अल्मोड़ा से 10 वर्ष में 1022 गांवों के 53611 लोगों का पलायन

2019-06-18T06:00:58+05:30

- ग्राम्य विकास और पलायन आयोग ने पेश की रिपोर्ट

- सीएम ने किया रिपोर्ट का विमोचन

- सीएम बोले, रिवर्स माइग्रेशन के लिए तैयार होगा रोडमैप

देहरादून, उत्तराखंड में पलायन शुरू से ही एक बड़ी समस्या रहा है, इसकी रोकथाम के लिए सरकार द्वारा ग्राम्य विकास और पलायन आयोग का गठन किया गया है, जिसकी चौथी रिपोर्ट आयोग द्वारा मंडे को सीएम आवास में पेश की गई। ये रिपोर्ट पूरी तरह अल्मोड़ा जिले में पलायन की तस्वीर पर आधारित है। रिपोर्ट के मुताबिक अल्मोड़ा से 10 वर्ष के अंतराल में 1022 ग्राम पंचायतों के 53 हजार 611 लोग पलायन कर चुके हैं। रिपोर्ट में पलायन को रोकने और रिवर्स पलायन के लिए भी सुझाव और सिफारिशें दी गई हैं। सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने सीएम आवास में मंडे को रिपोर्ट का विमोचन किया।

रिवर्स माइग्रेशन की होगी कवायद

आयोग की रिपोर्ट में रिवर्स माइग्रेशन के लिए भी कवायद किए जाने का उल्लेख है। खुद रिपोर्ट की लॉन्चिंग करते हुए सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि अल्मोड़ा में पलायन की दर काफी ज्यादा है। ऐसे में रिवर्स माइग्रेशन के लिए कवायद की जाएगी, ताकि लोग गांवों की ओर लौटें। इसके लिए स्वयं सहायता समूहों के जरिए कृषि, बागवानी और लोकल प्रोडक्टस को बढ़ावा दिया जाएगा। टूरिज्म के लिए होम स्टे स्कीम को बढ़ाना। टूरिज्म के क्षेत्र में होम स्टे योजना से लोगों को जोड़ा जाएगा।

अल्मोड़ा की पॉपुलेशन ग्रोथ माइनस में

- 5.57 परसेंट हिस्सा राज्य का अल्मोड़ा में

- 2011 की जनसंख्या के अनुसार 622506 पॉपुलेशन, पुरुष 291081 व महिला 331425

- 90 परसेंट आबादी का हिस्सा रूरल एरिया में

- -1.64 परसेंट पॉपुलेशन ग्रोथ रेट

- - 4.20 परसेंट ग्रोथ रेट रूरल पॉपुलेशन का

- 25 परसेंट ग्रोथ रेट शहरी आबादी का 10 वर्ष में

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2001 से 2011 तक इलाकावार आबादी की परिवर्तन दर

ब्लॉक परिवर्तन दर

भिकियासैंण -21.78 परसेंट

स्यालदे -9.17

सल्ट -8.86

चौखुटिया -6.08

पर कैपिटल इनकम

2011-12 में 60550

2016-17 में 96786 रु।

80.47 एजुकेशन रेशियो

(92.86 पुरुष, 69.93 महिला)

पलायन रोकने को ये सिफारिशें

-रूरल इकोनॉमी में सुधार

-कृषि व गैर कृषि आय पर फोकस

- बेहतर विलेज प्लानिंग की जरूरत

- फंडामेंटल फेसिलिटी मुहैया कराना

- स्किल डेवलपमेंट पर फोकस

- सरकारी योजनाओं का गांव में बढ़ावा

- महिला केंद्रित योजनानों को बढ़ावा

- रूरल डेवलपमेंट पर फोकस

पलायन आयोग अब तक पेश कर चुका 4 रिपोर्ट

17 जून 2017- अल्मोड़ा जिले की आर्थिक व सामाजिक सुदृढ़ीकरण की रिपोर्ट

दिसंबर 2018- पौड़ी जिले के ग्रामीण क्षेत्र की सामाजिक व आर्थिक विकास की रिपोर्ट

सितंबर 2018- नेचर बेस्ड टूरिज्म (इको टूरिज्म) का विश्लेषण और सिफारिश संबंधी रिपोर्ट

मई 2018- पंचायतों में पलायन के तमाम पहलुओं पर अंतरिम रिपोर्ट

2020 में पिथौरागढ़ व टिहरी की रिपोर्ट

ग्राम्य विकास एवं पलायन आयोग के उपाध्यक्ष डा.एसएस नेगी ने कहा कि सामाजिक, आर्थिक विकास को सुदृ़ढ़ करने व पलायन पर अंकुश लगाने के लिए राज्य के तमाम जिलों के ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर विशेषज्ञों व स्थानीय लोगों के साथ विचार विमर्श किया गया। विवि व संस्थानों से भी पलायन पर अंकुश लगाने के लिए सुझाव लिये गये। शासन स्तर पर भी बैठकें हुईं। उपाध्यक्ष ने बताया कि वर्ष 2020 में पिथौरागढ़ व टिहरी जिलों में पलायन की स्थिति का सर्वे पूरा होगा और रिपोर्ट पेश की जाएगी।

inextlive from Dehradun News Desk


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