लोकसभा चुनाव 2019 पीएम मोदी आतंकवाद पर बोले जबजब जरूरत पड़ेगी चलता रहेगा सुदर्शन चक्र

2019-05-16T10:48:40+05:30

अंतिम चरण के चुनाव के पहले बिहार में पीएम मोदी जम कर गरजे। उन्होंने सबसे बड़ा मुद्दा देश की सुरक्षा का उठाया

PATNA: बिहार में इस लोकसभा चुनाव की अंतिम चुनावी सभा में पीएम नरेंद्र मोदी ने विपक्ष पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा बड़ा मुद्दा है। महामिलावटी लोगों ने स्वार्थ के लिए देश की सुरक्षा को भी ताक पर रख दिया था। 2014 से पहले आतंकी देश पर हमला करते रहे और ये लोग सिर्फ बयान देते रहे। आपके इस चौकीदार ने पाकिस्तान से मिल रहे आतंकी घाव को सहने से इनकार कर दिया और उनके घर में घुसकर मारा। यदुवंश की द्वारिका नगरी से आया हूं। हमारी प्रेरणा मक्खन खाने वाले बालकृष्ण हैं। जब-जब जरूरत पड़ेगी भारत सुदर्शन चक्र लेकर आतंकियों का नाश करेगा।

विकास के लिए कर रहे काम
पाटलिपुत्र से एनडीए कैंडिडेट रामकृपाल यादव के लिए वोट मांगते हुए पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि पांच वर्ष तक हम सबका साथ सबका विकास का मंत्र लेकर आगे बढ़े हैं। यही कारण है कि हमने सवर्ण गरीबों को भी दस प्रतिशत आरक्षण दिया है। हमने 2022 तक किसानों की आमदनी दोगुनी करने का संकल्प लिया है। अन्नदाता को सौर ऊर्जादाता बनाने का काम हाथ में लिया है। इसके लिए बीज से लेकर बाजार तक की व्यवस्थाएं खड़ी की जा रही हैं। बिहार के गांव-गांव तक गरीबों की उम्मीद और सपनों को नई ऊंचाई देने के लिए, गरीब से गरीब तक डिजिटल इंडिया के माध्यम से हम टेक्नोलॉजी पहुंचा रहे हैं। उन्होंने कहा कि एनडीए सरकार की नीतियों के कारण आज दुनिया में सबसे सस्ता इंटरनेट भारत में है।

देश बदल रहा
भीड़ को देख कर पीएम मोदी बोले यह अद्भुत नजारा है। दिल्ली में बैठकर जोड़तोड़ करने वालों को समझ में नहीं आएगा, देश कैसे बदल रहा है। बिहार के लोगों से मिले प्यार से अभिभूत हूं।

दबंग बनाने का खेल अब खत्म
पीएम ने कहा कि महागठबंधन की पार्टियों ने अपनी जाति के दूसरों पर दबदबा कायम रखने के लिए जाति के जो होनहार नौजवान थे, उन्हें भी दबंगई के रास्ते पर चढ़ा दिया। पहले तो अपनी ही जाति के नौजवानों को भ्रमित किया। फिर उनके ही कंधे पर बंदूक रखकर अपनी ही जाति और समाज को बंधक बनाया। कांग्रेस का नामदार परिवार हो या बिहार का भ्रष्ट परिवार, इनकी संपत्ति आज सैकड़ों हजार करोड़ में है। आखिर ये पैसे कहां से आए? सैकड़ों एकड़ जमीन हड़पने के बाद अगर गरीबों की इन्हें जरा भी परवाह होती तो भ्रष्टाचार से पहले इनके हाथ जरूर कांपते।


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