सातवें चरण के चुनाव के लिए महिलाएं अपनी वोटिंग के दमखम को दिखाने के लिए बेसब्र हैं.

-लोकसभा चुनाव को लेकर अब महिलाएं हुई जागरूक

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PATNA: आधी आबादी यूं तो हर क्षेत्र में आगे निकल रही है लेकिन इस बार देश के निर्माण में भी वह अपनी भागीदारी जबरदस्त तरीके से निभाने की तैयारी में है. सातवें चरण के चुनाव के लिए महिलाएं अपनी वोटिंग के दमखम को दिखाने के लिए बेसब्र हैं. महिलाओं को न सिर्फ अपने मतदान केंद्र का पता है बल्कि उन्हें ईवीएम की भी जानकारी है. किस पार्टी को वोट देना है उन्होंने अपने मन में यह भी स्पष्ट कर लिया है. अब महिलाएं घर के मालिक के कहे अनुसार बटन दबाने वाली नहीं हैं.

पहले नहीं ले पाती थी निर्णय
बोरिंग रोड की जनक किशोरी कहती हैं कि हमारी सोसाइटी की सारी महिलाओं को मतदान वाले दिन का बेसब्री से इंतजार है. उन्होंने बताया कि पहले हम इसे गंभीरता से नहीं लेते थे. हमें लगता था कि ये पुरुषों का काम है. लेकिन इस बार सोसाइटी की महिलाएं मिलकर वोट देने जाएंगे.जनक किशोरी बताती है कि पहले किसे वोट देना है ये भी मैं खुद नहीं सोचती थी. पति और बेटे के साथ कभी ड्राइंग रूम में चर्चा होती थी तो मुझे ज्यादा समझ भी नहीं आता था. पिछले चुनाव में भी मैनें किसको वोट दिया ये पता नहीं. लेकिन जब से मेरी बेटी ने मुझे स्मार्ट फोन दिया है उससे मेरी समझ बढ़ गई है. अब अपने क्षेत्र के बारे में भी पूरी जानकारी है. ऐसे में मैं पूरी तैयारी के साथ मतदान करने जाऊंगी .

अलग-अलग पार्टी है पसंद
राजापुर पुल निवासी संगीता कुमारी का कहना है कि पहले घर में सब लोग मिलकर एक ही पार्टी को वोट देते थे. मैं खुद भी इस पर ज्यादा सोच विचार नहीं करती थी लेकिन एक साल से मैं इंटरनेट चला रही हूं. राजनीतिक पार्टियों की बातें, उनके अच्छे बुरे बयान मेरी नजरों से गुजरते है. ऐसे में मेरी छवि राजनीतिक पार्टियों को लेकर बदली है.

सोच में आया है परिवर्तन
चुनाव आयोग की मीडिया सेल की प्रभारी डॉ. नीना झा कहती हैं कि महिलाओं में जागरुकता आई है. अब वह चुनाव को महज छुट्टी का दिन नहीं समझ रही है बल्कि उसे एक जिम्मेदारी के रूप में निभा रही है. महिलाओं ने इस बार पुरुषों से अधिक संख्या में वोटिंग की है.

Posted By: Manish Kumar