डाकिया चालान लाया

2019-02-04T06:00:04+05:30

- 5 से 6 सौ ई चालान किये जा रहे रोजाना

- 500 ई चालान डाकिये घर पहुंचा रहे रोज

- 10 से 12 रुपये खर्च एक चालान घर पहुंचाने पर

- ट्रैफिक रूल्स जंप करने पर डाक से घर पहुंचेगा चालान

- पुलिस विभाग ने चालान भेजने को डाक विभाग को दिये 80 लाख एडवांस

- हर दिन पांच सौ चालान भेजे जा रहे डाक से

- एक चालान भेजने में 10 से 12 रुपये का खर्च

- एप के जरिए अब दरोगा भी कर सकेंगे ई चालान

mayank.srivastava@inext.co.in

LUCKNOW: रेड सिग्नल पर आपने ट्रैफिक रूल्स को जंप किया तो दूसरे दिन चालान लेकर डाकिया आप के घर पहुंच जाएगा। चौंकिये मत यह सच है। अब तक ट्रैफिक रूल्स तोड़ने वालों का चस्पा चालान करने के बाद डाक से उनका चालान भेजा जाता था, लेकिन यहां चालान या तो पहुंचता नहीं था या फिर पहुंचने में दो से तीन माह का समय लग जाता था। इस योजना को प्रभावी बनाने के लिए पुलिस विभाग ने डाक विभाग को एडवांस में 80 लाख रुपये का पेमेंट किया है ताकि पैसे की वजह से चालान न रुक सके और उन्हें घर पहुंचाने में देरी न हो.

डाक से जा रहा चालान

राजधानी के कई चौराहों पर एनपीए कैमरे लगाने के बाद ट्रैफिक रूल्स तोड़ने वालों की इमेज कैमरे में कैद हो जाती है। इमेज के साथ उनकी गाडि़यों का नंबर भी कैमरा रीड कर लेता है। नंबर के आधार पर उनका ई चालान किया जाता है। यह ई चालान चौराहों पर लगे सीसीटीवी कैमरे के साथ ही एप के जरिए भी किया जा रहा है। इन चालान को डाक के माध्यम से रूल्स तोड़ने वालों के घर भेजा जाता है, जिसके बाद ट्रैफिक लाइन में शमन शुल्क देकर चालान छुड़वाने की कार्रवाई का नियम है या कोर्ट के माध्यम से भी शुल्क जमा करके चालान खत्म करा सकते हैं.

80 लाख एडवांस में दिया गया

एसएसपी कलानिधि नैथानी के अनुसार, ई चालान को डाक से पहुंचने में अक्सर देरी होती थी। समय से ई चालान को पहुंचाने के लिए डाक विभाग को डिपार्टमेंट ने एडवांस में 80 लाख रुपये का पेमेंट किया है ताकि ई चालान होते ही उसे डाक विभाग के जरिये रूल्स तोड़ने वाले व्यक्ति की गाड़ी की डिटेल भेजी जाएगी। अभी तक इसमें देरी होती थी, लेकिन अब ई चालान भेजने में विलंब नहीं होगा.

हर दिन पांच सौ चालान भेजे जा रहे

एसएसपी कलानिधि के अनुसार डाक विभाग को पेमेंट के बाद अब हर दिन पांच सौ चालान डाक से भेजे जा रहे है। शहर के कई चौराहों पर लगे सीसीटीवी कैमरे के जरिए ई चालान किया जा रहा है। एक चालान भेजने में 10 से 12 रुपये का खर्च आ रहा है।

बॉक्स

दारोगा एप के जरिए कर सकेंगे चालान

एसएसपी कलानिधि ने बताया कि ई चालान के लिए सीसीटीवी कैमरे के साथ एप भी बनाया जा रहा है। यह एप हर पुलिस चौकी में तैनात सब इंस्पेक्टर के मोबाइल फोन पर उपलब्ध कराया जाएगा ताकि वह मोबाइल के एप के जरिए केवल फोटो खींच कर उसे भेज सकें। इसे भी ई चालान माना जाएगा। इसके अलावा पुलिस कर्मियों को ई चालान के लिए मोबाइल फोन भी उपलब्ध कराए गए हैं। राजधानी में हर दिन 5 से 6 सौ ई चालान किए जा रहे हैं।

कोट

ई चालान के लिए डाक विभाग को एडवांस में पेमेंट की गई है। ताकि ट्रैफिक रूल्स तोड़ने वालों के घर समय पर ई चालान पहुंच सके। वहीं सब इंस्पेक्टर भी जल्द ही मोबाइल एप के जरिए ई चालान कर सकेंगे.

कलानिधि नैथानी, एसएसपी

inextlive from Lucknow News Desk


This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy  and  Cookie Policy.