मायावती के बाद अब अखिलेश यादव का ऐलान सपा अपने दम पर लड़ेगी यूपी में विधानसभा उपचुनाव

2019-06-04T15:41:36+05:30

लोकसभा चुनाव के दाैरान सपाबसपा के गठबंधन में अब दोनों की राहें अलग होती दिख रही हैं। मायावती के बाद आज अखिलेश यादव ने भी यूपी में 11 विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनावों में अकेले चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है।

गाजीपुर (उत्तर प्रदेश) (एएनआई)। बसपा सुप्रीमो मायावती द्वारा यूपी में 11 विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनावों में अकेले चुनाव लड़ने की मंशा जाहिर करने के बाद सपा ने भी घोषणा की है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने संवाददाताओं से कहा कि मायावती ने अकेले उपचुनाव लड़ने के इरादे स्पष्ट कर दिए हैं। ऐसे में अब सपा भी अब उत्तर प्रदेश में 11 विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव में अकेले ही मैदान में उतरेगी।

गठबंधन टूटा है या गठबंधन पर जो भी सोच-समझ कर विचार करेंगे
अखिलेश ने लोकसभा चुनाव के दाैरान बने सपा-बसपा और रालोद के गठबंधन को लेकर कहा कि गठबंधन टूटा है या गठबंधन पर जो भी कहा गया है। उस पर सोच-समझ कर विचार करेंगे। वहीं जब अखिलेश से यह पूछा गया कि क्या उन्होंने बीएसपी से इस तरह के फैसले की उम्मीद की थी। इस पर उन्होंने कहा कि यह कहना मुश्किल है। पार्टी के कार्यकर्ताओं का फैसला स्वागत योग्य है। उनकी शुभकामनाएं उनके साथ हैं।

मायावती की नाराजगी का कारण सपा का यादव वोट नहीं मिलना है

मायावती ने सोमवार को अकेले विधानसभा उपचुनाव लड़ने की बात कही थी। उनकी नाराजगी का कारण है कि सपा का यादव समर्थक वोट बसपा प्रत्याशी को नहीं मिला। मायावती ने यह भी कहा कि यह परमानेंट ब्रेक नही है। अगर हम भविष्य में महसूस करते हैं कि सपा प्रमुख अपने राजनीतिक काम में सफल हैं तो हम फिर से एक साथ काम करेंगे, लेकिन अगर वह सफल नहीं होते हैं, तो हमारे लिए अलग से काम करना अच्छा होगा।
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अखिलेश और उनकी पत्नी डिंपल यादव ने मुझे बहुत सम्मान दिया

ऐसे में हमने अकेले उपचुनाव लड़ने का फैसला किया। इस दाैरान बसपा प्रमुख मायावती ने अखिलेश यादव तारीफ भी की। उन्होंने कहा कि जब से सपा-बसपा का गठबंधन हुआ है तब से सपा प्रमुख अखिलेश यादव और उनकी पत्नी डिंपल यादव ने मुझे बहुत सम्मान दिया है। मैंने राष्ट्र के हित में हमारे सभी मतभेदों को भी भुला दिया और उन्हें सम्मान दिया। हमारे रिश्ते सिर्फ राजनीति के लिए नही हैं। ये भविष्य में भी बरकार रहेंगे।



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