आज अधिकांश लोग देश में नोटबंदी के मामले में पीएम नरेंद्र मोदी का ही नाम सबसे पहले लेते हैं। ऐसे में लगता शायद लोगों को यह नही पता है कि इससे पहले यह फैसला देश के छ्ठे प्रधानमंत्री मोरार जी देसाई ने लिया था। जी हां सिर्फ नोट बंदी ही नहीं भारत के स्वाधीनता सेनानी मोरार जी देसाई ने अपने जीवन काल में कई बड़े फैसले लिए। ऐसे में आइए आज जानें 29 फरवरी 1896 को जन्‍में मोरार जी देसाई के बारे में कुछ खास बातें...


सिविल सेवा मेंभारत के पूर्व प्रधानमंत्री मोरार जी देसाई का जन्म गुजरात के बुलसर जिले के भदेली गांव में हुआ था। शुरुआती शिक्षा सौराष्ट्र के ‘द कुंडला स्कूल’ से ली। इसके बाद मुंबई के विल्सन कॉलेज से स्नातक की पढ़ाई करने के बार वह गुजरात सिविल सेवा में चले गए। इसके बद वह सिविल सेवा में चले गए। भ्रष्टाचार विरोधी नेताराष्ट्रवादी और भ्रष्टाचार विरोधी नेता के रूप में माने वाले मोरार जी देसाई को देश के भावी प्रधानमंत्री के रूप में देखा जा रहा था। हालांकि कांग्रेस में नेहरु परिवार की सक्रियता की वजह से इन्हें प्रधानमंत्री पद की जिम्मेदारी कभी नहीं मिल पाई। इसके बाद उन्होंने जनता पार्टी में अपनी सक्रियता दिखाई। देश के छ्ठे प्रधानमंत्री
इसके बाद सन 1977 में मोरारजी देसाई के नेतृत्व में जनता पार्टी की सरकार बनी और वह देश के छ्ठे प्रधानमंत्री थे। 81 वर्ष की उम्र में प्रधानमंत्री बने मोरार जी ने अपने कार्यकाल में कई बड़े फैसले लिए। उन्होंने 1978 में 100 से ऊपर को नोटों पर बैन लगाकर सबको शॉक्ड कर दिया था।

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Posted By: Shweta Mishra