कीटनाशक के छिड़काव से इस व्यक्ति को हुआ कैंसर अब अदालत ने दिलवाया दो हजार करोड़ रुपये का मुआवजा

2018-08-12T10:33:56+05:30

अमेरिका की कंपनी मोनसेंटो को अमेरिकी अदालत ने कैंसर पीडि़त को 29 करोड़ डॉलर करीब दो हजार करोड़ रुपये देने का आदेश दिया है।

सैन फ्रांसिस्को (रॉयटर्स)। अमेरिका की एक बड़ी कंपनी को अपने उत्पाद के चलते एक कैंसर पीडि़त को भारी-भरकम हर्जाना भरना पड़ेगा। दरअसल, कैलिफोर्निया की एक अदालत ने अमेरिका की दिग्गज कृषि रसायन कंपनी मोनसेंटो को कैंसर पीडि़त को 29 करोड़ डॉलर (करीब दो हजार करोड़ रुपये) मुआवजे के रूप में देने का आदेश दिया है। बता दें कि कैंसर पीडि़त ने अपनी बीमारी के लिए कंपनी को जिम्मेदार ठहराया था और उसके खिलाफ कोर्ट में एक मुकदमा दायर किया था। कैंसर पीडि़त ने मुकदमा दायर करते हुए कहा था कि खरपतवार को खत्म करने में इस्तेमाल किये जाने वाले कंपनी के राउंडअप प्रोडक्ट के चलते उसे कैंसर हुआ था और अब वह मरने के कगार पर पहुंच गया है।
कंपनी ने नहीं दी थी कोई चेतावनी
बता दें कि इस उत्पाद को बनाने में मुख्य रूप से ग्लाइफोसेट का उपयोग किया जाता है। कई एक्सपर्ट ने माना है कि इस उत्पाद से कैंसर हो सकता है। कैलिफोर्निया की अदालत ने देखा कि मोनसेंटो ने अपने उत्पाद से कैंसर के खतरे की चेतावनी नहीं दी थी, जिसकी चपेट में आकर 46 वर्षीय ड्वेन जॉनसन को कैंसर हो गया। तीन हफ्ते तक चली सुनवाई के बाद कोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि दंड के रूप में कंपनी को 25 करोड़ डॉलर और क्षतिपूर्ति के लिए 3.9 करोड़ डॉलर जॉनसन को देने होंगे।
2012 से कर रहे थे प्रोडक्ट का इस्तेमाल
अदालत के फैसले के बाद जॉनसन ने कहा, 'मैं अदालत को इस फैसले के लिए दिल से शुक्रिया कहना चाहता हूं।' बता दें कि जॉनसन, दो बच्चों के पिता हैं और वे साल 2012 से ही सैन फ्रांसिस्को के पास स्थित बेनेशिया स्कूल में राउंडअप का उपयोग कर रहे थे। वह उस स्कूल में ग्राउंडकीपर का काम करते थे। जॉनसन 2014 में कैंसर के पीड़ित हुए। इस बीमारी में ह्वाइट ब्लड सेल्स प्रभावित होती हैं। इसके बाद उन्होंने 2016 में मुकदमा किया था। उनकी गंभीर अवस्था को देखते हुए अदालत ने इस मामले में जल्दी सुनवाई की।
फैसले के खिलाफ दूसरे कोर्ट में केस अपील करेगी कंपनी
हालांकि फैसले के बाद मोनसेंटो ने एक बयान में कहा कि वे जॉनसन और उनके परिवार के प्रति सहानुभूति रखते हैं लेकिन फिर भी वे फैसले के खिलाफ दूसरे कोर्ट में अपील करेंगे। इसके साथ उन्होंने अपने प्रोडक्ट का बचाव भी किया। दरअसल, कंपनी का दावा है कि अमेरिका की पर्यावरण रक्षा एजेंसी सितंबर 2017 में ग्लाइफोसेट को कैंसर कारक नहीं पाया था। बता दें कि डब्ल्यूएचओ की इंटरनेशनल एजेंसी फॉर रिसर्च ऑन कैंसर ने ग्लाइफोसेट को उन चीजों की सूची में रखा है जिनसे कैंसर हो सकता है।

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