बीएचयू परिसर में बाहरी वाहनों पर लग सकती है रोक

2019-06-17T11:22:55+05:30

कैंपस में हादसे के बाद बीएचयू एडमिनिस्ट्रेशन ने डिसिजन लिया है कि कैम्पस में आने वाले बाहरी वाहनों के लिए रूट तय कर दिया जाए। साथ ही जगह जगह आई कार्ड भी चेक किया जाए।

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VARANASI: बीएचयू कैम्पस में बाहरी वाहन फर्राटा नहीं भर पाएंगे। लगातार हो रहे हादसों और उनकी वजह से होने वाले बवाल को रोकने के लिए बीएचयू एडमिनिस्ट्रेशन ने ऐसा प्लान बनाया है। शनिवार को हादसे के बाद उपजे बवाल ने बीएचयू प्रॉक्टोरियल बोर्ड की नींद उड़ा दी है। तय किया गया कि अब ऑटो से लेकर अन्य बाहरी वाहनों का भी रूट निर्धारित किया जाएगा। बाहरी वाहनों की चेकिंग होने के साथ ही उन्हें अलग रूट से निकाला जाएगा।

 

बना रहता है खतरा

 

बीएचयू का हरा-भरा माहौल बाहरी को कैम्पस में आने के लिए आकर्षित करते हैं। वहीं खाली सड़कें नौसिखिया वाहन चालकों के लिए काफी मुफीद साबित होती हैं। अक्सर वाहन चालक तेज रफ्तार से गाडि़यों को दौड़ाते हैं। इनकी चपेट में आने से कई बार स्टूडेंट्स, प्रोफेसर, स्टाफ और मरीजों के तीमारदार घायल हुए हैं। हर वक्त हादसे का डर बना रहता है। कई बार बीएचयू एडमिनिस्ट्रेशन के पास स्टूडेंट्स ने कई बार लिखित शिकायत पहुंचाई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसका ही नतीजा रहा कि शनिवार को एक बार फिर हादसा हो गया।

 

बैरियर से लगाएंगे स्पीड पर ब्रेक

 

-प्रॉक्टोरियल बोर्ड ने तय किया है कि बीएचयू मेन गेट से एम्फिथिएटर ग्राउंड से हैलीपैड तक जाने वाली सड़क पर बैरिकेडिंग कराई जाएगी।

-मकसद है कि बाहर से आने वाले बेलगाम वाहनों की रफ्तार पर अंकुश लग सके।

-बाहरी वाहनों के लिए कैंपस में अलग रूट तय करने पर मुहर लग गई है।

-यूनिवर्सिटी के मेन गेट से छित्तूपुर होते हैदराबाद गेट की ओर वाहनों को मोड़ा जाएगा

-विश्वनाथ मंदिर जाने वाले वाहनों को मेन गेट से प्रवेश कराने के बाद सेंट्रल ऑफिस के पीछे ले जाया जाएगा

-वाहनों को सेंट्रल ऑफिस से पीछे से होकर मेनगेट होते बाहर जाना होगा

 

आईकार्ड की होगी चेकिंग

 

कैंपस में बाहरी युवकों का आना-जाना बेरोकटोक जारी होता है। आईआईटी स्थित एक कैफे में अड्डेबाजी होती है। वीटी पर चाय-काफी की दुकानों पर भी बाहरी जमे रहते हैं। इनको बाहर करने के लिए प्राक्टोरियल बोर्ड सख्त कदम उठाएगा। सुरक्षाकर्मियों को निर्देश दिया जाएगा कि बिना आईडी के युवकों को कैंपस में टिकने नहीं दें। वाहन खड़ा करने के दौरान भी पहचान पत्र की चेकिंग की जाए।

 

बाइकर्स गैंग पर रहेगी नजर

 

बेलगाम बाइकर्स गैंग कैम्पस में भी उत्पात मचाते हैं। प्रॉक्टोरियल बोर्ड का मानना है कि दिन ही नहीं रात में भी बाइकर्स गैंग सड़क पर कब्जा कर लेते हैं। उसमें कुछ हॉस्टलर्स होते हैं तो कुछ बाहरी युवक भी शामिल रहते है। इन पर लगाम लगाने की कोशिश की जाती है तो मारपीट पर उतारू हो जाते है। हालांकि अब यह तय कर दिया गया है कि तेज रफ्तार से दौड़ने वाले वाहनों को चिह्नित किया जाए। जिला पुलिस से मिलकर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

 

 

सोशल वाल पर बवाल

 

बीएचयू कैंपस में बाहरियों पर बैन लगाने को लेकर सोशल मीडिया पर खूब हल्ला मचा हुआ है। छात्रों द्वारा आईआईटी-बीएचयू के कैफे में बाहरी वाहनों और लोगों के आने पर रोक लगाने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। छात्रों का कहना है कि कैम्पस बीएचयू के छात्र-छात्राओं के लिए है। यहां बाहरी युवक, युवतियां, आकर टाइम पास करते हैं और खाली सड़कों पर रेस भी लगाते है। कई बार वे छात्रों से भी उलझ जाते हैं।

 

कैम्पस में हुई घटनाएं

 

-नौ जून की सुबह बीएचयू कैंपस में टहलने के दौरान तेज रफ्तार की बाइक ने आर्थोपैडिक सर्जन डॉ। अमित रस्तोगी के पिता प्रो। बीएल रस्तोगी को टक्कर मार दी। हादसे के दो दिन बाद उन्होंने दम तोड़ दिया।

-15 जून को बीएचयू कैंपस में भाजपा नेता की कार ने बाइक सवार स्टूडेंट्स को कुचल दिया। हादसे में दोनों बुरी तरह जख्मी है।

-पिछले साल कैम्पस में आयी एक बारात में शामिल कार ने स्टूडेंट्स को घायल कर दिया था जिसके बाद काफी बवाल हुआ था

-सरस्वती पूजा के दौरान कैम्पस में आए बाहरी युवकों और स्टूडेंट्स के बीच मारपटी हुई थी


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