यूपी पुलिस ने दो शातिरों को दबोचा ओएलएक्स पर फौजी बनकर करते थे लूटपाट

2019-04-25T11:01:25+05:30

जोधपुर के व्यापारी को निशाना बना कर चार लाख रुपया लूटा। जगदीशपुरा पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर पकड़े दो शातिर। गैर जनपद में कई बड़ी घटनाओं को शातिरों ने दिया है अंजाम।

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AGRA : थाना जगदीशपुरा पुलिस के हाथ एक ऐसे गैंग के सदस्य लगे हैं, जो खुद को फौजी बताकर ओएलएक्स पर लोगों को निशाना बना रहे थे। शातिरों ने कार देने के नाम पर जोधपुर के व्यापारी को बिचुपरी नहर के पास लूटा था। पुलिस तभी से उनकी तलाश कर रही थी। तीन बदमाश मौके से फरार हैं जबकि पुलिस ने दो को पकड़ लिया है। पुलिस ने इनके पास से नगदी बरामद की है।

लूटा था व्यापारी को

इंस्पेक्टर थाना जगदीशपुरा प्रवेश कुमार के मुताबिक दो महीने पहले  जोधपुर निवासी व्यापारी जगदीश प्रताप सेन को शातिरों ने ओएलएक्स पर आठ लाख की कार को चार लाख में बेचा था। शातिरों ने रुपया कैश देने की बात की। व्यापारी को बिचपुरी बुला लिया। इसके बाद उसे लूट कर भाग गए। पुलिस तभी से इस गैंग की तलाश में जुटी हुई थी।

इनको पुलिस ने पकड़ा

पुलिस के मुताबिक पकड़े गए शातिरों के नाम जितेंद्र उर्फ जीतू पुत्र साहब सिंह निवासी वसईया राजपूत, अछनेरा, बलवीर पुत्र विजेंद्र सिंह ठाकुर निवासी गांव साधन, अछनेरा व फरार शातिरों के नाम अजीत पुत्र बाबू निवासी शेरगढ़, मथुरा, धर्मेंद्र निवासी तसई कुम्हेर, भरतपुर, राजस्थान व वकील बताए गए हैं। पुलिस ने इनके पास से 48000 रुपये बरामद किए हैं।

मेव गैंग होने की आशंका

पुलिस के मुताबिक हाथ में आया गैंग मेव गैंग हो सकता है। इनमें से फरार आरोपियों में एक मेव हो सकता है। जितेंद्र झोलाछाप डॉक्टर है। बलवीर अपराधी किस्म का व्यक्ति है। वह 12वीं तक पढ़ा हुआ है। अन्य भी पढ़े लिखे युवक हैं। सभी के पिता किसान हैं। धर्मेंद्र और वकील इनमें मास्टरमाइंड हैं। पुलिस फरार आरोपियों की सरगर्मी से तलाश कर रही है। पुलिस के मुताबिक शातिरों ने आगरा से बाहर कई घटनाओं को अंजाम दिया है। आपराधिक इतिहास पता किया जा रहा है।
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अपराध करने का तरीका

इंस्पेक्टर प्रवेश कुमार के मुताबिक शातिर ओएलएक्स पर गाड़ी डालते हैं इसके बाद खुद को फौजी बताते हैं। जब ग्राहक तैयार हो जाता है तो उससे बोलते हैं कि वह चेक नहीं लेंगे उन्हें कैश पेमेंट चाहिए। इसके बाद जल्दी पेमेंट मंगवाने लिए झांसा देते थे कि मेरी पोस्टिंग बाहर है, बस दो दिन की छुट्टी मिली है। इस पर लोग इनकी बातों में फंस जाते थे। इसके बाद किसी सूनसान एरिया में बुलाकर लोगों को लूट लेते थे। जोधपुर के व्यापारी को इसी तरह से लूटा था।


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