फिर तो नगर निगम ही अप्रूव करेगा नक्शा

2018-08-26T06:00:26+05:30

- बनारस में भी वीडीए और नगर निगम के बाइलॉज में होगा संशोधन

- नक्शा अप्रूव करने को बन रहा प्रस्ताव, कार्यकारिणी की बैठक में पास होने पर भेजेंगे शासन को

VARANASI

महाराष्ट्र और गुजरात की तर्ज पर नियमों में बदलाव कर बनारस में भी नगर निगम को नक्शा पास करने का अधिकार देने की तैयारी चल रही है। नगर निगम नक्शा अप्रूव करने सम्बंधी प्रस्ताव तैयार करा रहा है। इसे निगम की कार्यकारिणी की आगामी बैठक में रखा जाएगा। यहां से प्रस्ताव पास होने के बाद उसे शासन को भेजा जाएगा।

अभी वीडीए के पास है अधिकार

दरअसल, शहर और उसके आसपास एरिया में बनने वाले भवनों का नक्शा पास करने का अधिकार वाराणसी विकास प्राधिकरण के पास है। निगम के अफसरों का कहना है कि नक्शा पास करने समेत तमाम मदों में वीडीए शुल्क लेता है, लेकिन अवस्थापना सुविधाएं शहर के बाहर ही मुहैया कराता है। शहर में बुनियादी सुविधाएं बढ़ाने में वीडीए कम ध्यान देता है। हालांकि सिटी में सड़क, पेयजल, सीवरेज, प्रकाश समेत अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना नगर निगम के साथ ही वीडीए की भी जिम्मेदारी है।

सुविधाओं में होगा इजाफा

शासन से प्रस्ताव पास होने के बाद नगर निगम को नक्शा अप्रूव करने का अधिकार मिला तो पब्लिक को इसका कोई सीधे तौर पर फायदा नहीं होगा, लेकिन उनके दिए शुल्क का प्रयोग विकास कार्य कराने में किया जाएगा। वहीं निगम को भी शहरी एरिया में बुनियादी सुविधाएं बढ़ाने के लिए करोड़ों रुपये अतिरिक्त मिला करेंगे। जिससे उसका कोष भी बढ़ेगा।

कई प्रदेशों में है व्यवस्था

महाराष्ट्र और गुजरात में नगर निगम के पास भवनों का नक्शा पास करने का अधिकार है। एमपी में टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग है, जो डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेशन के अधीन होता है और शहर में विकास कार्य कराता है। इसी आधार पर प्रदेश में यह व्यवस्था लागू करने के लिए नगर निगम कार्यकारिणी की बैठक में यह प्रस्ताव रखेगा। प्रस्ताव पास होने के बाद शासन को भेजा जाएगा। शासन इसे विधानसभा में रखेगा। आम सहमति बनने पर विकास प्राधिकरण और नगर निगम के अधिनियमों में बदलाव कर नई व्यवस्था लागू की जाएगी।

एक नजर

05

जोन में बंटा है बनारस शहर

1.91

लाख भवन हैं शहर में

700

से ज्यादा नक्शा हर साल पास करता है वीडीए

1100

रुपये प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से लगता है डेवलपमेंट चार्ज

वर्जन-

वीडीए शहरी एरिया में विकास शुल्क जमा कराता है, लेकिन अधिकतर विकास कार्य सिटी के बाहर कराता है। नियम बदलने से शहरी क्षेत्र का पैसा इसी एरिया में विकास में प्रयोग होगा।

डॉ। नितिन बंसल, नगर आयुक्त

विकास शुल्क से शहरी एरिया में भी काम कराए जाते हैं। नगर निगम की कार्यकारिणी में प्रस्ताव पास होने के बाद उसे विधानसभा में भी पास कराना होगा। इसके बाद दोनों विभागों के एक्ट में बदलाव करना होगा, तभी नई व्यवस्था शुरू हो सकती है।

राजेश कुमार, वीसी, वीडीए

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