एक मासूम दर्जनों दरिंदे होश में आने के बाद खाेला माैसी के घर का राज

2019-06-20T10:04:09+05:30

रिम्स में आठ दिन तक बेहोशी की हालत में रहने के बाद 12 वर्षीय पीडि़त बच्ची ने बरियातू पुलिस को बयान दिया कि मुंबई में एक साल तक दर्जनों लोगों ने उसके साथ दुष्कर्म किया

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RANCHI बच्ची के इस बयान पर महिला शमा परवीन, तबरेज आलम और अब्दुल रहमान के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। बरियातू पुलिस ने बताया कि बच्ची कोडरमा की रहने वाली है। डेढ़ साल पहले उसकी मौसी शमा परवीन पढ़ाने के नाम पर उसे अपने साथ मुंबई लेकर गई थी। वहां पढ़ाई की जगह बच्ची से घर का काम कराया जाने लगा। बच्ची ने इसका विरोध किया तो उसके साथ मारपीट की जाने लगी। हर रात बच्ची को नशे की दवा दे दी जाती थी और उसके साथ दुष्कर्म किया जाता था। बच्ची सुबह उठती तो उसके शरीर पर एक भी कपड़ा तक नहीं होता था। बच्ची ने इसकी जानकारी कई बार अपनी मौसी को दी पर वह उसे डांट डपट कर चुप करा देती थी। फरवरी माह में एक रात बच्ची को होश आया तो उसने देखा कि अब्दुल रहमान नाम का आदमी उसके साथ दुष्कर्म कर रहा था।

शिकायत की तो दी यातना
बच्ची ने पुलिस को बताया कि दुष्कर्म होने की घटना उसने मौसी को बताई तो मौसी ने उसके साथ मारपीट की। बच्ची को कई जगहों पर जला दिया गया। बच्ची के शरीर पर कई जगहों पर जले का निशान पाए गए हैं। बच्ची ने पुलिस को यह भी बताया कि अप्रैल माह में उसकी तबीयत ज्यादा खराब हुई तो मौसी उसे लेकर कोडरमा पहुंची। बच्ची की हालत ज्यादा खराब देख उसकी मां ने कारण पूछा तो मौसी ने कहा कि कोई बात नहीं है। इलाज के लिए वह पैसा देगी। लेकिन वह बिना पैसा दिए मुंबई लौट गई। एक माह से अधिक समय तक बच्ची का इलाज कोडरमा में हुआ। स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो बच्ची को रिम्स रेफर कर दिया गया।

किसी को भी देख जा रही सहम
पुलिस का कहना है कि पिछले आठ दिनों से पीडि़ता का बयान लेने का प्रयास किया जा रहा था। बच्ची इतनी डरी हुई है कि किसी को भी देखकर जोर जोर से चिल्लाने लग रही थी। महिला पुलिसकर्मियों के होने की वजह से बच्ची ने अपना बयान दिया।

बरियातू पुलिस जाएगी मुंबई
बरियातू पुलिस का कहना है कि मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस की एक टीम जल्द ही मुंबई जाएगी। बच्ची के परिजनों का बयान ले लिया गया है। रिम्स प्रबंधन से बच्ची के इलाज के लिए बात की गई है। हॉस्पटल प्रबंधन ने कहा है कि इलाज के दौरान बच्ची के परिजनों से एक भी पैसा नहीं लिया जाएगा।


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