लोकसभा चुनाव 2019 डीएम न्यायालय कक्ष में होगा नामांकन

2019-03-16T11:00:14+05:30

आयोग के निर्देश पर जिला प्रशासन ने तैयार की रणनीति

राजनैतिक दल का 1 और निर्दलीय के 10 प्रस्तावक कराएंगे नामांकन

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MEERUT : 18 मार्च से आरंभ होने वाली नामांकन प्रक्रिया की तैयारियां जिला प्रशासन ने पूर्ण कर ली हैं। डीएम के निर्देशन में नामांकन प्रक्रिया को पूर्ण किया जाएगा तो वहीं प्रत्याशियों के साथ महज प्रस्तावक ही नामांकन कक्ष में दाखिल हो सकेंगे। 18-25 दिसंबर दोपहर 3 बजे तक नामांकन प्रक्रिया के बाद नामांकन पत्रों की जांच शुरू की जाएगी। कलक्ट्रेट स्थित जिलाधिकारी न्यायालय में नामांकन प्रक्रिया का संचालन किया जाएगा।

 

जरा समझ लें

एडीएम फाइनेंस सुभाष चंद्र प्रजापति ने बताया कि मान्यता प्राप्त राजनैतिक दल के प्रत्याशी को एक प्रस्तावक की आवश्यकता होगी जबकि निर्दलीय प्रत्याशी को नामांकन पत्र दाखिल करने के दौरान 10 प्रस्तावकों की आवश्यकता होगी। नामांकन फीस का एसबीआई बैंक का चालान ट्रेजरी के माध्यम से प्रत्याशी नामांकन पत्र के साथ दाखिल करेगा। आयोग के निर्देश पर एससी/एसटी प्रत्याशी के लिए 12500 रुपये फीस निर्धारित की गई है जबकि सामान्य और पिछड़ा वर्ग के प्रत्याशी को नामांकन फीस के तौर पर 25 हजार रुपये जमा कराने होंगे।

 

राजनैतिक दलों के साथ बैठक आज

एडीएम फाइनेंस ने बताया कि विभिन्न मुद्दों पर शनिवार को राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की जाएगी। पूर्वाह्न 11:30 बजे कलक्ट्रेट स्थिति बचत भवन सभागार में आयोजित बैठक में प्रचार सामग्री की रेट लिस्ट पर चर्चा होगी तो वहीं नॉमिनेशन प्रक्रिया के बारे में जनप्रतिनिधियों को बताया जाएगा।

 

सिटी मजिस्ट्रेट ने खंगाले बूथ

शुक्रवार को सिटी मजिस्ट्रेट संजय कुमार पांडेय ने शहर के मिश्रित इलाकों ने दौरा किया और पोलिंग बूथ की स्थिति को खंगाला। सीओ दिनेश शुक्ला के साथ सिटी मजिस्ट्रेट ने लिसाड़ी गेट थानाक्षेत्र में स्थित पोलिंग बूथ का निरीक्षण किया। इंपीरियल पब्लिक स्कूल इस्लामाबाद और बीएचएस हाईस्कूल इस्लामाबाद समेत कोतवाली थानाक्षेत्र के कई पोलिंग स्टेशन का अधिकारियों ने दौरा किया और यहां पर व्यवस्थाओं को देखा। सिटी मजिस्ट्रेट ने पोलिंग स्टेशन पर रैंप आदि निर्माण के निर्देश दिए।

 

स्टार प्रचारक रख सकेंगे 1 लाख

लोकसभा चुनाव के मद्देनजर आदर्श आचार संहिता के अनुपालन को सुनिश्चित कराने के निर्देश आयोग के स्तर से डीएम और एसएसपी को जारी कर दिए गए हैं। निर्देशों के अनुसार 50 हजार से 10 लाख रुपये तक के कैश के ट्रांजक्शन पर उड़नदस्तों को पूछताछ के दौरान संतुष्ट करना होगा कि यह नकदी कहां से आ रही है, स्रोत क्या है, किस लिए और कहां ले जाई जा रही है? 10 लाख तक वाजिब वजह देकर काम चल जाएगा। जबकि 10 लाख से ऊपर की नकदी पर इनकम टैक्स को जबाव देना होगा। बैंकों को भी 10 लाख रुपये से अधिक के लेन-देन पर जिला प्रशासन को सूचित करने के निर्देश दिए गए हैं। किसी भी राजनैतिक दल का स्टार प्रचारक अपने पास 1 लाख रुपये कैश रख सकता है जबकि पार्टी के कोषाध्यक्ष को 3 लाख रुपये तक लेकर आने-जाने की अनुमति होगी।

 

नहीं तैयार हो सकी लिस्ट

आयोग के कड़े निर्देश के बावजूद भी पुलिस-प्रशासन स्तर पर लोकसभा चुनाव की तैयारियों में हीलाहवाली बरती जा रही है। आलम यह है कि अभी तक पुलिस विभाग की ओर से संवेदनशील और अति संवेदनशील बूथों की लिस्ट उपलब्ध नहीं कराई जा सकी है। शुक्रवार को बैठक के दौरान डीएम ने पुलिस नोडल अधिकारी को इस संबंध में कड़े निर्देश देते हुए जल्द लिस्ट मुहैया कराने के आदेश दिए हैं। डीएम ने फ्लाइंग स्क्वायड, स्टेटिक सर्विलांस टीम, वीडियो सर्विलांस टीम, मतदाता सूची संबंधी कार्य, स्ट्रांग रूम आदि व्यवस्थाओं पर बैठक कर नोडल और सब नोडल अधिकारियों से जानकारी हासिल की।

inextlive from Meerut News Desk


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