सीजीपीए बंद होने के बाद बेहतर रहा मार्किंग सिस्टम

2019-05-07T06:00:03+05:30

- 2017-18 सेशन से बोर्ड एग्जामिनेशन सिस्टम किया गया था लागू

- मार्किंग सिस्टम से एजुकेशन सिस्टम का सुधर रहा स्तर

MEERUT । सीबीएसई की ओर से 2017-18 सेशन से बोर्ड एग्जामिनेशन सिस्टम लागू कर दिया गया था। सिस्टम के लागू होने के बाद इस साल आया रिजल्ट पिछले साल के मुकाबले और भी बेहतर रहा है। पिछले साल की तुलना में जिले का रिजल्ट भी सुधरा है। स्टूडेंट्स के साथ स्कूल प्रिंसिपल्स भी इसे बेहतर मान रहे हैं। गौरतलब है कि पिछले साल से पहले सीसीई कम्पेरेटिव कम्प्रेसिव एसेसमेंट यानी सीसीई पै‌र्ट्न एग्जाम कंडक्ट कराए जा रहे थे। सीजीपीए ग्रेडिंग सिस्टम सेशन 2017-18 में खत्म हो गया था। सीसीई पैटर्न में स्कूल लेवल पर ही ग्रेडिंग की जाती थी।

इनका है कहना

अब स्कूल और स्टूडेंट्स दोनों का ही इंडिविजुअल रिजल्ट आ रहा है। इससे स्टूडेंट्स को अपनी परफार्मेंस भी अच्छी तरह से पता चल रही है।

एचएम राउत, प्रिंसिपल, दीवान पब्लिक स्कूल

मार्किंग बहुत सही है। इससे रिजल्ट सुधरा है। इसके अलावा स्टूडेंट्स पढ़ाई पर ज्यादा फोकस कर रहे है। 12वीं में भी उनका बेस मजबूत होगा।

चंद्रलेखा जैन प्रिंसिपल, सेंट जोंस

मार्किंग सिस्टम से एजुकेशन सिस्टम का स्तर बढ़ रहा है। ग्रेडिंग सिस्टम में स्टूडेंट्स समझ नहीं पाते थे कि उन्हें कहां इंप्रूव करना है।

राहुल केसरवानी, सहोदय अध्यक्ष

inextlive from Meerut News Desk


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