लोकसभा चुनाव 2019 VVIP को खतरा इन लोगों पर पुलिस का बढ़ेगा पहरा

2019-03-17T11:06:23+05:30

पुलवामा आतंकी हमले के बाद लोकसभा चुनाव में वीवीआईपी मूवमेंट पुलिस के लिए चुनौती बन गया है

- चुनावी रैलियों में वीवीआईपी की सिक्योरिटी को लेकर पुलिस सतर्क

- आईईडी से लेकर असलहों तक की चेकिंग को मंगाए हाईटेक उपकरण

- मोदी, योगी, शाह के अलावा गांधी परिवार और स्टार प्रचारक पर नजर

घेराबंदी

गाडि़यां बुलेटप्रूफ कराने के लिए भेजी

बम डिस्पोजल स्क्वॉयड, एंटी सबोटॉज टीमों और डॉग स्क्वॉयड की तैनाती

हर जिले में डॉग स्क्वॉयड की व्यवस्था

डीप स्कैनर मेटल डिटेक्टर मंगाने की व्यवस्था

चुनाव के मद्देनजर यूपी पुलिस के तमाम कर्मचारियों को खास ट्रेनिंग

ashok.mishra@inext.co.in
LUCKNOW: पुलवामा आतंकी हमले के बाद लोकसभा चुनाव में वीवीआईपी मूवमेंट पुलिस के लिए चुनौती बन गया है. पीएम मोदी, सीएम योगी के अलावा गांधी परिवार की सुरक्षा को लेकर यूपी पुलिस ने अपने बंदोबस्त शुरू कर दिए हैं. सुरक्षा एजेंसियों की नजरें भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के चुनावी दौरों पर भी हैं. उनके यूपी में आने पर भी एडवांस सिक्योरिटी लाइजनिंग के पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे. इसके अलावा कड़े घेरे में रहने वाले सूबे के सभी 64 माननीयों की सुरक्षा में लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश जारी किए गये हैं. जल्द ही इस बाबत आईबी और एसपीजी की ओर से अतिरिक्त दिशा-निर्देश भी आने वाले हैं.

हाईटेक उपकरण मंगाए
वीवीआईपी सिक्योरिटी को ध्यान में रखते हुए तमाम हाईटेक उपकरण भी मंगाए जा चुके हैं. करीब दो दर्जन बुलेटप्रूफ गाडि़यां भी जल्द वीवीआईपी सिक्योरिटी के लिए मिलने वाली हैं जिनकी अनुमति हाल ही में राज्य सरकार ने दी थी. ये गाडि़यां बुलेटप्रूफ कराने के लिए भेजी जा चुकी हैं और इनमें से ज्यादातर पीएम के काफिले की है. बम डिस्पोजल स्क्वॉयड, एंटी सबोटॉज टीमों और डॉग स्क्वॉयड की तैनाती की जा रही है. पुलिस अधिकारियों की मानें तो हर जिले में डॉग स्क्वॉयड की व्यवस्था की जा चुकी है.

आईईडी यूज का खतरा
आतंकी संगठनों की ओर से आईईडी के इस्तेमाल का खतरा अधिक है लिहाजा अत्याधुनिक डीप स्कैनर मेटल डिटेक्टर मंगाकर उसे वीवीआईपी की रैलियों आदि में भेजने की तैयारी है. यह जमीन के एक फुट नीचे तक छिपे विस्फोटक का पता लगाने में कारगर हैं. इसके अलावा कई नई टेक्नोलॉजी के डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर भी खरीदे गये हैं जो किसी भी इंसान के शरीर को आठ हिस्सों में बांटते हुए यह बताने में सक्षम होंगे कि उसने हथियार या विस्फोटक किस जगह छिपाया है.

पीएम के लिए तीन गाडि़यां आएंगी पहले
पीएम मोदी की सुरक्षा सुरक्षा एजेंसियों की पहली प्राथमिकता है लिहाजा एसपीजी की गाइडलाइन का पूरी तरह पालन करने को कहा गया है. यह गाइडलाइन पूर्व पीएम राजीव गांधी की हत्या के बाद तैयार की गयी थी. इसके तहत पीएम के यूपी दौरे से पहले उनके काफिले की तीन बुलेटप्रूफ गाडि़यां हवाई जहाज से पहले कार्यक्रम की जगह भेजी जाएंगी. स्थानीय डीएम और एसपी की अगुवाई में ही एडवांस सिक्योरिटी लाइजनिंग के साथ पीएम की वापसी की मॉनिटरिंग की जाएगी. यह भी तय किया जा चुका है पीएम समेत सभी वीवीआईपी का प्रोग्राम आते ही फोर्स का मूवमेंट किया जाएगा और जहां भी उनको जाना है, उस एरिया को कई दिन पहले से कवर कर लिया जाएगा. दरअसल इसका सबक पटना के गांधी मैदान में कुछ साल पहले मोदी की रैली में हुए बम धमाकों से लिया गया है. इसमें सामने आया था कि लापरवाही बरतने की वजह से आईएम आतंकी आईईडी प्लांट करने में सफल रहे थे. यह भी तय हुआ है कि वीवीआईपी सिक्योरिटी वाले नेताओं के मंच, बैरीकेडिंग आदि की व्यवस्था पहले की तरह प्रशासन द्वारा ही की जाएगी पर उसका पूरा खर्च संबंधित पार्टी को देना होगा.

बॉक्स

खास ट्रेनिंग दी गयी

लोकसभा चुनाव के मद्देनजर यूपी पुलिस के तमाम कर्मचारियों को खास ट्रेनिंग दी गयी है. करीब 35 दिन की यह ट्रेनिंग वीवीआईपी सिक्योरिटी का बंदोबस्त देखने वाले हर अधिकारी और कर्मचारी को दी गयी है जिसमें जिला पुलिस के भी चुनिंदा कर्मचारी शामिल किए गये थे. वहीं सीएम योगी के सुरक्षा दस्ते के सारे कर्मचारियों को भी इसका हिस्सा बनाया गया था. इसके बाद सीएम की सुरक्षा में तमाम बदलाव भी किए गये हैं.

स्टार प्रचारकों का भी ध्यान
अधिकारियों की मानें तो चुनाव में स्टार प्रचारकों की सुरक्षा का भी खास ध्यान रखने के निर्देश दिए गये हैं. यूपी पुलिस के पास तमाम राज्यों के उन नेताओं की सूची है जो बतौर स्टार प्रचारक चुनाव में आएंगे. उनको जिस श्रेणी की सुरक्षा मिली है, उसके मुताबिक ही यहां भी इंतजाम किया जाएगा.

वीसी में बताया, क्या करना है
हाल ही में केंद्रीय एजेंसियों आईबी, एसपीजी के साथ यूपी पुलिस की सुरक्षा एजेंसियों के प्रमुखों की वीडियो कांफ्रेंसिंग हुई थी जिसमें उनको बताया कि चुनाव में वीवीआईपी मूवमेंट के दौरान उनको किन बातों का ध्यान रखना है. किस तरह रैली स्थल पर बने मंच पर बिना पहचान के व्यक्ति को आने से रोकना है और किसी अवांछित तत्व के आने पर उस पर कैसे काबू पाना है.

यूपी के इतने माननीयों की सुरक्षा रहेगी सख्त

जेड प्लस - 9

जेड - 12

वाई प्लस विद स्क्वॉयड - 2

वाई विद स्क्वॉयड - 4

वाई प्लस - 2

वाई- 19

एक्स - 16

(इसके अलावा पीएम मोदी, गांधी परिवार के तीन सदस्यों और पूर्व प्रधानमंत्रियों को एसपीजी सिक्योरिटी कवर दिया जाएगा)

चुनाव में वीवीआईपी की सिक्योरिटी का खास ध्यान रखने के लिए तमाम तैयारियां की गयी हैं. साथ ही अन्य प्रदेशों से आने वाले स्टार प्रचारकों की सुरक्षा भी हमारी प्राथमिकता है. इसके लिए तमाम अत्याधुनिक उपकरण मंगाने के साथ पुलिसकर्मियों को खास ट्रेनिंग भी दी गयी है.

विजय कुमार, एडीजी सुरक्षा


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