आज ही मद्रास बना था चेन्नई दुनिया भर में मशहूर है यहां का मरीना बीच जानें इस शहर से जुड़ी ये खास बातें

2018-07-17T09:11:20+05:30

भारत के खूबसूरत शहरों में शामिल चेन्नई का नाम कभी मद्रास हुआ करता था। इस शहर का नाम 17 जुलाई 1996 में बदला गया था। ऐसे में आइए इस खास दिन पर जानें इस शहर और इसके नामों के बारे में

17 जुलाई 1996 से पहले मद्रास हुआ करता था
कानपुर। चेन्नई शहर की जितनी तारीफ की जाए कम लगती है। इसका इतिहास से भी पुराना नाता है। इस शहर का नाम 17 जुलाई 1996 से पहले मद्रास हुआ करता था। मिड डे की एक रिपोर्ट के मुताबिक चेन्नई शहर पर लंबे समय तक अंग्रेजों का अधिपत्य रहा है। यूरोप के सबसे ज्यादा देशों ने इसे उपनिवेश बनाने की कोशिश की थी।
सबसे पहले कंडीशनल एक्सेस सिस्टम लागू  हुआ
चेन्नई भारत का पहला शहर है जहां बड़े स्तर पर वाई-फाई की सुविधा मिली। वहीं यहीं पर सबसे पहले केबल टीवी के लिए कंडीशनल एक्सेस सिस्टम भी लागू हुआ जो कि यूजर को टीवी पर आने वाले कंटेंट पर कंट्रोल की सुविधा देता है। वहीं 1836 में शुरू हुआ अंग्रेजी न्यूजपेपर स्पेक्ट्रेटर सबसे पहले चेन्नई से 1853 में पहला दैनिक समाचार पत्र बना था।
दूसरा सबसे लंबा अरबन बीच भी चेन्नई में ही स्थित
दुनिया का दूसरा सबसे लंबा अरबन बीच भी चेन्नई में ही स्थित है। चेन्नई का मरीना बीच करीब छह किलाेमीटर में फैला है। कोउम और अद्यार शहरों के तटीय रेखा पर स्थित मरीना बीच देखने में बेहद खूबसूरत है। इसके अलावा यहां दूर -दूर से लोग घूमने आते हैं। चेन्नई के इस मरीना बीच की शाम पर्यटकों को बेहद लुभावनी और खूबसूरत लगती है।  
नाम को लेकर लोगों में अलग-अलग अवधाणाएं
वहीं चेन्नई नाम को लेकर लोगों में अलग-अलग अवधाणाएं हैं।इसके नाम को लेकर पहला सिद्धांत कहता है कि यह तेलुगू शासक दमारला चेनप्पा नायकुडू के नाम पर रखा गया है। यह चंद्रगिरी व वांदावसी के नायक व मारला वेंकटदात्री नायकुडू के पिता के रूप में जाने जाते थे। 1639 में अंग्रेजों ने इनसे ही इस शहर का अधिग्रहण किया था।
चेन्ना केसाव पेरुमल मंदिर के नाम पर रखा गया
दूसरा सिद्धांत बताता है कि इसका नाम चेन्ना केसाव पेरुमल मंदिर के नाम पर रखा गया था। तमिल में चेनी शब्द का अर्थ है चेहरा। मंदिर के साथ ही इसे शहर के चेहरे के रूप में पहचाना जाता है। वहीं इसके नाम को लेकर इतिहासकार जे बी प्रशांत मोरे का कहना है कि चेन्नई नाम की उत्पत्ति तेलुगु है और तमिल से नहीं हुई है।
मद्रास नाम को लेकर भी अलग-अलग भ्रांतियां
मद्रास नाम को लेकर भी अलग-अलग भ्रांतियां थीं। कहते थे कि पुर्तगाली वाक्यांश "मैए डी डीस" से मद्रास की उत्पत्ति हुई थी। इसका अर्थ है "भगवान की मां क्योंकि उस समय शहर के बंदरगाह पर पुर्तगालियों का कब्जा था। कुछ लोग कहते हैं कि फोर्ट सेंट जॉर्ज के उत्तर में एक मछली पकड़ने वाले गांव मद्रासपट्टिनम से लिया गया था।
ये चीजें आज भी मद्रास के नाम पर पुकारी जातीं
वहीं मिलिट्ररी मैप मेकर्स का मानना ​​था कि मद्रास मूल रूप से मुंदिर-राज या मुंदिरराज थे। यह भी कहा जाता था कि  मद्रास शब्द मधु रस से बना था। संस्कृत में शहद को मधु रस कहा जाता है। हालांकि अभी भी मद्रास नाम पर विश्वविद्यालय, आईआईटी,  मेडिकल कॉलेज, पशु चिकित्सा कॉलेज, क्रिश्चियन कॉलेज आदि जाने जाते हैं।

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