सिर्फ कागजी कार्रवाई कर भूल जाता है एलयू प्रशासन

2019-06-12T06:01:14+05:30

- एलयू में फर्जी मार्कशीट के मामले में अभी तक 21 एफआईआर

- अभी तक एक भी एफआईआर पर नहीं हो सकी जांच पूरी

LUCKNOW :

एलयू में फर्जी मार्कशीट का खेल कई वर्षो से चल रहा है। ऐसा नहीं है कि एलयू प्रशासन को इसकी जानकारी नहीं है। सब कुछ जानते हुए भी अधिकारी इस पर आंख बंद करे रहे। कुछ अधिकारियों ने इसकी जांच के आदेश भी दिए लेकिन इस खेल से जुड़े लोगों ने पहुंच और पैसों के बल पर जांच रुकवा दी। अब हाईकोर्ट ने इस मामले की जांच सीबीआई से कराने को कहा है, जिस पर एलयू ने सहमति भी दे दी है। एलयू में बीते सालों में इन मामलों में 21 से अधिक एफआईआर हुई लेकिन किसी पर एक्शन नहीं लिया गया।

जांच के नाम पर सब ठप

इसी तरह का मामला आगरा की बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर यूनिवर्सिटी में आया था। वहां बीएड की मार्कशीट आदि में फर्जीवाड़ा हुआ था। मामला खुलने के बाद इसकी जांच शुरू हुई। पहले तो यूनिवर्सिटी जांच में हिलाहवाली करती रही। पर बाद में दबाव बढ़ने जांच उच्च स्तरीय जांच समिति को देने के बाद आगरा यूनिवर्सिटी का परीक्षा विभाग सील कर दिया। इसके बाद वहां क्या हाल है यह किसी से छुपा नहीं है। ऐसा केवल यूनिवर्सिटी के अधिकारियों के हिलाहवाली से हुआ। अब ऐसे ही कुछ हालात एलयू में बनते जा रहे हैं। अगर फर्जी मार्कशीट की सीबीआई जांच होती है तो साल 2012 या उसे पहले के सभी रिकार्ड सील किए जा सकते हैं। ऐसे में इस दौरान एलयू से पढ़ाई कर निकले स्टूडेंट्स को अगर मार्कशीट या डिग्री में कोई संशोधन कराना हुआ तो उन्हें परेशानी होगी।

की गई थी कार्रवाई

एलटी ग्रेड की भर्ती प्रक्रिया में फर्जी मार्कशीट बनाने वाले गिरोह का खुलासा हुआ था। एलयू की बीएड व बीपीएड की सैकड़ों मार्कशीट फर्जी निकली थीं। एलयू ने इस पूरे फर्जीवाड़े की जांच एसटीएफ से कराने की बात कही थी। जिन कैंडीडेंट्स की फर्जी मार्कशीट निकली थी। उन पर एफआईआर का आदेश दिया था। एलयू ने कागजी खानापूर्ति शासन को लिखकर ही पूरी कर ली।

2015 में सामने आया था मामला

रजिस्ट्रार एसके शुक्ला ने बताया 2015 में बड़ी संख्या में फर्जी मार्कशीट का मामला आया था। इसकी जांच बड़ी एजेंसी से कराने की मांग की थी। शासन ने इस मामले की जांच एसटीएफ से कराने का ऑर्डर दिया था। लखीमपुर खीरी के 21 लोगों के खिलाफ वजीरगंज थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। इसके बाद एलयू ने नए सिरे से मार्कशीट और डिग्री जारी की थीं।

अब तक मिले फर्जी मार्कशीट के केस

- 23 अप्रैल 2015 को लखीमपुर खीरी में बीपीएड कैंडीडेट्स की 150 फर्जी मार्कशीट मिलीं। जिनका प्रयोग जूनियर हाई स्कूल में इंस्ट्रक्टर के पद पर भर्ती के लिए किया गया था।

- मई, जून, जुलाई और अगस्त 2015 में कुल 405 फर्जी मार्कशीट के मामले आए। इनका यूज लखीमपुर खीरी में जूनियर हाई स्कूल में इंस्ट्रक्टर के पद पर भर्ती के लिए किया गया।

- जुलाई 2012 में 18 कैंडीडेट्स की नियुक्ति मुजफ्फरनगर डायट में एलयू की फर्जी मार्कशीट के सहारे हुई। एलयू के कुछ कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर भी हुई।

हमारी तरह से हर स्तर पर इस फर्जीवाड़े की जांच चल रही है। शासन अगर किसी जांच एजेंसी को जांच सौंपती है तो हम पूरा सहयोग करेंगे।

एसके शुक्ला, रजिस्ट्रार, एलयू

inextlive from Lucknow News Desk


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