- पिछले साल रास्ते में गिर गया था बंडल लेकिन पुरानी व्यवस्था के सहारे ही बैठे जिम्मेदार

GORAKHPUR: यूपी बोर्ड परीक्षा की आंसर शीट को नोडल सेंटर तक ले जाने और ले आने की इस साल भी अभी तक कोई व्यवस्था नहीं हो सकी और न ही इस मामले में अभी तक कोई डिसीजन आया है कि नोडल सेंटर तक आंसर शीट कैसे आएंगे। जबकि बीते दिनों एमजी इंटर कॉलेज में बैठक के दौरान इस मुद्दे को परीक्षा केंद्र प्रभारियों ने उठाया भी था। लेकिन अभी तक डीआईओएस की तरफ से इस संबंध में कोई निर्णय नहीं लिया जा सका है।

छात्रों के भविष्य से खिलवाड़

बता दें, 6 फरवरी 2019 से यूपी बोर्ड परीक्षा शुरू हो रही है। यूपी बोर्ड के निर्देश के मुताबिक प्री-बोर्ड परीक्षाएं भी कुछ स्कूलों में शुरू हो चुकी हैं। जनवरी 2019 में बोर्ड प्रैक्टिकल्स भी शुरू हो जाएंगे। लेकिन अभी तक इस बात का डीआईओएस की तरफ से निर्णय नहीं लिया जा सका है कि इस बार परीक्षा केंद्र से नोडल सेंटर तक आंसर शीट ले आने व ले जाने के लिए क्या व्यवस्था होगी। जबकि पिछले साल चौरीचौरा परीक्षा केंद्र से गोरखपुर जुबिली इंटर कॉलेज में बनाए गए नोडल सेंटर तक मोटर साइकिल से आंसर शीट लाते वक्त बीच रास्ते में आंसर शीट गिरने की घटना हो चुकी है। गिर गया था। परीक्षार्थियों का आंसर शीट उस वक्त तो राहगीरों ने पुलिस को सूचना देकर आंसर शीट चौरीचौरा पुलिस को सुपुर्द कर दी गई थीं लेकिन अगर हालात यही रहे तो इस बार भी ऐसी घटना से इनकार नहीं किया जा सकता। इस मामले में मुकदमा भी दर्ज हुआ था लेकिन माध्यमिक शिक्षा परिषद की तरफ से इस समस्या की कोई सुध नहीं ली गई है। जबकि परीक्षार्थियों के भविष्य का सवाल है। डीआईओएस ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह भदौरिया ने बताया कि पहले की तरह ही आंसर शीट आएंगे। लेकिन ज्यादा दूरी वाले परीक्षा केंद्रों के लिए छह संकलन केंद्र बनाए गए हैं जबकि पहले पांच संकलन केंद्र थे।

वर्जन

आंसरशीट जैसे आते थे वैसे ही आएंगे। लेकिन जो दूर परीक्षा केंद्र हैं उनकी सुविधा के लिए पांच के बजाय छह संकलन केंद्र बनाए गए हैं।

- ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह भदौरिया, डीआईओएस

Posted By: Inextlive