प्रयागराज में सूखा दो साल पहले जैसे हालात

2019-04-06T06:00:59+05:30

2009 के सिविल सेवा परीक्षा परिणाम में ईवा सहाय को मिला था तीसरा स्थान

इसके बाद प्रयागराज के खाते में वर्ष 2016 और फिर 2017 के परिणाम में आए थे टॉप टेन में स्थान पाने वाले अभ्यर्थी

ALLAHABAD: सिविल सर्विसेस 2018 के फाइनल रिजल्ट में अबकी प्रयागराज के हांथ निराशा लगती नजर आ रही है। क्योंकि यूपीएससी नई दिल्ली द्वारा शाम को फाइनल रिजल्ट जारी करने के बाद से सफलता को लेकर खामोशी छाई रही। समाचार लिखे जाने तक प्रयागराज से टॉप रैंक में सफल अभ्यर्थियों के बारे में जानकारी नहीं हासिल हो सकी। जबकि इससे पहले सिविल सर्विसेस 2016 और 2017 में प्रयागराज को बड़ी सफलता हासिल हुई थी। 2017 के फाइनल रिजल्ट में भले ही प्रयागराज को उंगलियों पर गिनने लायक सफलता मिली थी। लेकिन प्रयाग की माटी की सोंधी महक परीक्षा परिणाम में जरूर महसूस की जा सकती थी।

सौम्या को चौथी, अनुभव को मिली थी 08वीं रैंक

2017 के अंतिम परिणाम में सरायममरेज थाना क्षेत्र के दसेर गांव तहसील हंडिया के रहने वाले अनुभव सिंह को 08वीं रैंक हासिल हुई थी। अनुभव को इससे पहले 2016 के परिणाम में भी 683 रैंक मिली थी। वहीं करेली गौसनगर निवासी सीरत फातिमा ने सिविल सर्विसेज में 810वीं रैंक प्राप्त की थी। सीरत कौडि़हार ब्लॉक स्थित प्राइमरी स्कूल नुमाया डाई में प्राथमिक शिक्षिका पद पर कार्यरत थी। इसके अलावा इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से पढ़ाई करने वाले जितेन्द्र प्रताप सिंह को 530वीं रैंक हासिल हुई है। जितेन्द्र पीसीबी हॉस्टल के पूर्व अंत:वासी थे। वहीं 2016 सिविल सर्विसेस के फाइनल रिजल्ट में एमएनएनआईटी की पुरा छात्रा सौम्या पांडेय को चौथा स्थान प्राप्त हुआ था। उस समय वह साल 2009 के बाद सर्वश्रेष्ठ रैंक पाने वाली प्रतियोगी थी। बता दें कि 2009 के परीक्षा परिणाम में इलाहाबाद यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर की बेटी ईवा सहाय को तीसरा स्थान हासिल हुआ था।

कीर्ति इलाहाबाद की मूल निवासी, विभू ने ट्रिपल आईटी से की पढ़ाई

सिविल सर्विसेज एग्जाम में इलाहाबाद की प्रीती पांडेय ने 89वीं रैंक हासिल की है। उनका सेलेक्शन 2017 में हो चुका है। वर्तमान समय में वह आईआरएस की पोस्ट पर तैनात हैं और दिल्ली में रह रही हैं। उनकी पिता राजेश पांडेय वर्तमान समय में बरेली में डीआईजी के पोस्ट पर तैनात हैं। आल इंडिया रैंक 173 सिक्योर करने वाले विभू शेखर का कहना है कि सफलता के लिए मॉक टेस्ट की प्रैक्टिस जरूरी है। मैंने यही किया। लामार्ट लखनऊ से 12वीं के बाद ट्रिपल आईटी इलाहाबाद से बीटेक किया। 2016 से जुलाई 2017 तक नोएडा की एक सॉफ्टवेयर कंपनी में जॉब की। साथ ही सिविल की तैयारी के लिए दिल्ली में कोचिंग भी करता रहा। 2017 में प्री के बाद मेंस में सिलेक्शन नहीं हुआ। दूसरे प्रयास में सफलता मिली।

inextlive from Allahabad News Desk


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