नई गाड़ी में पुराना नंबर

2019-03-27T06:00:14+05:30

अपनी पुरानी गाड़ी का नंबर नई गाड़ी पर करा सकेंगे पोर्ट

MEERUT। पुराने नोट, पुरानी चीजों के शौकिन लोगों के लिए परिवहन विभाग पुराने वाहनों के नंबर नई गाड़ी में पोर्ट करने की सुविधा लेकर आया है। बशर्ते पुराने वाहन के नंबर को प्रयोग न करने की एनओसी आपके पास होनी चाहिए या वाहन खुद आपका होना चाहिए। ऐसे में बिना नंबर बदले आवेदक अपनी पुरानी या पुश्तैनी गाड़ी का नंबर नई गाड़ी पर पंजीकृत करा सकेगा। हालांकि इसके लिए वाहन मालिक को पुरानी गाड़ी का रजिस्ट्रेशन निरस्त कराना पड़ेगा।

पोर्ट होगी पुरानी सीरीज

इस नियम के अनुसार 10 या 15 साल से भी अधिक पुराने वाहन का नंबर आवेदक को उसके वाहन पर मिल जाएगा। इसके लिए पुराने वाहन को सरेंडर कर आरटीओ में उसका रजिस्ट्रेशन खत्म कराकर संचालन न करने का शपथ पत्र विभाग में जमा करना होगा। सरेंडर वाहन का नंबर नई गाड़ी के रजिस्ट्रेशन में पोर्ट कर दिया जाएगा। इसमें पुरानी सीरीज के नंबर भी मान्य होंगे। भले ही वह सीरीज अब चलन में न हो।

कम से कम तीन साल

इस नियम में पोर्ट कराए जाने वाला वाहन कम से कम तीन साल पुराना होना चाहिए। वाहन का नंबर क्यों पोर्ट कराना है, इसकी जानकारी भी आवेदक की ओर से दी जाएगी। वाहन एक्सीडेंट के कारण संचालित नहीं हो रहा है तो भी उसका नंबर पोर्ट हो जाएगा। यदि वाहन 10 व 15 साल से अधिक पुराना है और कंडम हो चुका है तो उसका चेसिस नंबर काटकर शपथ पत्र के साथ आरटीओ कार्यालय में जमा करना होगा।

25 हजार चुकानी होगी फीस

पुराने नंबरों के शौकीनों को अपने इस नंबर के शौक को पूरा करने के लिए परिवहन विभाग को पुरानी गाड़ी की पूरी जानकारी, एनओसी, शपथ पत्र के साथ 25 हजार रुपए पंजीकरण शुल्क भी देना होगा। इस प्रक्रिया के बाद नई गाड़ी को पुराने नंबर पर रजिस्टर्ड कर दिया जाएगा।

गाडि़यों के नंबर से लोगों का लगाव होता है बहुल से लोग लकी मानतें हैं और बहुल लोग पुश्तैनी यादों से जुड़ी होने के कारण नंबर चाहते हैं। उनके लिए विभाग यह सुविधा शुरु करने जा रहा है।

सीएल निगम, आरआई

inextlive from Meerut News Desk


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