अब क्यारा में पीएफ ने बरपाया कहर

2018-09-22T11:53:51+05:30

-मरीजों में पीएफ कटेगरी के मलेरिया की सूचना मिलते ही क्यारा पहुंचे सीएमओ

-मढ़ीनाथ सुभाषनगर में भी लगाया गया अर्बन हेल्थ सेंटर पर कैंप सीएमओ पहुंचे

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84-टीम ने लगाए कैंप

73-गांव में लगाया गया हेल्थ कैंप

5124-बुखार के मरीज मिले

4869-मरीजों की आरडीटी जांच कराई

604-पीवी मरीज मिले

397-पीएफ मरीज मिले

8-गांव में कराई गई फागिंग

93-गांव में लार्वा स्प्रे कराया गया

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BAREILLY :

आंवला क्षेत्र के बाद अब क्यारा में प्लाजमोडियम फाल्सीपेरम ने कहर बरपाना शुरू कर दिया है। फ्राइडे को बड़ी संख्या में इस बीमारी से पीडि़त मरीज सामने आए, जिससे अधिकारियों के होश उड़ गए। हालात बिगड़ते देख सीएमओ फ्राइडे को वहां पहुंचे। पीएचसी का निरीक्षण कर मरीजों का हाल जाना। उन्होंने फाल्सीपेरम पॉजिटिव केस सामने आने की बात स्वीकार की। उन्होंने कहा कि क्यारा में पीएफ से कोई मौत नहीं हुई है।

चार दिन में बढ़ी संख्या

क्यारा में पिछले चार दिन में बुखार के मरीजों का आंकड़ा तेजी से बढ़ा है। इसके चलते क्यारा पीएचसी पर भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या भी बढ़ रही है। इस दौरान पीएचसी पर प्जाजमोडियम फाल्सीपेरम के भी दो मरीज भर्ती है, जिनका यहां पर इलाज चल रहा है। इसके अलावा ग्रामीणों का कहना है कि गांव में बीते दिनों में दो मौत भी हुई हैं, जिसमें निजी हॉस्पिटल में एडमिट रहे प्रेमपाल की जांच भी हुई, जिसमें उन्हें फाल्सीपेरम की पुष्टि हुई। दूसरी मौत रोशनलाल की 13 वर्षीय बेटी किरन की हुई। उसे भी कई दिन से बुखार आ रहा था, लेकिन जांच नहीं हो सकने के चलते उसमें फाल्सीपेरम की पुष्टि नहीं हुई। सीएमओ डॉ। विनीत शुक्ला भी क्यारा पीएचसी पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि क्यारा में दो केस फाल्सीपेरम के पॉजिटिव आए हैं। यह पीएचसी पर भर्ती हैं, जहां उनका इलाज किया जा रहा है, लेकिन क्यारा में अभी तक इससे कोई मौत होने की कोई जानकारी नहीं है।

डेंगू संदिग्ध मरीज जांच में निगेटिव

डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल में बानखाना क्षेत्र के तीन मरीजों का एलाइजा टेस्ट कराया गया था। उनकी रिपोर्ट फ्राइडे को डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल में आ गई है। सभी की रिपोर्ट डेंगू निगेटिव आई है.रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद डॉक्टर्स ने मरीजों को समझाया कि डेंगू की पुष्टि नहीं हुई है।

आशा कर रही डोर-टू-डोर सर्वे

बुखार के मरीजों की सही जानकारी और हेल्थ सेंटर तक पहुंचाने का काम अब आशा वर्कर को सौंपा गया है। सीएमओ के आदेश पर जिस गांव में कैंप लगाया जाता है तो आशा वर्कर सभी बुखार पीडि़तों को कैंप तक भेजने का काम करती है। इसके साथ डोर-टू-डोर सर्वे पता कर रही है कि घर में कोई बुखार का तो मरीज नहीं है। मरीज की जानकारी लगते ही उसका नाम उम्र और फोन नम्बर नोट कर रही हैं। इसके साथ ही मरीज को निकट सीएचसी या फिर डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल से दवा कराने की सला दे रही है। इसके साथ उनका फॉलोअप भी कराया जाएगा।

बुखार से दो की मौत

बिशारतगंज के गांव मेंहदीनगला में छोटेलाल कश्यप के सात वर्षीय बेटे अंकित की थर्सडे को बुखार से मौत हो गयी। वह कई दिन से बुखार आ रहा था। वहीं गांव बीबनी में सुम्मेरीलाल के चौदह वर्षीय बेटे पुष्पेन्द्र की बुखार से मौत हो गई। पूरे क्षेत्र में फाल्सीपेरिम मलेरिया का प्रकोप है लेकिन स्वास्थ्य विभाग का इलाज इस पर नियंत्रण नहीं कर पा रहा है।

नगर निगम मिले डेंगू के लार्वा

बुखार के बीच डेंगू को लेकर डिस्ट्रिक्ट भर में अलट है, तो वहीं नगर निगम और पीडब्ल्यूडी विभाग अपने ऑफिस में डेंगू पाल रहा है। मलेरिया विभाग की टीम ने दोनों ही विभागों के स्टोर में जांच की तो डेंगू के लार्वा मिले, जिसे टीम ने नष्ट कर दिया। बाद दोनों ही विभागों के अधिकारियों को नोटिस देकर साफ-सफाई के निर्देश दिए गए।

inextlive from Bareilly News Desk


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