नीट में फिजिक्स के सवालों ने स्टूडेंट्स को किया काफी परेशान

2019-05-06T06:00:47+05:30

40 सेंटर राजधानी में बने

36 हजार ने दिया एग्जाम

5 फीसद ने छोड़ा एग्जाम

150 शहरों में कराया गया एग्जाम

15 लाख ने दिया देश में एग्जाम

- नीट में कैलकुलेशन टफ होने से कैंडीडेट्स को लगा काफी समय

LUCKNOW : मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस में एडमिशन के लिए संडे को नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (नीट) आयोजित किया गया। इस कार फिजिक्स के कठिन सवालों और लंबे कैलकुलेशन से सभी को खूब परेशान किया। कई कैंडीडेट तो पेपर छोड़कर ही चले गए। वहीं बायोलॉजी का पेपर आसान आया।

5 फीसद ने छोड़ा एग्जाम

एग्जाम के लिए राजधानी में 40 सेंटर बनाए गए थे, जहां करीब 36 हजार कैंडीडेट्स ने एग्जाम दिया। जानकारी के अनुसार 5 फीसद ने यह एग्जाम छोड़ा है। कई कैंडीडेट्स ने बताया कि फिजिक्स के लंबे सवालों को उन्होंने छोड़ दिया है। विशेषज्ञों ने बताया कि फिजिक्स में 34 प्रश्न आसान आए थे, वहीं दो काफी कठिन थे। कैलकुलेशन वाले सवाल ज्यादा पूछे गए थे।

बायोलॉजी ने दी राहत

एक्सपर्ट शाहनवाज खान ने बताया कि केमिस्ट्री का पेपर न ज्यादा कठिन था और न ज्यादा आसान। वहीं बायोलॉजी के पेपर में पूछे गए सवाल पिछले साल की तुलना में आसान थे। निगेटिव मार्किंग के कारण फिजिक्स के कठिन सवालों को कई कैंडीडेट्स ने छोड़ दिया।

60 हजार को मिलेगा दाखिला

यह एग्जाम देश के 150 शहरों में कराया गया, जिसमें 15 लाख से अधिक कैंडीडेट शामिल हुए। इनमें से 60 हजार का चयन शीर्ष एमबीबीएस कॉलेजों के लिए किया जाएगा। यह एग्जाम 11 भाषाओं में कराया गया।

खूब रही सख्ती

एनटीए ने नीट के लिए पहले ही निर्देश जारी किया था कि छात्र हाफ शर्ट या टीशर्ट और छात्राएं सलवार सूट में आएंगी। सभी कैंडीडेट्स ने इस ड्रेस कोड का पालन किया। एग्जाम सेंटर पर कड़ी चेकिंग के बाद स्टूडेंट्स को प्रवेश दिया गया। कैंडीडेट्स से अंगूठियां तक उतरवाई गई। एग्जाम सेंटर्स पर गड़बड़ी रोकने के लिए जैमर भी लगाए गए थे।

बोले कैंडीडेट

इस बार पेपर कठिन आया। फिजिक्स ने खूब परेशान किया। केमिस्ट्री का पेपर ईजी था तो बायो के प्रश्न एनसीइआरटी बेस्ड थे।

अभिषेक

उम्मीद के हिसाब से पेपर नहीं हुआ। बायो आसान आई लेकिन इसके प्रश्न हल करने में काफी टाइम लगा। फिजिक्स काफी कठिन थी।

विनायक

बायो और केमिस्ट्री आसान आई लेकिन फिजिक्स ने उलझा दिया। पेपर में पूछे गए सभी सवाल सिलेबस से आए थे। कंप्टीशन टफ होगा।

सारिक खान

फिजिक्स के प्रश्न उच्च स्तरीय थे। इसलिए हल करने में परेशानी हुई। जिनका कांसेप्ट क्लियर होगा, उनका पेपर अच्छा हुआ होगा।

समिरन

फिजिक्स का पार्ट कठिन था तो बायो आसान थी। इनमें 8 से 9 सवाल सेल और कुछ सवाल ह्यूमन कार्डियोवेस्कुलर सिस्टम से पूछे गए थे।

शिव प्रताप

केमिस्ट्री में आर्गेनिक केमेस्ट्री में रेजुनेंस पार्ट से ज्यादा प्रश्न पूछे गए थे। फिजिक्स का पेपर ज्याद कठिन था। इसमें इलेक्ट्रिक पार्ट से न्युमेरिकल ज्यादा प्रश्न पूछे गए थे।

अभय

मुझे फिजिक्स में थ्योरी कठिन लगी। न्यूमैरिकल भी ज्यादा पूछे गए थे। बायो का पार्ट आसान लगा। केमिस्ट्री का पेपर भी ओवरआल ठीक था।

जियाऊल

inextlive from Lucknow News Desk


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