रोज दो तीमारदार की पिटाई

2019-04-22T12:19:45+05:30

- शहर के सरकारी व प्राइवेट हॉस्पिटल्स में आए दिन सामने आते हैं मारपीट के मामले

- डर के चलते तीमारदार नहीं करते शिकायत, कुछ मामलों में पुलिस करा देती निपटारा

-जनसुनवाई पोर्टल पर भी शिकायतों की भरमार, नहीं होता निदान

GORAKHPUR: शहर में सरकारी से लेकर प्राइवेट हॉस्पिटल्स तक ने मानो मानवता को ताक पर रख दिया है। आए दिन कहीं तीमारदारों से मारपीट हो रही है तो कहीं बाउंसर्स के जरिए मनबढ़ अस्पताल संचालक और डॉक्टर महिलाओं तक से अभद्रता करने से बाज नहीं आ रहे। आंकड़े साफ बता रहे हैं कि यहां रोज दो तीमारदार को पीटा जा रहा है, लेकिन जिम्मेदार सबकुछ जानते हुए भी अस्पतालों की खुली गुंडई पर खामोश हैं। तमाम शिकायतों के बावजूद भी अस्पतालों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होती है। कई बार तो तीमारदार अस्पताल संचालकों की धमकी के डर से शिकायत ही दर्ज नहीं कराते। इतना ही नहीं, पीडि़त अगर इसकी शिकायत जनसुनवाई पोर्टल पर भी करते हैं तो ज्यादातर मामले सांठगांठ कर रफा-दफा कर दिए जाते हैं।

होती शिकायतें, नतीजा कुछ नहीं

सीएमओ ऑफिस के आंकड़ों के मुताबिक शहर में 360 प्राइवेट हॉस्पिटल और नर्सिग होम संचालित किए जा रहे हैं। इनमें ज्यादातर में स्वास्थ्य सेवाओं का हाल बहुत ही बुरा है। कहीं लापरवाही के कारण मरीजों की मौत हो रही है तो कहीं इलाज में लापरवाही का विरोध करने पर तीमारदारों को मारा-पीटा तक जा रहा है। शनिवार को ही पैडलेगंज एरिया स्थित प्राइवेट हॉस्पिटल में मरीज की मौत के बाद विरोध जताने पर तीमारदारों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा गया। यह कोई पहला मामला नहीं हैं। इससे पहले भी शहर के कई प्राइवेट हॉस्पिटल्स व नर्सिग होम में मारपीट के मामले सामने आ चुके हैं। तमाम मामलों में तीमारदारों द्वारा पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई गई लेकिन आज तक केसेज का निपटारा नहीं हो सका है। सीएमओ ऑफिस में भी कई लोगों ने शिकायत दर्ज कराई है लेकिन अभी तक जांच में कुछ निकल कर नहीं आया।

केस 1

शाहपुर एरिया में कुछ दिन पहले एक नर्सिग होम में भर्ती मरीज के इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए परिजनों ने हंगामा किया था। सूचना पर पुलिस पहुंची। शिकायत के आधार पर मामला दर्ज हुआ लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा सकी है।

केस 2

बेलीपार एरिया में एक्सीडेंट में घायल छात्र को जिला अस्पताल की इमरजेंसी में लाया गया। जहां डॉक्टर ने छात्र को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद मुर्दा को जिंदा बताकर तीमारदार हंगामा करने लगे। आरोप था कि डॉक्टर की लापरवाही की वहज से बच्चे की मौत हुई है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह मामले को शांत करवाया।

फैक्ट फिगर

बीते 30 दिन में मारपीट की घटनाएं - 24

जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायतें - 35

पुलिस थाने में की गई शिकायतें - 6

वर्जन

मामले में कई लोगों से पूछताछ की जा रही है। नर्सिह होम में लगा सीसीटीवी फुटेज भी देखा जा रहा है। जल्द ही आरोप पुलिस की गिरफ्त में होंगे।

रवि राय, इंस्पेक्टर कैंट

inextlive from Gorakhpur News Desk


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