देहरादून अब यूटीयू में छात्रा का यौन उत्पीड़न

2018-09-21T12:26:15+05:30

उत्तराखंड टेक्निकल यूनिवर्सिटी में एमटेक की छात्रा ने अपने ही टीचर पर लगाया दुव्र्यवहार का आरोप। छात्रा और परिजनों ने की रिटन कंप्लेन रजिस्ट्रार ने इन्क्वायरी के लिए गठित की 3 सदस्यों की हाई लेवल कमेटी। एनआईवीएच जीआरडी बोर्डिंग स्कूल के बाद यूटीयू में यौन शोषण के मामले ने व्यवस्था पर फिर उठाए सवाल।

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DEHRADUN :
दून में बेटियों के साथ हो रहे दुर्व्यवहार की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं, खासतौर से शिक्षण संस्थानों का माहौल काफी अनसेफ लगने लगा है। उत्तराखंड टेक्निकल यूनिवर्सिटी (यूटीयू) में एमटेक की एक छात्रा ने अपने ही टीचर पर आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल करने और अकेले में दुव्र्यवहार करने का गंभीर आरोप लगाया है। छात्रा के परिजनों ने यूनिवर्सिटी प्रबंधन को रिटन कंप्लेन दी है, जिसके बाद रजिस्ट्रार अनीता रावत ने मामले की जांच के लिए हाई लेवल कमेटी गठित कर शनिवार तक रिपोर्ट तलब की है।
जुलाई माह की है घटना
जीआरडी बोर्डिंग स्कूल में गैंगरेप का मामला सामने आने के 2 दिन बाद ही उत्तराखंड टेक्निकल यूनिवर्सिटी में छात्रा के अपने ही टीचर पर गंभीर आरोप लगाने से यूनिवर्सिटी प्रबंधन में अफरा-तफरी मच गई। छात्रा के परिजनों ने यूनिवर्सिटी की रजिस्ट्रार से इस संबंध में शिकायत की है। परिजनों की शिकायत पर जांच कमेटी गठित कर दी गई है। रजिस्ट्रार अनीता रावत ने बताया कि एमटेक फाइनल इयर की एक छात्रा ने बताया कि यह घटना उसके साथ जुलाई में हुई।

जीआरडी की मान्यता कभी भी रद

भाऊवाला स्थित जीआरडी वल्र्ड बोर्डिंग स्कूल में 10 वीं की छात्रा से गैंगरेप और प्रबंधन के मामले का दबाने का मामला सामने आने के बाद स्कूल की मान्यता कभी भी रद हो सकती है। बुधवार को राज्य सरकार ने स्कूल की मान्यता खत्म करने की सिफारिश सीबीएसई को भेज दी थी। सीबीएसई के केन्द्रीय निदेशक को शिक्षा सचिव डॉ। भूपिदंर कौर औलख ने पत्र भेजकर स्कूल की मान्यता रद्द करने की सिफारिश की थी, जिस पर अब सीबीएसई हेडक्वार्टर किसी भी पल स्कूल की मान्यता निरस्त करने के आदेश जारी कर सकता है। इससे पहले सीबीएसई दून क्षेत्रीय कार्यालय इस स्कूल में अध्ययनरत स्टूडेंट्स को दूसरे स्कूल में शिफ्ट करने के लिए प्लानिंग कर रहा है। शिक्षा सचिव के सिफारिश के बाद स्कूल की मान्यता रद्द होना तय है, लेकिन जब तक सीबीएसई इस बाबत आदेश जारी नहीं करता तब तक स्कूल में पढ़ रहे बच्चों को शिफ्ट नहीं किया जा सकेगा। बच्चों के होम और बोर्ड एग्जाम होने हैं ऐसे में सीबीएसई हेडक्वार्टर के आदेश का इंतजार किया जा रहा है।

एमटेक फाइनल

ईयर की एक छात्रा, उसके परिजनों ने एक शिकायत दी है। जांच के लिए हाई लेवल कमेटी गठित की गई है। सैटरडे को जांच की जाएगी।
अनीता रावत, रजिस्ट्रार, यूटीयू

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