जमशेदपुर में आग से 60 लाख रुपए का नुकसान

2012-04-29T10:46:06+05:30

आग ने सिटी में एक बार फिर तबाही मचाई सैटरडे की सुबह साकची स्थित संजय मार्केट में लगी आग में कई दुकानें जल कर राख हो गईं

साकची स्थित संजय मार्केट में सैटरडे की अर्ली मार्निंग करीब 4.30 बजे हुई आगजनी में 18 दुकानें जलकर खाक हो गई. आगजनी में लगभग 60 लाख रुपए का नुकसान होने का अनुमान है. इसमें सबसे ज्यादा नुकसान हरियंत कॉस्मेटिक को होने की बात कही जा रही है. अकेले इस दुकान को 25 लाख रुपए का नुकसान हुआ है. जैसे ही स्थानीय लोगों को आग लगने की सूचना मिली, उन्होंने अपने लेवल से आग को बुझाने का काम शुरू कर दिया. इसके बाद लोगों ने ही फायर ब्रिगेड को भी इन्फॉर्म किया.

3 दमकलों ने 3 घंटे में किया कंट्रोल
स्थानीय लोग अपने स्तर से आग को बुझाने में लगे थे. इस बीच फार ब्रिगेड की 4 गाडिय़ां भी मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने का प्रयास किया. करीब 3 घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका. आग बुझाने के दौरान एक दमकल में कुछ खराबी आ गई थी, जिसके कारण उसका यूज नहीं किया जा सका.

ज्यादातर हैं गोदाम
संजय मार्केट के जिस एरिया में आग लगी थी, वहां ज्यादातर गोदाम ही हैं. वहां एक-एक आदमी की दो से तीन दुकानें हैं. इस वजह से ज्यादा नुकसान हुआ है. यहां ज्यादातर गिफ्ट आइटम, कॉस्मेटिक व पेपर की दुकानें थीं. इस कारण आग तेजी से फैलती गई.

बिछा है तार का जाल
आग लगने का कारण शॉर्ट-सर्किट बताया जा रहा है. मार्केट में जेनरेटर से इलेक्ट्र्सििटी की सप्लाई होती है. उनका कहना है रात में जेनरेटर से पावर की सप्लाई बंद हो जाती है, लेकिन यहां चोरी के जरिए भी कुछ लोग बिजली जलाते हैैं. इसके कारण शॉर्ट-सर्किट की संभावना बनी रहती है. मार्केट में इलेक्ट्रिक वायर का जाल फैला हुआ है.

पेपर दुकान से हुई आग की शुरुआत
इन्फॉर्मेशन के मुताबिक अख्तर शहीर की दुकान में ही सबसे पहले आग लगी. हालांकि, दुकानदार इस संबंध में भी कुछ भी सटीक नहीं कह पा रहे हैैं. उन्होंने इस संबंध में साकची थाना को भी लिखित दिया है.

...तो होता और बड़ा हादसा
जिस वक्त आग लगी, उस वक्त वहां कोई नहीं था. दुकानें बंद थीं. अगर दिन के वक्त आग लगी होती, तो हादसा बड़ा हो सकता था. संजय मार्केट काफी कंजस्टेड है. दिन के वक्त आग लगने से यहां से निकलने में अफरा-तफरी मच जाती और नुकसान भी ज्यादा होता.

मार्केट एरिया की स्थिति खराब
सिटी के मार्केट एरिया में कुछ ही ऐसी दुकानें होंगी जिनके पास इमरजेंसी सीज फायर का अरेंजमेंट है. हालांकि, रूल्स के मुताबिक इन्हें यह अरेंजमेंट रखना चाहिए. अगर साकची मेन मार्केट की बात करें, तो यहां दुकानदारों ने दुकान के बाहर तक कब्जा कर लिया है. इस वजह से रास्ता संकरा हो गया है. मार्केट के कई एरिया में आग लगने से फायर ब्रिगेड की गाडिय़ों का जाना मुश्किल है.
काम नहीं आया एक फायर टेंडर
संजय मार्केट में सैटरडे को लगी आग बुझाने के लिए मौके पर फायर ब्रिगेड की 4 गाडिय़ां पहुंचीं और आग पर काबू पाने की कोशिश शुरू हो गई. इस बीच एक फायर टेंडर में कुछ टेक्नीकल प्रॉब्लम आ गई. इस वजह से उसका यूज नहीं हो पाया. आग बुझाने के लिए केवल तीन फायर टेंडर ही काम आए.


फायर टेंडर की संख्या है नाकाफी
सिटी में दो फायर स्टेशन हैैं. इनमें से एक गोलमुरी व दूसरा मानगो में है. हालांकि एक बहरागोड़ा में भी है, लेकिन दूर होने के कारण सिटी से उसका कनेक्शन नहीं हो पाता है. इस कारण इन दोनों पर ही सभी डिपेंड हैैं. इनमें गोलमुरी स्थित फायर स्टेशन में 5 बड़ी व एक छोटी दमकल है. इनमें से ज्यादातर खराब हैैं. यहां मात्र एक ही फायर टेंडर है, जिसमें फोम व ड्राई केमिकल पाउडर का अरेंजमेंट है. मानगो स्थित फायर स्टेशन का हाल तो और भी बदतर है. यहां मात्र 3 वाटर फायर टेंडर हैैं.

कई खराब, तो कुछ जर्जर
गोलमुरी फायर स्टेशन के 5 फायर टेंडर्स में 1 का यूज फॉग व ड्राई केमिकल पाउडर के लिए होता है. इसके साथ ही एक छोटा फायर टेंडर भी है, जबकि जमशेदपुर जैसी सिटी में इसकी और जरूरत है. यहां जनवरी से एक फायर टेंडर खराब पड़ा है. फंड अलॉट न होने के कारण इसकी रिपेयरिंग नहीं हो पा रही है.


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