कॉनवेंट स्कूल्स में साइबर क्राइम से बचाने को लगेंगी क्लासेज

2019-03-23T06:01:05+05:30

- सीबीएसई और सीआईईटी ने जारी की गाइड लाइन

- 35-40 फीसदी स्टूडेंट्स हर साल होते हैं साइबर क्राइम का शिकार

बरेली। अब कॉन्वेंट स्कूलों के स्टूडेंट्स और टीचर्स को साइबर क्राइम से बचाने के लिए क्लासेज लगाई जाएंगी। इसके लिए सीआइईटी यानि सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशनल टक्नोलॉजी ने गाइडलाइन जारी की है। मौजूदा समय में ज्यादातर स्टूडेंट्स और टीचर्स इंटरनेट यूज करते हैं। जानकारी के अभाव में स्टूडेंट्स साइबर क्राइम का ज्यादा शिकार होते हैं और कई बार गलत कदम उठा लेते हैं। डर की वजह से यह अपने पेरेंट्स को भी कुछ नहीं बताते हैं। अब स्कूलों में स्टूडेंट्स को यह बताया जाएगा कि वह कैसे अपने ई-मेल और एकाउंट को हैक होने से बचाएं। इंटरनेट का इस्तेमाल करते हुए क्या-क्या सावधानियां बरतें। स्टूडेंट्स और टीचर्स को इससे अवेयर करने के लिए सभी स्कूलों को गाइडलाइन फॉलो करने के आदेश दिए हैं।

35 से 40 फीसदी होते हैं शिकार

सीआईईटी के जेडी अमरेंद्र प्रसाद ने बताया कि स्टूडेंट्स को साइबर क्राइम से बचाने के लिए उन्होंने एनसीआरटी के साथ मिलकर यह पहल शुरू की है। स्कूलों में स्टूडेंट्स के लिए डेजी क्लासेज और वर्कशॉप कराने का आदेश दिया है। वहीं स्कूल में अक्सर साइबर क्राइम की घटनाएं होती रहती हैं। हर साल लगभग 35 से 40 फीसदी बच्चे साइबर क्राइम का शिकार हो जाते हैं। इसी के तहत गाइडलाइन जारी की गई है।

स्कूल्स के लिए यह है गाइडलाइन

- कंप्यूटर को सही से शटडाउन करें।

- कंप्यूटर को समय होने पर ही अपडेट करें। बार-बार अपडेट न करें

- पासवर्ड को समय-समय पर बदलते रहे

- वाई-फाई का पासवर्ड संरक्षित रखें।

- फाइलों को कोई दूसरा न खोल पाए, इसका ध्यान रखें

- जरूरी डेटा कंप्यूटर के सी ड्राइव में न रखें।

- स्कूलों में ऑटोमेटिक सॉफ्टवेयर जरूर लगाएं।

स्टूडेंट्स के लिए यह है गाइडलाइन

- सोशल साइट पर किसी को कोई आपत्ति जनक कमेंट न करें।

- इंटरनेट से सॉफ्टवेयर, मूवी, गेम, सांग्स आदि कुछ भी डाउनलोड करते समय कॉपीराइट का ध्यान जरूर दें।

- किसी अंजान से चैटिंग के दौरान अपनी पर्सनल इंफॉर्मेशन न दें।

- यदि आपको को कोई डरा धमका रहा है तो तुरंत पेरेंट्स या टीचर्स को बताएं।

- पासवर्ड में न्यूमेरिक, एल्फाबेट और सिंबल का यूज होना चाहिए।

- एक अच्छे एंटीवायरस का यूज करें।

- सॉफ्टेवयर ऐसे यूज करें जिस पर भरोसा हो। कोई भी फाइल डाउनलोड होने के बाद उसे स्कैन जरूर करें।

- सोशल मीडिया पर अपनी फोटोज को किसी अज्ञात पर्सन को शेयर न करें।

- जब कोई व्यक्ति आपके बगल में बैठा हो तो पासवर्ड न डालें।

- अजनबियों के ईमेल और अटैचमेंट न खोले।

- किसी भी ब्राउज़र पर अपना आईडी और पासवर्ड सेव न करें।

टीचर्स के जारी निर्देश

- कुछ भी सर्च करते समय एक सुरक्षित ब्राउजर का ही यूज करें।

- ऑनलाइन बैंकिंग का यूज करते समय वेबसाइट जांच लें।

- स्ट्रान्ग पासवर्ड जनरेटर करें।

- मुफ्त, या असुरक्षित वाई-फाई के यूज से हमेशा बचें।

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हमारे स्कूल में तो साइबर सिक्योरिटी को लेकर पहले से भी एक या दो बार वर्कशॉप कराई जा चुकी है और आगे भी कराते रहेंगे। सभी स्कूलों को गाइडलाइन जारी करने के आदेश दे दिए हैं।

दीपक अग्रवाल, सीबीएसई को-ऑर्डिनेटर

inextlive from Bareilly News Desk


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