कौन है भारत की पहली महिला सूमो पहलवान जानें उनके बारे में 5 बातें

2015-12-21T13:04:03+05:30

22 साल की हेतल दवे भारत की पहली महिला सूमो पहलवान के रूप में जानी जाती हैं। हेतल ने भारत की स्‍टीरियो टाइप लड़की की इमेज से बाहर निकलते हुए रेसलिंग को अपना प्रोफेशन बनाया। वह भारत में रहने वाली एक आम लड़की से थोड़ी ज्‍यादा मोटी हैं। आइए जानते हैं उनके बारे में 10 खास बातें।

1. हेतल ने पांच साल की उम्र से ही इसकी शुरुआत कर दी थी। बचपन में वह बार्बी डॉल या सिंड्रेला की कहानी सुनने के बजाए जैकी चैन और ब्रूस ली की फिल्‍में देखा करती थीं। हेतल ने पहले मॉर्शल ऑर्ट और फिर जूडो क्‍लॉसेस ली। अंत में वह एक रेसलर बन गईं।
2. हेतल ने एशियन चैंपियनशिप में दो बार हिस्‍सा लिया है। वह भारत की तरफ से जूडो प्‍लेयर के रूप में शामिल थीं।

3. हेतल ने जूडो छोड़कर सूमो पहलवानी की ट्रेनिंग लेनी शुरु कर दी। उन्‍होंने मेल सूमो पहलवानों के साथ प्रैक्‍टिस की क्‍योंकि इस क्षेत्र में कोई भी महिला रेसलर नहीं थी। हालांकि प्रैक्‍टिस के दौरान हेतल ने कई मेल सूमो को पटखनी भी दी।
4. एक अच्‍छी महिला सूमो होने के बावजूद हेतल आज भी बेरोजगार हैं।
5. हेतल को सूमो की ट्रेनिंग के दौरान कई आलोचनाओं को भी झेलना पड़ा था। लोग तो यहां तक कहते थे कि, इस लड़की से कोई शादी नहीं करेगा।
inextlive from Spark-Bites Desk



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