लंबे इंतजार के बाद शुरू हुआ मल्हौर ओवरब्रिज

2019-04-24T06:00:09+05:30

- रेलवे अधिकारियों ने रविवार को किया था निरीक्षण

- चिन्हित की गई कमियों को दूर करने के बाद मंगलवार सुबह ट्रैफिक के लिये खोला गया

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रुष्टयहृह्रङ्ख : राजधानी के विकास की इबारत में एक और कड़ी जुड़ गई। निर्माण पूरा होने के बावजूद रेलवे से एनओसी मिलने के इंतजार में लखनऊ-बाराबंकी रेल खंड पर बंद पड़ा मल्हौर ओवरब्रिज आखिरकार मंगलवार सुबह से आम पब्लिक के लिये खोल दिया गया। उल्लेखनीय है कि रविवार को रेलवे संरक्षा से जुड़ी टीम ने ओवरब्रिज का निरीक्षण कर कमियां बताई थीं। इन कमियों को सोमवार को दुरुस्त कर यह ओवरब्रिज ट्रैफिक के लिये खोल दिया गया है।

2014 में शुरू हुआ था काम

गोमतीनगर विस्तार से गोमतीनगर आने में लोगों को होने वाली दिक्कतों को देखते हुए वर्ष 2014 में ओवरब्रिज का निर्माण शुरू किया गया था। हालांकि, आधा काम पूरा होने के बाद रेलवे ने इस ओवरब्रिज पर आपत्ति लगा दी और रेलवे लाइन के ऊपर खुद ही ओवरब्रिज बनाने की बात कही थी। तभी से ओवरब्रिज का निर्माण कार्य रुका हुआ था। उस वक्त रेलवे की ओर से बताया गया था कि सेतु निगम नें रेलवे से ओवरब्रिज की ड्राइंग पास कराए बिना ही निर्माण कार्य शुरू करा दिया गया। आपत्ति दर्ज होने के बाद सेतु निगम ने रेलवे के पास ड्राइंग भेजी। लेकिन, इसमें कई तरह की तकनीकी खामियां थीं, जिसमें ये भी पता चला कि ओवरब्रिज की ऊंचाई कम है।

दो लाख लोगों को मिलेगा लाभ

ओवरब्रिज का निर्माण अधूरे पर रुक जाने की वजह से गोमतीनगर विस्तार और गोमतीनगर में रहने वाले करीब दो लाख लोगों को मिलने वाली राहत पर सवालिया निशान लग गए थे। आखिरकार राज्य सरकार के हस्तक्षेप के बाद वर्ष 2017 में सेतु निगम व रेलवे अधिकारियों ने एक साथ बैठक की। इसके बाद दोबारा निर्माणाधीन अधूरे ओवरब्रिज का काम शुरू हुआ और फरवरी 2019 में ओवरब्रिज का निर्माण पूरा हो गया। हालांकि, रेलवे की ओर से एनओसी न मिलने के चलते इसे ट्रैफिक के लिये नहीं खोला जा सका था। रविवार को रेलवे संरक्षा के अधिकारियों ने ओवरब्रिज का निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने ओवरब्रिज में मौजूद कुछ तकनीकी खामियों को चिन्हित करते हुए इन्हें दूर कर ओवरब्रिज को चालू करने की मंजूरी दे दी थी। जिसके बाद सोमवार शाम तक इन कमियों को दूर कर लिया गया और मंगलवार सुबह से इसे ट्रैफिक के लिये खोल दिया गया।

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फैक्ट फाइल

- 608.50 मीटर है ओवरब्रिज की लंबाई

- 56.3 करोड़ की लागत से बना है ओवरब्रिज

- 2 लेन रोडवे है ओवरब्रिज में

- 2 लाख लोगों को मिलेगा फायदा

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इन इलाके के निवासियों को मिलेगी राहत

हासेमऊ, सौरभ विहार, माधव ग्रीन, जगपाल खेड़ा, भुजंगी पुरवा, लौलाई, हासे मऊ, मल्हौर, एमिटी यूनिवर्सिटी के आसपास व गोमतीनगर विस्तार के तमाम इलाकों में रहने वाले करीब दो लाख लोगों को इस ओवरब्रिज के बनने से राहत मिलेगी।

inextlive from Lucknow News Desk


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