नवरात्रि व्रत से देवी को करें प्रसन्‍न साथ ही खुश होगा आपका शरीर व मन

2018-03-16T02:13:51+05:30

मां दुर्गा को प्रसन्‍न करने का त्‍योहार और नव संवत्सर की शुभ शुरुआत करने का पर्व चैत्र नवरात्रि इसी 18 मार्च से शुरु हो रहा है। इस दौरान देश दुनिया में लाखों करोड़ों लोग दु्र्गा मां की और अधिक कृपा पाने के लिए पूरे 8 दिनों तक व्रत रखेंगे। वैसे आप व्रत रहें या न रहें। आपके व्रत से मां दुर्गा और प्रसन्‍न हों या न हों लेकिन एक बात तो तय है कि इस मौसम में नवरात्रि का व्रत उपवास रखने से आपका दिमाग और बॉडी जरूर खुश हो जाएगी। व्रत रखने से पहले इसके पीछे की वजह जरूर जान लीजिए।

नवरात्रि और बदलते मौसम का है सीधा कनेक्‍शन

वैसे तो ज्‍यादातर लोग नवरात्रि के दौरान सिर्फ धार्मिक वजहों से ही पूरे 8 या 9 दिन तक व्रत, उपवास और फलाहार करते हैं, लेकिन हम आपको बता दें कि नवरात्रि व्रत और मौसम का एक ऐसा कनेक्‍शन है, जो आपको और भी हेल्‍दी बनाता है। दरअसल वजह यह है कि साल मे दो बार होने वाला नवरात्रि व्रत ऐसे वक्‍त पर होता है, जब मौसम बदलाव के दौर में होता है। यानि कि शारदीय नवरात्रि में बरसात के बाद सर्दी की शुरुआत हो रही होती है, जबकि चैत्र नवरात्रि के टाइम सर्दी खत्‍म होकर गर्मियों का आरंभ हो रहा होता है। वैज्ञानिक तौर पर यह बात साबित हो चुकी है कि बदलते मौसम के दौरान हमें कई तरह के इनफेक्‍शन और बीमारियां होने की ज्‍यादा पासिबिल्‍टी होती है। ऐसे में व्रत और उपवास करने से हमारे शरीर को शुद्ध होने और इंफेक्‍शन से लड़ने की ताकत मिलती है। नवरात्रि के पहले सर्दियों के दौरान लोग जमकर तली भुनी चीजें, पूड़ी, पराठे, शादी पार्टियों में नॉनवेज तक सब कुछ हजम कर चुके हैं। ऐसे में नवरात्रि व्रत में हल्‍का खाना खाने से हमारी बॉडी और माइंड को रिफ्रेश होने का मौका मिलता है।

 

नवरात्रि व्रत रखने का यह है सबसे बड़ा फायदा

आमतौर पर नवरात्रि में के दौरान ज्‍यादातर लोग प्‍याज, लहसुन, नॉनवेज, स्‍मोकिंग और ड्रिंक्‍स से दूर रहते हैं। अगर हम इन सब चीजों को छोड़ने के पीछे धार्मिक वजह को छोड़ दें, तब भी ऐसा करने से हमारी बॉडी को काफी हल्‍का महसूस होता है, जिससे हमारे भीतर पॉजिटिव एनर्जी बढ़ती है। वैसे भी आयुर्वेद के मुताबिक प्‍याज लहसुन, अन्‍न और एल्‍कोहॉल कई तरह की निगेटिव एनर्जी और विषाणुओं को अपनी ओर खींचतें है, जिससे हमारे शरीर में दूषित चीजों की मात्रा बढ़ जाती है। नवरात्रि के दौरान इन सभी चीजों को खाना छोड़ देने से हमारे शरीर की पॉजिटिव एनर्जी फिर से तरोताजा हो जाती है, जिससे हमारा दिल, दिमाग और शरीर ज्‍यादा तरोताजा महसूस करता है।

 

क्‍या कहते हैं आयुर्वेद एक्‍सपर्ट

आयुर्वेद एक्‍सपर्ट्स के मुताबिक सिर्फ नवरात्रि व्रत रखने से हमारा शरीर ज्‍यादा फिट और पॉजिटिव एनर्जी से लैस हो जाएगा, ऐसा भी नहीं है। दरअसल आयुर्वेद कहता है कि साल भर कुछ कुछ दिनों के अंतर पर व्रत रखने और हल्‍का खाना खाने से हमारा शरीर भीतर से स्‍वस्‍थ और फिट हो जाता है। ऐसे में नवरात्रि व्रत ही क्‍यों रहा जाए, इसके जवाब में एक्‍सपर्ट कहते हैं कि बदलते मौसम में कई दिनों तक चलने वाले इस व्रत और फलाहार से हमारे शरीर को किसी भी तरह के इंफेक्‍शन्‍स से लड़ने की और भी ज्‍यादा ताकत मिलती है और यही इसका सबसे बड़ा फायदा है।


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