लोकसभा चुनाव 2019 माननीयों ने नहीं रखा आचार संहिता का ख्याल

2019-04-16T11:24:52+05:30

भाजपा-बसपा समेत ज्यादातर प्रत्याशियों पर दर्ज हुए मुकदमे

लोकसभा चुनाव के दौरान मेरठ में 18 मुकदमे हुए हैं दर्ज

MEERUT : मनसा, वाचा, कर्मणा से जिस आचार-विचार का पालन किया जाए, उसे आदर्श आचार संहिता कहते हैं। न सिर्फ देश के हर एक नागरिक बल्कि शीर्ष पदों बैठे अधिकारियों-नेताओं की जिम्मेदारी है कि वे आदर्श आचार संहिता का अनुपालन करें। भारत निर्वाचन आयोग ने देश में लोकसभा चुनाव के मद्देनजर 10 मार्च को आदर्श आचार संहिता लागू कर दी थी तो सभी से इसके अनुपालन की अपील भी की थी। मगर आम जनता की तो छोडि़ए यहां तो माननीय भी आदर्श आचार संहिता को तार-तार करने से बाज नहीं आ रहे हैं। लोकसभा चुनाव के दौरान मेरठ में आचार संहिता उल्लंघन के 18 मुकदमे दर्ज किए गए। हैरानी की बात यह है कि भाजपा-बसपा समेत राष्ट्रीय और क्षेत्रीय पार्टियों के प्रत्याशी इन मुकदमों में नामजद हैं।

 

प्रत्याशियों पर दर्ज हुए मुकदमे

मेरठ में लोकसभा चुनाव के दौरान बसपा प्रत्याशी हाजी याकूब पर 21 मार्च को पहला मुकदमा थाना ब्रह्मापुरी में दर्ज कराया गया। बिना अनुमति सभा कराने का आरोप बसपा प्रत्याशी पर लगा। वहीं भाजपा प्रत्याशी राजेंद्र अग्रवाल पर 23 मार्च को बिना अनुमति सभा करने पर थाना नौचंदी में मुकदमा दर्ज किया गया। भीम आर्मी के प्रमुख रावण समेत बसपा नेताओं पर 24 मार्च को थाना परतापुर में मुकदमा दर्ज हुआ, बिना अनुमति आचार संहिता का उल्लंघन और सभा करने का आरोप भीम आर्मी के प्रमुख पर लगा। बसपा प्रत्याशी याकूब के पुत्र भूरा, सपा नेता अतुल प्रधान, बसपा नेता मलूक नागर समेत कई नेताओं पर चुनाव पर रोक के आदेश के प्रचार-प्रसार करने का आरोप है। सभी मुकदमों पर संबंधित विवेचक तैनात कर दिए गए हैं।


आंदोलनकारियों पर भी मुकदमा

18 मार्च को अधिसूचना जारी होने के बाद ही कुछ दिव्यांगो ने चुनाव मैदान में उतरने का ऐलान करते हुए नामांकन फार्म लिया और ऐलान किया कि सैकड़ों की संख्या में दिव्यांग चुनाव मैदान में उतरेंगे। इसी रणनीति की तहत दूसरे दिन नामांकन पत्र लेने पहुंचे दिव्यांगों ने रोके जाने पर बेरीकेडिंग तोड़ दिए। इस सबके बाद पुलिस और आंदोलनकारियों के बीच जमकर झड़प हुई। इस प्रकरण में पुलिस ने 11 नामजद और करीब 20 के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की थी।

 

ये दर्ज हुए हैं मुकदमे

5 मार्च

सरधना थानाक्षेत्र में सोनू और शाहरुख के खिलाफ बिना परमीशन ई-रिक्शा पर लाउडस्पीकर लगाकर रालोद प्रत्याशी का प्रचार-प्रसार करने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया।

 

7 मार्च

लालकुर्ती थानाक्षेत्र में विनोद पुत्र रणवीर पर छोटा हाथी में रखकर भारी मात्रा में चुनाव सामग्री ले जाने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज किया गया।

 

12 मार्च

कंकरखेड़ा थानाक्षेत्र में सावित्री गौतम पर अतुल फार्म हाउस में बिना अनुमति के विभिन्न पार्टियों के नेताओं की सभा बुलाने के आरोप में मुकदमा दर्ज हुआ।

 

19 मार्च

सिविल लाइंस थानाक्षेत्र स्थित कमिश्नरी पार्क में विकास, अभिनव, शुभम, देवेंद्र समेत 11 नामजद और 20 अज्ञात के खिलाफ हंगामा करने और बेरीकेडिंग तोड़कर जबदस्ती कलक्ट्रेट परिसर के दाखिल होने का आरोप है।

 

21 मार्च

बसपा नेता हाजी याकूब पर ब्रह्मापुरी थानाक्षेत्र स्थित होटल जमजम में समर्थकों के साथ मिलकर बिना अनुमति के सभा करने के आरोप में मुकदमा दर्ज हुआ।

 

23 मार्च

भाजपा नेता राजेंद्र अग्रवाल और विवेक रस्तोगी पर थाना नौचंदी में बिना अनुमति जनसभा करने पर मुकदमा दर्ज हुआ।

 

मवाना थानाक्षेत्र में बसपा नेता मलूक नागर और सपा नेता अतुल प्रधान पर बिना अनुमति सभा करने के आरोप में थाना मवाना में मुकदमा दर्ज हुआ।

 

24 मार्च

भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर उर्फ रावण समेत 7 बसपा नेताओं पर परतापुर थानाक्षेत्र स्थित गीता भवन (क्रोम होटल के पास) में समर्थकों के साथ बिना अनुमति सभा की गई। थाना परतापुर में पूर्व अध्यक्षों समेत कई के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ।

 

29 मार्च

आदर्श आचार संहिता के दौरान शहर के कई हिस्सों में भाजपा के स्लोगन और प्रचार-प्रसार लिखे होने पर अज्ञात के खिलाफ थाना मेडिकल में मुकदमा दर्ज।

 

3 अप्रैल

देहली गेट थानाक्षेत्र में खैरनगर चौपले से जली कोठी तक बसपा-कांग्रेस के प्रचार-प्रसार में झंड़े होने पर अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ। इस प्रकरण में आरोपियों को घेरने के लिए पुलिस ने दो मुकदमे दर्ज किए हैं।

 

सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट डालने पर थाना सिविल लाइंस पुलिस ने पूजा बंसल के खिलाफ आईटी एक्ट में मुकदमा दर्ज किया।

 

गोपाल कृष्ण और अक्षय वर्मा ने सिविल लाइंस थानाक्षेत्र के प्रभातनगर में बिना अनुमति के चुनावी पोस्टर बंटवा दिए थे। पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था।

 

4 अप्रैल

गंगानगर थानाक्षेत्र में अकरम पुत्र उम्मेद, मोमीन, कुरबान आदि ने बिना अनुमति के होर्डिग्स-बैनर लगाए थे। आचार संहिता के उल्लंघन पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया।

 

आयोजक गोपाल कृष्ण वर्मा और अक्षय वर्मा ने सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के प्रभात नगर में बिना अनुमति के सड़क पर विजय श्री यज्ञ और भोजन का कार्यक्रम रखा। इस पर मुकदमा दर्ज किया गया।

 

10 अप्रैल

सपा नेता अतुल प्रधान और जगत सिंह पर थाना दौराला में चुनाव प्रचार बंद होने के दौरान बसपा प्रत्याशी के समर्थन में प्रचार-प्रसार करने आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया।

 

कोतवाली थानाक्षेत्र स्थित गुदड़ी बाजार में बसपा प्रत्याशी हाजी याकूब के पुत्र फिरोज उर्फ भूरा, अनस चौधरी एवं 25 अज्ञात पर रोक के बावजूद प्रचार-प्रसार के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया।

 

13 अप्रैल

सिविल लाइंस थानाक्षेत्र स्थित अंबेडकर चौराहे पर बिना अनुमति जुलूस निकालने के आरोप में विकास कुमार, देवेंद्र, प्रवीण कुमार, राहुल गुप्ता समेत 125 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।

 

आदर्श आचार संहिता का अनुपालन न करने पर मेरठ में अब तक 18 मुकदमे दर्ज हुए हैं। विभिन्न थाना क्षेत्रों में दर्ज मुकदमों में विवेचक की नियुक्ति एसएसपी के आदेश पर कर दी गई है। दर्ज मुकदमों पर कानूनन कार्रवाई होगी।

डॉ। संजीव बाजपेयी, एसपी ट्रैफिक/नोडल पुलिस अधिकारी चुनाव

inextlive from Meerut News Desk


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