MillennialsSpeak विदेश नीति की मजबूती ही बनाएगी सरकार

2019-03-25T11:47:06+05:30


varanasi@inext.co.in
VARANASI : लोकतंत्र के महापर्व की शुरुआत हो चुकी है। केंद्र की सत्ता पर काबिज होने के लिए राजनीतिक पार्टियाें ने अपनी- अपनी रणनीति के तहत ताकत झोंक दी है। वोटरों ने भी अपनी पसंद की सरकार चुनने के लिए कमर कस ली है। चुनावी चर्चा में इस बार भी मिलेनियल्स की संख्या अधिक है। आगामी सरकार भी इन्हीं के दम पर बननी भी तय है। चाय के साथ चर्चा पर बेरोजगारी, विदेश नीति, देश की सुरक्षा, एजुकेशन और स्वच्छता का मुद्दा छाया रहा। इन वोटरों के सामने तमाम ऐसे मुद्दे हैं, जिन्हें बताने के लिए दैनिक जागरण आई नेक्स्ट ने मिलेनियल्स स्पीक के रूप में प्लेटफॉर्म दिया। शिवराज नगर कालोनी स्थित साई मंदिर में रविवार को राजनी टी पर मिलेनियल्स वोटरों ने खास मुद्दों पर चर्चा की.

 

विदेश नीति में सुधार की जरूरत

कड़क चाय के साथ रेडियो सिटी के आरजे समीर ने मिलेनियल्स वोटरों के साथ चर्चा की शुरुआत की। जब मुद्दों पर बात हुई तो सीमा सुरक्षा और विदेश नीति पर यंगस्टर्स ने अपनी बात बेबाकी से रखी। उन्होंने कहा कि भारत की विदेशी नीति अच्छी है। इसके सार्थक परिणाम दिख रहे हैं। आतंकवाद मुद्दे पर अमेरिका, रूस, जापान, ब्रिटेन जैसे तमाम शक्तिशाली देशों ने यूएन में भारत का समर्थन किया और सदस्यता पर जोर दिया। आने वाली सरकार से इसमें थोड़ा सुधार की उम्मीद है। ताकि कोई व्यक्ति देश का पैसा लूटकर विदेश में पनाह न ले पाए। सीमा की सुरक्षा और भी सख्त करने की जरूरत है। हालांकि बहुत हद तक काम हुआ है। भविष्य में इस पर सुनियोजित तरीके से काम की उम्मीद है.

 

बेरोजगारी नहीं हो रही खत्म

वोटरों ने कहा कि बेरोजगारी की समस्या कम नहीं हो रही है। किसी भी सरकार ने इस पर काम नहीं किया। युवाओं को रोजगार मुहैया कराने के बारे में ठोस प्लानिंग होनी चाहिए। महज आंकड़ों और जुमलेबाजी से काम नहीं चलने वाला है। आज कल भारत युवाओं का देश कहा जाता है। बेरोजगारी सबसे बड़ा मुद्दा है। आने वाली सरकार को चाहिए कि रोजगार दे, जिससे गरीबी और भुखमरी खत्म हो। वोट उसे ही जाएगा। क्योंकि यूथ ही देश के विकास में मददगार साबित होता है.

 

कड़क मुद्दा

अगर देश के सबसे कड़क मुद्दे की बात करें तो शिक्षा अहम मुद्दा रहा। शुरुआती दौर में ही सभी बच्चों को अच्छी शिक्षा मिलनी चाहिए, जिसका पैटर्न भी एक हो। एक देश, एक शिक्षा प्रणाली होनी चाहिए। ऑनलाइन व्यवस्था के बाद भी भ्रष्टाचार पर अंकुश नहीं लग पाया है। इसी का नतीजा है कि विकास और रोजगार के क्षेत्र में देश पीछे है। यूथ ने उसी सरकार को चुनने का निर्णय लिया है जो शिक्षा, चिकित्सा और महिलाओं की सुरक्षा आदि पर ध्यान दे.

 

मेरी बात

युवाओं को रोजगार देने का कार्य करना चाहिए। देश में आर्थिक स्थिति कृषि पर निर्भर है। किसानों के लिए अच्छी आधुनिक तकनीकी की सुविधा इजात करने की जरूरत है। देशभर में शिक्षा के क्षेत्र में तमाम कॉलेज खोले जा रहे हैं। लेकिन शिक्षा स्तर में सुधार नहीं हो रहा है। इसलिए उच्च शिक्षा की क्वालिटी बेस्ड एजुकेशन पर सरकार को काम करना चाहिए.

- रोहित चतुर्वेदी

 

देश में रोजगार पहली प्राथमिकता है। निश्चित तौर पर सरकार ने अच्छे कार्य किए गए हैं। लेकिन विकास के मुद्दों पर अगर बात करें तो जिस गति से होना चाहिए उस गति से नहीं हो रहा है। विकास में गति लाने के लिए सरकार को इस पर ध्यान देना चाहिए.

- अनिल सिंह

 

रोजगार सबसे बड़ी समस्या है। सभी पार्टियां बस हवा- हवाई बातें करती हैं। किसी के पास भी युवाओं के लिए रोजगार को लेकर कोई ठोस नीति नहीं है। इससे युवाओं में बेरोजगारी बढ़ती जा रही है। हमें ऐसा प्रतिनिधि चाहिए जो रोजगार के रास्ते तलाशे.

- रवि चतुर्वेदी

 

देश की सुरक्षा सबसे अहम मुद्दा है, जिस पर सभी दलों को बात करनी चाहिए। देश सुरक्षित रहेगा तो सारे मुद्दों पर बात होगी। इसके अलावा भ्रष्टाचार पर भी नीति स्पष्ट होनी चाहिए। ऐसे प्रतिनिधि को ही वोट करुंगा, जो देश की सुरक्षा और भ्रष्टाचार पर बात करे.

- ज्योति मिश्रा

 

महिलाओं की बात सब करते हैं, लेकिन महिलाओं को किन- किन परिस्थितियों से गुजरना होता है, उसको लेकर कोई बात नहीं करता है। ऐसे प्रतिनिधियों की जरूरत है जो महिलाओं की पेंशन, दिव्यांगों के लिए कुछ अलग सोच रखता हो.

- पूनम तिवारी

 

बेरोजगारों के लिए एक ऐसी पॉलिसी की जरूरत है, जो वास्तव में देश के बेरोजगारों को नई दिशा दिखाए। रोजगार की पॉलिसी को लेकर हमारे लीडर्स को इलेक्शन में वोट मांगने चाहिए। यूथ के लिए रोजगार देना प्राथमिकता में होना चाहिए.

- मनोज द्विवेदी

 

राष्ट्रीय सुरक्षा पर जो सरकार सबसे अहम फैसले ले, ऐसी सरकार को हमें चुनना चाहिए। देश की सुरक्षा से किसी प्रकार का कोई समझौता नहीं किया जा सकता है। इसके बाद रोजगार सबसे बड़ा इश्यू है.

- निर्णय कुमार

 

भ्रष्टाचार हमारे लिए सबसे बड़ा इश्यू है। आज भी भ्रष्टाचार पर लगाम नहीं लग पाई है। जिससे आम आदमी का जीवन प्रभावित हो रहा है। पहले तो हमारे एमपी पर कोई भ्रष्टाचार के आरोप न लगे हों। इसके साथ ही उसकी नीति भ्रष्टाचार के खिलाफ हो.

- पुन्नू लाल बिंद

 

सवा सौ करोड़ लोगों की सरकार होनी चाहिए। कुछ खास लोगों पर मेहरमानी नहीं होनी चाहिए। जनता को रोटी, कपड़ा, मकान मुहैया कराना सरकार की जिम्मेदारी है। सिर्फ वादों से पेट नहीं भरता है। सिर्फ हवा में काम गिनाने से कुछ नहीं होने वाला है, धरातल पर दिखना चाहिए.

- शिव कुमार सिंह

 

सतमोला खाओ, कुछ भी पचाओ

मिलेनियल्स स्पीक में स्वस्थ्य का मुद्दा प्रमुख रहा। इसमें शामिल लोगों ने कहा कि इसके लिए सभी को जागरूक होना पड़ेगा। सफाई एक जरिया है जो सीधे सेहत को प्रभावित करती है। इस मुद्दे पर मिलेनियल्स वोटर ने कहा कि पहले से काफी जागरूकता आई है लेकिन सरकार को इस दिशा में और काम करना होगा.

inextlive from Varanasi News Desk


This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy  and  Cookie Policy.