतदान सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक चलेगा। वैसे तो हर सीट पर मुकाबला काफी रोमांचक है लेकिन इनमें लखनऊ, रायबरेली, अमेठी सीटों पर मुकाबला काफी रोमांचक है। इन सीटों पर केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, सोनिया गांधी और राहुल गांधी जैसे चेहरे उतरे हैं। लखनऊ - लोकसभा क्षेत्र


लखनऊ, भारत के सबसे ज्यादा आबादी वाले राज्य उत्तर प्रदेश की राजधानी है। लखनऊ शहर अपनी खास नज़ाकत और तहजीब वाली बहुसांस्कृतिक खूबी, दशहरी आम के बाग़ों और चिकन की कढ़ाई के काम के लिये जाना जाता है। गोमती नदी के किनारे बसा यह इलाका नवाबों के शहर के रूप में भी जाना जाता है। लखनऊ में 6 विश्वविद्यालय हैं, लखनऊ विश्वविद्यालय, उत्तर प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय(यूपीटीयू), राममनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय(लोहिया लॉ विवि), बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय, एमिटी विश्वविद्यालय एंव इंटीग्रल विश्वविद्यालय। यहां की बिरयानी, कबाब, कोरमा, नाहरी कुल्चे, शीरमाल, ज़र्दा, रुमाली रोटी और वर्की परांठा काफी प्रसिद्ध हैं। बड़ा इमामबाड़ा, छोटा इमामबाड़ा, छतर मंजिल, घंटाघर, रूमी गेट यहां के प्रमुख पर्यटन स्थल हैं। दिल्ली से लखनऊ की दूरी 554.7 किलोमीटर है। वहीं यूपी की राजधानी लखनऊ लोकसभा सीट पर बीजेपी ने जहां दोबारा राजनाथ सिंह को टिकट दिया तो वहीं कांग्रेस ने उनके मुकाबले में आचार्य प्रमोद कृष्णम को मजबूत प्रत्याशी मानते हुए उतारा है। वहीं महागठबंधन ने भी पूनम शत्रुघ्न सिन्हा (सपा) को टिकट देकर सबको चौंका दिया। अमेठी - लोकसभा क्षेत्र

अमेठी, उत्तर प्रदेश का प्रमुख शहर और राजनीतिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण लोकसभा क्षेत्र है। इसे बसपा सरकार द्वारा आधिकारिक तौर पर 1 जुलाई 2010 को अस्तित्व में लाया गया था। गौरीगंज शहर अमेठी जिले का मुख्यालय है। शुरुआत में इसका नाम छत्रपति साहूजी महाराज नगर था बाद में बदलकर इसका नाम अमेठी कर दिया गया है। यह भारत के गांधी परिवार की कर्मभूमि है। पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरु उनके पोते संजय गांधी, राजीव गांधी और उनकी पत्नी सोनिया गांधी ने इस जिले का प्रतिनिधित्व किया है। देवी पाटन धाम, हिन्दू धार्मिक मंदिर, उल्टा गढ़ा (हनुमान मंदिर), हनुमान गढ़ी मंदिर, सती महरानी मंदिर और मालिक मोहम्मद जायसी की मस्जिद यहां के प्रमुख धार्मिक स्थल हैं। दिल्ली से अमेठी की दूरी करीब 681.0 किलोमीटर है। अमेठी में भी मुकाबला काफी रोमांचक है। यहां पिछले चुनाव में अमेठी सीट पर राहुल गांधी को टक्कर देने वाली बीजेपी की प्रत्याशी स्मृति ईरानी इस बार फिर से दावेदार हैं। स्मृति ईरानी इस बार कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती है। डोंट वरी, इन 11 डाॅक्यूमेंट से भी डाल सकते हैं वोटलोकसभा चुनाव 2019: महिलाएं बेफिक्र होकर करेंगी वोट, बूथ पर ये सरकारी कर्मी लेंगे बच्चों को गोदफतेहपुर - लोकसभा क्षेत्र

कांग्रेस को राष्ट्रीय राजनीति में पटखनी देने वाले पूर्व प्रधानमंत्री विश्वनाथ प्रताप सिंह फतेहपुर लोकसभा से ही वर्ष 1989 में जीते थे। जब वह तिंदवारी विधानसभा जीतकर मुख्यमंत्री बने, तब वह सीट इसी संसदीय क्षेत्र का हिस्सा थी। गंगा के किनारे बसे इस शहर की संसदीय क्षेत्र में हमेशा कांग्रेस काबिज रही। पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के पुत्र हरिकिशन शास्त्री यहां से दो बार सांसद रहे हैं। वर्ष 1989 के बाद से यहां सपा और बसपा में लड़ाई होती रही है। भाजपा को 2014 के अलावा 1993 में रामलहर के दौरान यहां सफलता मिली थी। वहीं फतेहपुर सीट पर भी मुकाबला काफी रोमांचक है। यहां बीजेपी की ओर से साध्वी निरंजन ज्योति तो कांग्रेस की ओर से राकेश सचान चुनावी मैदान में उतरे हैं। वहीं महागठबंधन की ओर से सुखदेव प्रसाद (बसपा) ताल ठोक रहे हैं।

Posted By: Shweta Mishra