देहरादून आयुष्मान योजना में अब सीएम के पत्र से भी इलाज

2019-01-24T10:23:27+05:30

सीएम की ओर से अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना के सभी लाभार्थी परिवारों को भेजा जाएगा पत्र

आशाएं घर- घर जाकर देंगी पत्र, पत्र में संबंधित परिवार का विवरण और क्यूआर कोड रहेगा अंकित

DEHRADUN: अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना का लाभ लेने के लिए गोल्डन कार्ड बनाने के लिए लग रही लम्बी- लम्बी कतारों से मुक्ति मिलने जा रही है। सीएम की ओर से योजना के सभी लाभार्थी परिवारों को एक पत्र प्रेषित किया जाएगा। आशाएं घर- घर जाकर यह पत्र देंगी। इस पर संबंधित परिवार का विवरण और क्यूआर कोड अंकित रहेगा। इसके माध्यम से लाभार्थी गोल्डन कार्ड न होने की दशा में भी उपचार प्राप्त कर पाएंगे.

1 सप्ताह में भेजा जाएगा पत्र
प्रदेशभर में योजना की प्रगति एवं 26 जनवरी से सरकारी कर्मचारियों, अधिकारियों एवं पेंशनरों को इसमें सम्मलित किए जाने को लेकर बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेन्सिंग के माध्यम से समीक्षा की गई। स्वास्थ्य महानिदेशालय सभागार में आयोजित कॉन्फ्रेन्सिंग के दौरान राज्य स्वास्थ्य अभिकरण के अध्यक्ष डीके कोटिया ने सभी जनपदों के जिलाधिकारियों से योजना की अभी तक की प्रगति का विवरण प्राप्त किया। कोटिया ने जनपदीय अधिकारियों से निजी अस्पतालों को सूचीबद्ध किए जाने की जानकारी भी ली। इसके अलावा अस्पतालों में बायोमेट्रिक प्रणाली की उपलब्धता, उपचार के बाद हॉस्पिटल द्वारा भेजे जा रहे दावों की प्रगति व योजना के अंतर्गत लाभान्वित,भर्ती मरीजों की भी जानकारी ली। कोटिया ने जिलाधिकारियों से कहा कि सीएम की ओर से योजना के सभी लाभार्थी परिवारों को एक पत्र प्रेषित किया जाएगा। जिसे प्राप्त होने के एक सप्ताह में लाभार्थियों तक पहुंचा दिया जाए। उन्होंने बताया कि आगामी 26 जनवरी से समस्त सरकारी कर्मचारियों, अधिकारियों एवं पेंशनरों को योजना में सम्मिलित किया जा रहा है। जिसके लिए संबंधित विभाग के डीडीओ और ट्रेजरी ऑफिसर के स्तर से श्रेणीवार मासिक अंशदान काटा जाएगा। योजना के मुख्य कार्यकारी अधिकारी युगल किशोर पंत ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह यह सुनिश्चित कर लें कि सभी पंजीकृत अस्पतालों में योजना में शामिल की गई बीमारियों की जानकारी और गोल्डन कार्ड से संबंधित सूचनाएं प्रदर्शित की जा रही हैं.

अस्पतालों की जिम्मेदारी बढ़ेगी
बुधवार को डीएम एसए मुरुगेशन ने एनआईसी सभागार में उत्तराखण्ड अटल आयुष्मान स्वास्थ्य योजना की समीक्षा की। इस दौरान डीएम ने बाद सीएमओ एसके गुप्ता और नोडल अधिकारी जनपद आयुष्मान योजना डॉ। संजीव दत्त को निर्देश दिये कि जनपद स्तर पर आयुष्मान योजना के क्रियान्वयन और गोल्डन कार्ड निर्माण के सम्बन्ध में आ रही विभिन्न बिन्दुओं के समुचित समाधान के निर्देश दिए। डीएम ने सीएमओ को आयुष्मान योजना के तहत बनाये जा रहे गोल्डन कार्ड निर्माण और चिन्हित अस्पतालों में कराये जा रहे इलाज की विकास खंडवार समीक्षा करते हुए इसकी प्रगति बढाने के निर्देश दिये। उन्होंने एनआईसी के सहयोग से सामान्य सेवा केन्द्रों पर बायोमेट्रिक मोबिलिटी को तीव्र करने और क्षेत्र से आ रहे फीडबैक के आधार पर कार्य करने के निर्देश दिये। उन्होंने सरकारी अस्पतालों में भी कराये जा सकने वाले इलाज की प्रगति बढाने और जो इलाज सरकारी अस्पतालों में हो सकता है उसको वहीं कराने और चयनित अस्पतालों में आपातकालीन चिकित्सा सेवा में जरूरी सहयोग करने के लिए लगातार प्रयास करने के भी निर्देश दिये हैं.

इलाज के नाम पर धोखा
एक तरफ राज्य सरकार अटल आयुष्मान योजना का लाभ उत्तराखंड के हर निवासी को देने का दावा कर रहे हैं। इधर कुछ निजी अस्पताल सरकार की इस पहल को पलीता लगाने में लगे हैं। चमोली के देवाल विकासखंड निवासी एक 45 वर्षीय व्यक्ति 4 दिन पहले दून में पथरी का ऑपरेशन करवाने महंत इंदिरेश अस्पताल आए। जिनके पास योजना का सिल्वर कार्ड भी था, लेकिन अस्पताल प्रबंधन ने यह कहकर इलाज करने से इनकार कर दिया कि वे सरकारी अस्पताल से रेफर नहीं किए गए हैं। अब वे अपने खर्चे से इलाज करवा रहे हैं। ऐसा ही एक ओर मामला सामने आया उत्तरकाशी डामटा निवासी कविता को कुछ दिन पहले महंत इंदिरेश अस्पताल में प्रसव हुआ। कविता का अटल आयुष्मान योजना का कार्ड भी बना हुआ था, बाबजूद इसके अस्पताल प्रबंधन ने कविता के परिजनों को 9 हजार रुपए का बिल भरने को कहा। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन ने इसकी कम्पलेन की, लेकिन अस्पताल प्रबंधन ने डीजी ऑफिस से बात कर मामला टाल दिया है.

inextlive from Dehradun News Desk


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