नेपाल के रास्ते बदला लेगा जैश!

2019-03-04T09:10:12+05:30

पाकिस्तान में एयर स्ट्राइक के बाद से नेपाल बार्डर से इंडिया में घुसपैठ की आशंका बढ़ गई है खुफिया एजेंसियों ने खुली सीमा से आतंकी संगठनों के विस्फोटक लाने की संभावना जताते हुए अलर्ट जारी किया है

- नेपाल बार्डर पर पहले भी पकड़े जा चुके हैं कई संदिग्ध-आतंकी

- पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई का गढ़ बना पड़ोसी मुल्क

GORAKHPUR@inext.co.in
GORAKHPUR: पाकिस्तान में एयर स्ट्राइक के बाद से नेपाल बार्डर से इंडिया में घुसपैठ की आशंका बढ़ गई है। खुफिया एजेंसियों ने नेपाल से सटी यूपी और बिहार की खुली सीमा से आतंकी संगठनों के विस्फोटक लाने की संभावना जताते हुए अलर्ट जारी किया है। नेपाल में पहले से पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई का तगड़ा नेटवर्क एक्टिव है। प्रधानमंत्री के खिलाफ जैश की बयानबाजी को गंभीरता से लेते हुए बार्डर पर तैनात सभी एजेंसियां एक्टिव हो गई हैं। पहले भी आईएसआई से जुड़े लोगों को अरेस्ट किया जा चुका है। एडीजी जोन ने बताया कि संदिग्धों की घुसपैठ की संभावना को देखते हुए बार्डर पर अलर्ट का निर्देश दिया जा चुका है। आने-जाने वालों की कड़ी निगरानी की जा रही है।

आईएसआई का गढ़, मिलती रहती पनाह
पुलवामा हमले के बाद हुई एयर स्ट्राइक के बाद देश की सीमा पर जहां तनाव बढ़ा है। वहीं, नेपाल बार्डर से विस्फोटक संग भारत में संदिग्धों की इंट्री कराने की संभावना के संकेत भी खुफिया एजेंसियों को मिले हैं। एयर स्ट्राइक के बाद से बार्डर पर मुस्तैदी बढ़ा दी गई है। नेपाल बार्डर की खुली सीमा भारत में घुसपैठ करने के लिए सबसे आसान जगह हैं। कई साल से पाकिस्तानी खुफियां एजेंसी आईएसआई का जाल नेपाल में फैला है। बार्डर के इलाकों में संदिग्ध गतिविधियों के संचालित करने के अलावा आईएसआई से जुड़े लोग पाकिस्तान से आने वाले कश्मीरी नागरिकों की घुसपैठ कराने का प्रयास करते रहते हैं। पहले भी कई संदिग्ध, आतंकी नेपाल बार्डर पर पकड़े जा चुके हैं। दो दिन पूर्व असलहों की खेप संग एक महिला इंडिया में आने की कोशिश में पकड़ी गई थी।

पीओके में ट्रेनिंग, नेपाल के रास्ते करते घुसपैठ
2017 में 13 मई को सोनौली बार्डर से इंडिया में प्रवेश कर रहे पाकिस्तानी आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिदीन से जुड़े संदिग्ध को सुरक्षा एजेंसियों ने अरेस्ट किया था। वह नेपाल के रास्ते में भारत में आकर कश्मीर पहुंचने की कोशिश में लगा था। तब पुलिस अधिकारियों ने बताया था कि 2003 में पाक ऑक्यूपाइड कश्मीर से आतंकी ट्रेनिंग लेकर वह लौटा है। पाकिस्तान के गुजरावाला में रहकर उसने निकाह कर लिया था। उसने बताया कि वह कश्मीर में तबाही मचाने के इरादे से प्रवेश कर रहा था। इसके पूर्व अप्रैल में यूपी एटीएस और पांच अन्य राज्यों की पुलिस की कंबाइन आपरेशन में 10 अन्य संदिग्ध पकड़े गए थे। 2013 के सितंबर माह में आतंकी यासीन भटकल को पकड़ा गया था। इस दौरान उसके साथ आईडी एक्सपर्ट असुदुल्लाह अख्तर भी पकड़ा गया था। भटकल के बारे में अब्दुल करीम टुंडा ने सुरक्षा एजेंसियों को जानकारी दी थी। नेपाल में भटकल के तीन ठिकानों के बारे में सूचना पर टीम एक्टिव हुई। जबकि, 29 अप्रैल 2012 को नेपाल सीमा से हिजबुल मुजाहिदीन से ताल्लुक रखने वाले 10 पुरुषों और छह महिलाओं को पकड़ा गया था। 19 मई 2017 को नेपाल बार्डर से घुसपैठ में कश्मीरी नागरिक नसीर अहमद वानी को पकड़ा गया। 2002 में उसने कश्मीर में 16 आतंकियों को ट्रेनिंग दिलाई थी। फरवरी 2018 में बाटला हाउस एनकाउंटर के बाद से फरार चल रहे आतंकी आरिज उर्फ जुनैद को नेपाल बार्डर से दबोचा गया था।

यहां से ज्यादा होती आवाजाही

महराजगंज - सोनौली

सिद्धार्थनगर- बढ़नी, ककरहवा, चिल्हिया

बहराइच, बलरामपुर और श्रावस्ती जिलों की सीमा

क्यों आसानी से कर जाते प्रवेश

- बार्डर पर ज्यादातर जगह खुली सीमा होने लोकल पब्लिक आवागमन करती है।

- लोकल लोगों की मदद से संदिग्धों को बार्डर पार कराने में आसानी होती है।

- जंगलों में निगरानी और पेट्रोलिंग की व्यवस्था के बावजूद हर जगह जवान नहीं पहुंच पाते।

- बार्डर के दोनों तरफ गांवों में रहने वाले लोगों को लालच देकर शिकार बनाया जाता है।

लापता रूसी महिला का सुराग नहीं लगा सकी पुलिस
नेपाल बार्डर से इंडिया में घुसने वाली रूसी महिला और उसके बच्चों के बारे में कोई जानकारी गोरखपुर पुलिस नहीं जुटा सकी है। एक रूसी महिला नटालिया अपने दो बच्चों के साथ पोखरा में रहती थी। 31 अक्टूबर को जंगलों के रास्ते वह सिद्धार्थनगर, ककरहवा में नेपाल बार्डर को पार करके इंडिया में आ गई। भारत में पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की। सुरक्षा के लिहाज से गोरखपुर के महिला थाना पर रखी गई महिला अचानक लापता हो गई। तभी से उसका कोई पता नहीं चल रहा है। इसके अलावा दो साल के भीतर करीब 50 संदिग्ध विदेशियों को विभिन्न सुरक्षा एजेंसियां अरेस्ट कर चुकी है।

नेपाल बार्डर पर तैनात सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हैं। सभी जिलों के पुलिस प्रमुखों को निगरानी बढ़ाने के निर्देश पहले ही दिए जा चुके हैं। चेकिंग के बाद भी हर किसी को इंडिया में प्रवेश करने दिया जा रहा है। बार्डर की निगरानी में लगी अन्य एजेंसियों से भी तालमेल बिठाकर घुसपैठ पर नजर रखी जा रही है।

दावा शेरपा, एडीजी, गोरखपुर जोन


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