ट्रंप के पहले कार्यकाल में ही परमाणु हथियार नष्ट करना चाहते हैं उत्तर कोरियाई तानाशाह किम जोंग

2018-09-06T04:55:38+05:30

किम जोंग चाहते हैं कि वे ट्रंप के पहले कार्यकाल में ही अपने देश से परमाणु हथियार को पूरी तरह से नष्ट कर दें। साउथ कोरिया के एक अधिकारी ने यह बात कही है।

सिओल (रॉयटर्स)। उत्तर कोरियाई तानाशाह किम जोंग उन ने पहली बार परमाणु हथियार निरस्त्रीकरण के लिए समय सीमा तय की है। साउथ कोरिया की राजधानी सिओल के अधिकारियों ने गुरुवार को बताया कि किम अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पहले कार्यकाल में ही परमाणु निरस्त्रीकरण की प्रक्रिया को पूरा करना चाहते हैं। इसके बाद दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून जे-इन के विशेष दूत चुंग ईयू-योंग ने मीडिया से बात करते हुए यह भी जानकारी दी कि किम दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून से तीसरी बार भी मिलने के लिए तैयार हो गए हैं।
अमेरिका के साथ दुश्मनी भी खत्म कर देंगे किम
चुंग ईयू-योंग ने बताया कि दोनों नेताओं की यह वार्ता 18 से 20 सितंबर को उत्तर कोरिया की राजधानी प्योंगयांग में होगी। बता दें कि योंग के नेतृत्व में दक्षिण कोरिया के पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को प्योंगयांग के दौरे पर किम से मुलाकात की थी। वहां से लौटने पर योंग ने कहा, 'किम और मून परमाणु निरस्त्रीकरण के संबंध में व्यावहारिक उपायों पर चर्चा करेंगे। किम ने दक्षिण कोरियाई प्रतिनिधिमंडल से कहा कि उन्हें ट्रंप पर यकीन है। वह जनवरी 2021 में ट्रंप का पहला कार्यकाल समाप्त होने से पहले परमाणु निरस्त्रीकरण और अमेरिका के साथ शत्रुतापूर्ण संबंधों को खत्म करना चाहते हैं।'
12 जून को हुई थी वार्ता
बता दें कि किम और मून की मुलाकात से उत्तर कोरिया और अमेरिका के बीच परमाणु मसले पर विवाद खत्म हो सकता है। दोनों देशों में विवाद पिछले महीने तब पैदा हो गया था जब ट्रंप ने विदेश मंत्री माइक पोंपियो का उत्तर कोरिया दौरा रद कर दिया था। उन्होंने उत्तर कोरिया के परमाणु निरस्त्रीकरण में प्रगति नहीं होने को इसका कारण बताया था। गौरतलब है कि 12 जून को सिंगापुर में ट्रंप और किम के बीच ऐतिहासिक शिखर वार्ता हुई थी। इसमें कोरियाई प्रायद्वीप को परमाणु मुक्त करने की दिशा में काम करने और वार्ता जारी रखने पर सहमति बनी थी लेकिन तब से इस मसले पर कोई खास प्रगति नहीं हुई है।

अमेरिका में ट्रंप की चेतावनी, महाभियोग चला तो तबाह हो जाएगा अमेरिकी बाजार

जिसके खिलाफ थे ट्रंप, उसी नीति के तहत उनके सास ससुर को मिली अमेरिकी नागरिकता


This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy  and  Cookie Policy.