प्रेक्टिस में हीरो फिटनेस में जीरो

2012-05-21T03:12:14+05:30

MEERUT प्रवीण कुमार ने जैसा इंटरनेशनल क्रिकेटर देश का नाम रोशन कर रहा है भुवनेश्वर कुमार सुदीप त्यागी समेत कई ओर खिलाड़ी भी क्रिकेट के पटल पर नई कहानी दोहरा रहे हैं

इन चेहरों से प्रेरणा लेकर मैदान में कदम रखने वाली इस खेल की नई पौध फिटनेस में जीरो साबित हो रही है।

आखिर हुआ क्या
कैलाश प्रकाश स्पोटर्स स्टेडियम में हाल ही में स्पोट्र्स हॉस्टल के लिए जिला स्तरीय ट्रायल की प्रक्रिया सम्पन्न हुई थी। ये ट्रायल अंडर-15 के लिए था। ट्रायल में जिले से करीब 100 से अधिक बच्चों ने भाग लिया। खेल निदेशालय ने इस बार ट्रायल के नियमों में कुछ जरूरी बदलाव किए हैं। जिसके तहत ट्रायल में पहले फिटनेस टेस्ट होना था और बाद में स्किल टेस्ट। फिटनेस टेस्ट में 50 में से 20 नंबर लाने थे और स्किल टेस्ट में 50 में से 25. लेकिन चौकाने वाली बात ये है कि फिटनेस टेस्ट में एक भी क्रिकेटर पास नहीं हो सका। जिससे इन क्रिकेटर्स को स्किल टेस्ट दिखाने का मौका ही नहीं मिला। मात्र दो क्रिकेटर 20 अंक के पास पहुंच सके। जिससे उन्हें मौका देकर मंडल स्तरीय ट्रायल के लिए चुन लिया गया।

ट्रायल के बाद की प्रक्रिया
पूरे प्रदेश में मेरठ, कानपुर और फतेहपुर हॉस्टल के लिए ट्रायल चल रहे हैं। मंडल स्तरीय ट्रायल सम्पन्न होने के बाद बेस्ट 15 खिलाडिय़ों की मेरिट बनाई जाएगी। इस मेरिट के बाद प्रदेश भर से चुने गए खिलाडिय़ों का कैंप लगेगा। कैंप के बाद एक बार फिर ट्रायल होगा और चुने गए खिलाडिय़ों को प्रदेश के तीनों हॉस्टलों में भेज दिया जाएगा।

कैसे बदले नियम
स्पोट्र्स हॉस्टल में चयन के लिए इस बार खेल निदेशालय ने ट्रायल के नियमों में कुछ बदलाव किए हैं। जिसमें प्लेयर्स की स्किल पहले फिटनेस की भी जांच होगी। नियम के तहत ट्रायल में दो टेस्ट होंगे। फिटनेस टेस्ट में 50 में से 20 नंबर लाने होंगे, जिसमें 100मी रेस, 800मी रेस, मेडिसन बॉल थ्रो, शटल रन 10 गुणा 6 और स्टेंडिंग ब्राड जंप शामिल हैं।

ये कैसी फिटनेस?
इसमें शहर में चल रही कई क्रिकेट अकादमी के खिलाडिय़ों ने ट्रायल दिया होगा। तो क्या शहर की अकादमियों में खिलाडिय़ों की स्किल पर ही ध्यान दिया जा रहा है? क्या इन खिलाडिय़ों की फिटनेस पर गौर नहीं किया जा रहा। ऐसा अक्सर देखने में आया है कि मैदान में खिलाड़ी नेट प्रेक्टिस में तो दिलचस्पी दिखाते हैं, लेकिन फिटनेस सुधारने के मामले में खिलाड़ी सुस्त ही नजर आते हैं।
खेल निदेशालय ने ऐसे नियम इसीलिए बनाए हैं कि खिलाड़ी स्किल के साथ फिटनेस में भी अच्छा हो। सही कहूं तो इस बार वही खिलाड़ी हॉस्टल के लिए चुना जाएगा जिसमें दम होगा। हां ये जरूर है कि नियम थोड़े से कठिन जरूर बनाए गए हैं।
- नवीन त्यागी, कोच कैलाश प्रकाश स्पोट्र्स स्टेडियम
खिलाडिय़ों ने अपनी ओर से अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन उनका सेलेक्शन नहीं हो पाया। क्या कर सकते हैं?
- अतहर अली, कोच करण क्रिकेट अकादमी
फिटनेस के बारे में खिलाड़ी को बेहतर होना बहुत जरूरी है। जो खिलाड़ी फिटनेस में सही नहीं है, उनका चयन नहीं हो पाया।
- विपिन वत्स, कोच सीवीपीएस अकादमी


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