MillennialsSpeak मिलेनियल्स की दरकार बेरोजगारी शिक्षा और स्वच्छता पर दे जोर

2019-02-23T11:20:27+05:30

GORAKHPUR : आगामी लोकसभा चुनाव की तैयारियों में जिला निर्वाचन विभाग के आला अधिकारियों की टीम ने अपना काम शुरू कर दिया है। वहीं, दैनिक जागरण आई नेक्स्ट और रेडियो सिटी की ओर से खास मिलेनियल्स के लिए आयोजित राजनी- टी कार्यक्रम में बढ़चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। एक तरफ जहां अपने वोटिंग राइट्स के इस्तेमाल को लेकर सजग नजर आ रहे हैं। वहीं, एक- एक वोट के मूल्य के बारे में भी बता रहे हैं। शुक्रवार को व्ही पार्क में राजनी- टी का आयोजन किया गया। इसमें युवाओं ने ब्लैकमनी, स्वच्छ भारत, स्मार्ट सिटी, डिजिटल इंडिया, स्टार्ट- अप इंडिया, मेक इन इंडिया, पेट्रोल डीजल प्राइस, एलपीजी सब्सिडी, क्रप्शन, जीएसटी, डिमोनेटाइजेशन, सर्जिकल स्ट्राइक व एजुकेशन सिनेरियो टॉपिक्स पर खुलकर ि1वचार रखें.

स्वच्छता को लेकर होना होगा जागरूक

राजनी- टी में मिलेनियल्स के साथ रेडियो सिटी के आरजे प्रतीक ने उबलते मुद्दों पर चर्चा की। तो सबसे ज्यादा बेरोजगारी, शिक्षा के स्तर में सुधार और स्वच्छता पर लोगों ने प्रमुखता से प्रकाश डाला। सविता बताती हैं कि सरकार ने जिस तरह से मेक इन इंडिया को लेकर काम किया है। उसमें और सुधार की जरूरत है। क्योंकि मेक इन इंडिया का नाम सिर्फ दे देने से काम नहीं चलता। इसके लिए सरकार और पब्लिक दोनों को सहयोग की जरूरत है। वहीं, डीजल और पेट्रोल के बढ़ते प्राइस पर रवि प्रकाश बताते हैं कि इस पर लगाम लगाने की जरूरत है। लेकिन इधर कुछ दिनों में पेट्रोल के दाम में वृद्धि नहीं हुई है। इसी बीच डिस्कशन के दौरान चंद्र प्रकाश बताते हैं कि देश भर में क्रप्शन को लेकर जिस तरह से बड़े- बड़े वादे किए गए थे। वह नजर नहीं आता है। आज भी लोगों के जेहन में क्रप्शन घूस गया है। जिसे खत्म करना सरकार का मकसद होना चाहिए.

जीएसटी, उज्ज्वला का छाया रहा मुद्दा

जीएसटी के मुद्दे पर मनीष द्विवेदी बताते हैं कि जीएसटी भी जिस मकसद से लागू किया गया है। वह मकसद ग्राउंड लेवल पर दिखाई नहीं दे रही है। हालांकि बिजनेसमैन को इसका फायदा है। लेकिन कस्टमर्स को इसका फायदा मिलता नहीं दिख रहा है। वहीं, सुनील बताते हैं कि एलपीजी सब्सिडी तो मिल रही है। उज्ज्वला गैस कनेक्शन में लोगों ने कनेक्शन फ्री ऑफ कास्ट ले लिया, लेकिन अब उनके पास इतना भी पैसा नहीं है कि वह गैस खरीद सके। विनीता बताती हैं कि स्टार्ट अप इंडिया पर सरकार ने काम शुरू तो अच्छा किया है, लेकिन इसे और बेहतर बनाए जाने की जरूरत है.

 

नहीं चलेगा वादा

ब्लैकमनी के मुद्दे पर सर्वेश बताते हैं कि ब्लैकमनी पर कोई भी सरकार हो उसे इस पर ध्यान देना होगा। केवल बड़ी- बडी बातें कर देने से ब्लैक मनी नहीं आ जाएगी। अगर ब्लैकमनी आती है तो निश्चित तौर पर देश के विकास में सहायक होगा। हालांकि इसके लिए जो भी सरकार हो वोट उसी देंगे जो इस पर काम करेगा। बड़े- बड़े वादे और दावे से काम नहीं चलेगा.

 

कॉलिंग

स्वच्छता को लेकर जिस प्रकार से सरकार ने ठोस कदम उठाए हैं, यह सराहनीय है। लेकिन आज भी शहर में जहां- जहां डस्टबीन रखे गए हैं उसमें लोग कूड़ा नहीं डालते हैं। कहीं न कहीं इसमें लोगों को जागरूक होने की जरूरत है.

सुनील कुमार

 

मेरा वोट उसी को जाएगा जो क्रप्शन को जड़ से समाप्त कर सकेगा। आज भी सरकारी से लेकर गैर सरकारी विभागों में क्रप्शन एक बड़ा मुद्दा है। इन्हें जड़ से समाप्त करना बेहद जरूरी है.

आनंद कुमार गुप्ता

 

मैं उसी को वोट दूंगा जो बेरोजगारी को दूर करेगा। जो भी सरकार आती है वह युवाओं को लुभावने वादे तो करती है। लेकिन उसे पूरा नहीं करती है। जो वैकेंसी आती हैं उसे सरकार पूरा नहीं करा पाती है.

पवन

 

बेरोजगारी आज की डेट में एक बड़ी समस्या है। युवा उच्च स्तरीय डिग्री हासिल करने के बाद भी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारियों में उम्र बीता देता है, लेकिन नतीजा कुछ नहीं निकलता है। इसलिए मैं उसी को वोट दूंगा जो युवाओं के इस पीड़ा को समझें.

आशीष

 

आरक्षण एक बड़ा मुद्दा है। जनरल कैटेगरी के स्टूडेंट्स को किसी भी प्रतियोगी परीक्षा में कड़ी मेहनत करनी पड़ती है। ऐसे में मेरा वोट उसी को जाएगा जो आरक्षण जैसे गंभीर समस्या से जनरल कैटेगरी के युवाओं को निजात दिला सके.

खुशी राय

 

आज की डेट में एजुकेशन बड़ा मुद्दा है। आज भी अन इंप्लाईमेंट बहुत है। चूंकि मैं एक काउंसलर और लेक्चर लेती हूं। तो अक्सर देखने में आता है कि एमफील करके भी सफाई कर्मचारियों जैसी वैकेंसी के फार्म कैंडिडेट्स भरते हैं। ऐसे में क्वालिटी बेस्ड एजुकेशन को बढ़ावा देते हुए शिक्षा के स्तर में सुधार करना होगा.

शिवानी मिश्रा

 

बेरोजगारी अहम मुद्दा है। कड़ी मेहनत करो और लास्ट मोमेंट पर पेपर लीक होने से सारी तैयारियों पर पानी फिर जाता है। या फिर मामला कोर्ट में चला जाता है। ऐसे में कैंडिडेट्स का समय बर्बाद होता है। मेरा वोट उसी को जाएगा, जो युवाओं की इस समस्या से निजात दिलाने में मददगार साबित होगा.

निकिता

 

मेरा वोट उसी को जाएगा, जो लड़कियों की सुरक्षा का पूरा ख्याल रखेगा। जो भी सरकारें आती हैं वह महिलाओं और युवतियों की सुरक्षा की बड़ी- बड़ी बातें तो करती हैं, लेकिन उसका पालन ठीक ढंग से नहीं होता है। इसलिए इस पर विचार करने की जरूरत है.

आशीष पांडेय

 

 

मेरी बात

देखिए, आज की डेट में सबसे बड़ी समस्या बेरोजगारी व भ्रष्टाचार है। किसी भी प्रतियोगी परीक्षा में भ्रष्टाचार चरम पर है। ऐसा नहीं है कि भ्रष्टाचार पहले ज्यादा था और अब कम हो गया है। आज भी भ्रष्टाचार चरम पर है। बस लेन देने का तरीका बदल गया है। चाहे शैक्षणिक संस्थान में भर्ती का मामला हो या फिर प्रतियोगी परीक्षाओं में भ्रष्टाचार का मामला हो। इसलिए सरकार चाहे किसी की भी हो। इस मुद्दे को जब तक जड़ से समाप्त नहीं किया जाएगा। तब तक हमारे देश के युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ होता रहेगा। इसलिए वोट उसी को जाएगा, जो इन मुद्दे पर विशेष ध्यान देते हुए इस पर सख्त रूख अपनाएगा.

आरके त्रिपाठी

 

कड़क मुद्दा

मुद्दों पर जब बात शुरू हुई तो सबसे ज्यादा बेरोजगारी, शिक्षा और स्वच्छता पर हुई। दैनिक जागरण आई नेक्स्ट और रेडियो सिटी की टीम से मिलेनियल्स ने बेरोजगारी को बड़ा मुद्दा बताया। आज की युवा पीढ़ी को सरकारी जॉब मिलना मुश्किल हो चुका है। वहीं सरकारी विभागों में प्राइवेटजाइजेशन भी हावी होता जा रहा है। शिक्षा के स्तर में सुधार की जरूरत है। ताकि युवा मार्डन टेक्नोलॉजी से रूबरू हो सके। वहीं स्वच्छता को लेकर पब्लिक को जागरूक होने की जरूरत है। क्योंकि आज भी ज्यादातर लोग डस्टबीन में कूड़ा फेंकने के बजाय डस्टबीन के साइड में फेंक देते हैं। इन तीन कड़क मुद्दों पर मिलेनियल्स ने अपनी बातों को प्रमुखता के साथ रखा.

inextlive from Gorakhpur News Desk


This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy  and  Cookie Policy.