लोकसभा चुनाव 2019 मायावती बोलीं सात सीट छोड़ने की नहीं जरूरत कांग्रेस न फैलाए कंफ्यूजन

2019-03-19T09:00:32+05:30

कांग्रेस का सात सीटें छोड़ने का ऑफर बसपा सुप्रीमो मायावती और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को रास नहीं आया है

- गठबंधन के प्रमुख नेताओं के लिए सात सीटें छोड़ रही है कांग्रेस

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LUCKNOW: गठबंधन के प्रमुख नेताओं के लिए सात सीटें छोड़ने का कांग्रेस का ऑफर बसपा सुप्रीमो मायावती और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को रास नहीं आया है. मायावती ने इस पर गहरी नाराजगी जताते हुए कांग्रेस को चुनौती दी कि वह सभी 80 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतार सकती है. वहीं मायावती के इस बयान के बाद अखिलेश ने भी कांग्रेस को कंफ्यूजन न फैलाने की हिदायत दे डाली. ध्यान रहे कि सपा-बसपा गठबंधन के ऐलान के वक्त कांग्रेस के लिए रायबरेली और अमेठी सीट छोड़ने की घोषणा की गयी थी. इसके जवाब में कांग्रेस ने रविवार को गठबंधन के लिए सात सीटें छोड़ने का ऑफर दिया था.

नहीं है कोई तालमेल
बसपा साफ तौर पर स्पष्ट कर देना चाहती है कि यूपी सहित पूरे देश में कांग्रेस पार्टी से हमारा कोई भी किसी भी प्रकार का तालमेल व गठबंधन आदि बिल्कुल भी नहीं है. हमारे लोग कांग्रेस पार्टी द्वारा आए-दिन फैलाए जा रहे किस्म-किस्म के भ्रम में कतई न आएं. कांग्रेस यूपी में भी पूरी तरह स्वतंत्र है कि वह यहां की सभी 80 सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़ा करके अकेले चुनाव लड़े अर्थात हमारा यहां बना गठबंधन अकेले बीजेपी को पराजित करने में पूरी तरह से सक्षम है. कांग्रेस जबर्दस्ती यूपी में गठबंधन के लिए सात सीटें छोड़ने की भ्रांति न फैलाये. मायावती द्वारा इस बाबत यह ट्वीट किये जाने के बाद सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव भी मैदान में आ गये और उन्होंने मायावती के इस ट्वीट को रिट्वीट करते हुए लिखा कि यूपी में एसपी, बीएसपी और आरएलडी का गठबंधन भाजपा को हराने में सक्षम है. कांग्रेस पार्टी किसी तरह का कंफ्यूजन न पैदा करे.


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