शीतकाल के लिए मां गंगा के कपाट हुए बंद

2014-10-25T07:00:27+05:30

-अन्नकूट पर्व पर विश्व प्रसिद्ध चारधामों के कपाट बंद होने का सिलसिला शुरू हुआ

-आज बंद होंगे बाबा केदारनाथ और मां यमुनोत्री धाम के कपाट

dehradun@inext.co.in

DEHRADUN : विश्व प्रसिद्ध उत्तराखंड के चार धामों के कपाट बंद होने का सिलसिला शुरू हो गया है। इसकी शुरुआत अन्नकूट पर्व पर गंगोत्री धाम से हुई। फ्राइडे को विधि-विधान व वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच गंगोत्री मंदिर के कपाट बंद कर दिए गए। मां गंगा की डोली ने ग्राम मुखबा के लिए प्रस्थान कर लिया है। सैटरडे भैया दूज पर केदारनाथ और यमुनोत्री के कपाट बंद किए जाएंगे। इधर, आखिर में भगवान विष्णु यानी बदरीनाथ के कपाट ख्7 नवंबर को बंद होंगे।

दोपहर बाद बंद हुए कपाट

फ्राइडे सुबह गंगोत्री में तीर्थपुराहितों की मौजूदगी में मां गंगा की विशेष पूजा हुई। इसके बाद गंगा की भोगमूर्ति को स्नान करा गंगा लहरी का पाठ किया गया। पूजा पाठ के बाद गंगा आरती कर दोपहर बाद करीब क्ख्.भ्0 बजे गंगोत्री धाम के कपाट बंद कर दिए गए। इस दौरान पांचवीं गढ़वाल राइफल के बैंड की धुन के साथ गंगा की डोली को मंदिर से धाम के मुख्य द्वार तक पहुंचाया गया। उसके उपरांत डोली मां गंगा के मायके मुखबा की ओर रवाना हो गई। गंगोत्री टेंपल कमेटी के अध्यक्ष भागेश्वर सेमवाल के मुताबिक सैटरडे को मुखबा गांव में विधि-विधान के साथ गंगा की भोगमूर्ति मंदिर में स्थापित की जाएगी। जहां शीतकाल प्रवास के दौरान श्रद्धालु मां गंगा के दर्शन कर सकेंगे। इस मौके पर उत्तरकाशी के डीएम सी रविशंकर व एसपी जगतराम जोशी के अलावा मंदिर समिति के पदाधिकारी और बड़ी तादाद में श्रद्धालु मौजूद रहे।

inextlive from Dehradun News Desk


This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy  and  Cookie Policy.