मानसिक हॉस्पिटल में मलेरिया दो मरीज पॉजिटिव

2018-09-19T06:01:07+05:30

- हॉस्पिटल में एडमिट दो मरीजों में बीमारी की पुष्टि, जुटे डॉक्टर

- स्वास्थ्य विभाग से फॉगिंग व एंटी लार्वा दवा का कराया छिड़काव

>BAREILLY: डिस्ट्रिक्ट में फैले मलेरिया अब शहर में भी फैलने लगा है। मानसिक हॉस्पिटल के मरीजों को भी मलेरिया हो गया है। इसका पता चलते ही स्वास्थ्य विभाग ने रोकथाम के प्रयास शुरू कर दिए हैं। एंटी लार्वा छिड़काव व फॉगिंग भी कराई जा रही है।

ढाई सौ मरीज हैं एडमिट

मानसिक हॉस्पिटल में मौजूदा समय में करीब ढाई सौ मरीज एडमिट हैं। कई मरीज फैमिली वार्ड में भी रहते हैं। इसके अलावा डॉक्टर्स व अन्य स्टाफ भी है। गांव क्षेत्र में फैला मलेरिया मानसिक हॉस्पिटल में पहुंच गया है। मलेरिया ने हॉस्पिटल में एडमिट दो मरीजों को चपेट में ले लिया है। मरीजों को बुखार आने पर उनके खून की जांच कराई गई, तो उन्हें मलेरिया की पुष्टि हुई। कई मरीज बुखार से ग्रसित हैं। मलेरिया के मरीज मिलते ही हॉस्पिटल प्रशासन हरकत में आ गया है। इन मरीजों को अलग करने के साथ ही देखभाल बढ़ा दी गई है। वही, नगर निगम से अस्पताल परिसर में एंटी लार्वा दवा का छिड़काव और फॉगिंग कराने के लिए कहा गया है। हॉस्पिटल की निदेशक डॉ। प्रमिला गौड़ ने बताया कि फॉगिंग व एंटी लार्वा दवा का छिड़काव करवाया जा रहा है। रोगियों का उपचार शुरू करवा ि1दया गया है।

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मंत्री आए, कार्रवाई की, नहीं सुधरा बच्चा वार्ड

डिस्ट्रिक्ट में फैले बुखार से डिस्ट्रिक्ट में भी मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ने के कारण उन्हें भर्ती करने के लिए बेड भी कम होने लगे थे। 11 सितंबर को स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने इस पर नाराजगी जताई थी। उन्होंने मरीजों को अलग बेड पर भर्ती करने को कहा था। इसके बाद डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल में बढ़े मरीजों को एडमिट करने के लिए महिला हॉस्पिटल की नई बिल्डिंग में कई वार्ड खोल दिए गए, लेकिन बच्चा वार्ड की स्थिति आज तक नहीं सुधरी।

कम पड़ गए बेड

डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल के बच्चा वार्ड में 29 बेड की जगह है। किसी तरह वहां पांच अतिरिक्त बेड डाले हुए हैं। बावजूद इसके इतने बेड मरीजों को भर्ती करने के लिए कम पड़ रहे हैं। वार्ड में एक ओर डायरिया के मरीज भर्ती करते हैं तो दूसरी ओर बुखार के मरीजों को एडमिट किया गया है। बीते दिनों से लगातार बहुत सारे मरीज बच्चा वार्ड में आ रहे हैं, लेकिन उन्हें अलग बेड नहीं मिल पा रहे हैं। ट्यूजडे को भी बच्चा वार्ड में करीब 64 मरीज थे। इस कारण वहां एक बेड पर तीन-तीन मरीजों को भर्ती किया गया था। वहां की स्थिति सुधारने को अस्पताल प्रशासन कुछ भी नहीं कर रहा है।

inextlive from Bareilly News Desk


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