यूं तो आजकल बाजार में कई ऐसे स्मार्टफोन आ रहे हैं जिनके बैक या फ्रंट साइड में फिंगर सेंसर लगे हुए हैं जिससे फोन अनलॉक किया जा सकता है। अब वैज्ञानिकों ने एक ऐसा सेंसर बनाया है जो फोन की पूरी टच स्क्रीन को ही फिंगर सेंसर में तब्दील कर देगा।

इस नई तकनीक से फोन की पूरी स्क्रीन ही काम करेगी फिंगर सेंसर की तरह

कानपुर। आजकल मार्केट में फिंगर सेंसर वाले स्मार्टफोन की बहुत डिमांड है इस कड़ी में कई शुरुआती स्मार्टफोंस के बैक साइड में फिंगर सेंसर लगाया गया था, जिस पर उंगली रखते ही आपका फोन अनलॉक हो जाता है या कुछ फीचर्स लॉक / अनलॉक हो जाते हैं। इसके बाद कई ऐसे फोन भी मार्केट में आ चुके हैं जिनके टच स्क्रीन के निचले हिस्से में फिंगर सेंसर लगा हुआ है, जिस पर उंगली रख कर आप अपने फोन को अनलॉक कर सकते हैं। डेलीमेल की रिपोर्ट केु मुताबिक अब दक्षिण कोरिया में रिसर्चर्स की एक टीम ने दावा किया है कि उन्होंने स्मार्टफोन के लिए एक ऐसा बेहतरीन साल्यूशन खोजा है जो किसी भी फोन की पूरे टच स्क्रीन डिस्प्ले को ही फिंगर सेंसर में तब्दील कर देगा। वैज्ञानिकों के मुताबिक फिंगर टच का यह स्टैंडर्ड दुनिया भर के तकनीकी स्टैंडर्ड को फॉलो करेगा और अगले 12 महीने में इसकी मार्केट में आने की उम्मीद है।


फिंगर के दबाव के साथ ही स्किन के तापमान को भी करेगा डिटेक्ट

सीनेट ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि साउथ कोरिया के उल्सान नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी के सैमसंग डिसप्ले UNIST सेंटर में वैज्ञानिकों ने एक ऐसा ट्रांसपेरेंट सेंसर विकसित किया है जो कि इंसानी त्वचा के तापमान और उसके दबाव दोनों को डिटेक्ट कर सकता है। यही इसकी सबसे बड़ी खासियत है कि फिंगर स्कैनर के तौर पर ये तकनीक उंगली के दबाव के साथ-साथ उसके तापमान को भी डिटेक्ट करके इसे और भी ज्यादा सुरक्षित बनाती है।



इस हाईटेक तकनीक में होगा नैनो सेंसर्स का इस्तेमाल

डेलीमेल ने बताया है कि इस ट्रांसपरंट सेंसर को बनाने में वैज्ञानिकों ने अल्ट्रा लॉन्ग सिल्वर नैनो फाइबर और फाइन सिल्वर नैनो वायर्स के पूरे नेटवर्क का इस्तेमाल किया है। अब यह सुनकर अगर आपको लग रहा है कि यह टच सेंसर बहुत ही मोटा और विशालकाय है तो ऐसा बिल्कुल भी नहीं है। रिपोर्ट बताती है कि नैनो फाइबर और नैनो वायर्स से बना ये सेंसर इतना छोटा और पतला है कि किसी भी डिजिटल डिसप्ले पर इसे फिट करने के बाद यह आसानी से नजर ही नहीं आता है। यानि कि वैज्ञानिक स्मार्टफोन से लेकर किसी दूसरी डिवाइस की पूरी स्क्रीन पर इस सेंसर को लगाकर उसे एक विशालकाय फिंगरप्रिंट स्कैनर में बदल सकते हैं।

इस यूनिक टच सेंसर को विकसित करने वाली टीम के मुताबिक इंसानी फिंगरप्रिंट में पूरी तरह यूनिक पैटर्न होते हैं। उनका यह टच सेंसर उंगली की त्वचा पर मौजूद इलेक्ट्रिकल चार्ज को भी डिटेक्ट करता है। परंपरागत तौर पर फिंगर सेंसर के लिए इस्तेमाल होने वाला मटीरियल यानी इंडियम टिन ऑक्साइड यानि ITO का स्मार्टफोंस में बहुतायत से इस्तेमाल होता है, लेकिन वह इस नए ट्रांसपरंट सेंसर की अपेक्षा औसत काम करता है।

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Posted By: Chandramohan Mishra