23 दिनों से जेल में सजा काट रहे बेगुनाह

2018-09-25T11:42:13+05:30

डीएसपी की साजिश का शिकार दो परिवारों का इकलौता कमाने वाला बेटा निर्दोष होते हुए भी जेल में रहने को विवश है

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RANCHI: डीएसपी की साजिश का शिकार दो परिवारों का इकलौता कमाने वाला बेटा निर्दोष होते हुए भी जेल में रहने को विवश है. हटिया डीएसपी विनोद रवानी ने दो निर्दोष युवकों मालवीय कुमार और नंदकिशोर को अवैध शराब कारोबारी बता कर जेल भेज दिया है. यह आरोप है गिरफ्तार मालवीय और नंदकिशोर के परिजनों का. 23 दिनों से दोनों निर्दोष युवक जेल में बंद हैं. तीन बार उनकी बेल की एप्लीकेशन कोर्ट द्वारा इसलिए रिजेक्ट कर दी गई, क्योंकि पुलिस इस मामले से जुड़ी केस डायरी ही कोर्ट में समर्पित नहीं कर सकी. हटिया डीएसपी विनोद रवानी की साजिश का शिकार यह पूरा परिवार अपने इकलौते बेटे की रिहाई का इंतजार पिछले 23 दिनों से कर रहा है. अवैध शराब का कारोबारी बता कर इस परिवार के इकलौते कमाऊ सदस्य मालवीय कुमार को पुलिस द्वारा जेल भेज दिया गया था. मालवीय के घर में उनके बूढ़े मां-बाप हार्ट डिजीज से जूझ रही पत्‍‌नी और दो बच्चे हैं. पुलिस द्वारा दर्ज प्राथमिकी में मानवीय कुमार की गिरफ्तारी धुर्वा के शालीमार बाजार से दिखाई गई है, लेकिन हकीकत में वह अपने एक मित्र की दुकान पर बैठे हुए थे, जहां से पुलिस ने उन्हें उठाया था.

शराब का अवैध कारोबारी बताकर भेजा जेल
मालवीय कुमार के दोस्त वीर बहादुर के अनुसार, वो लोग दुकान पर बैठे हुए थे तभी पुलिस की दो गाडि़यां पहुंची और पूछा कि इनमें से मालवीय कुमार उर्फ बनर्जी कौन है. पहचान होते ही मालवीय कुमार को पुलिस अपने साथ यह कहकर ले गई कि उससे कुछ जरूरी पूछताछ करनी है. परिवार के लोग भागे-भागे धुर्वा थाना पहुंचे, लेकिन उन्हें कोई जानकारी हासिल न हो पाई. दूसरे दिन उन्हें यह सूचना मिली कि मालवीय कुमार और नंदकिशोर को पुलिस ने अवैध शराब के कारोबार को लेकर गिरफ्तार किया है, जिसके बाद हटिया डीएसपी ने रांची के सिटी एसपी को बुलाकर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस किया और शराब का अवैध कारोबारी बताकर दोनों को जेल भेज दिया.

तीन बार बेल हुआ रिजेक्ट
सुनीता देवी के अनुसार, मानवीय कुमार के बेल के लिए उन लोगों ने तीन बार कोर्ट में अपील की, लेकिन तीनों ही बार केस डायरी नहीं होने की वजह से बेल रिजेक्ट कर दिया गया. कोर्ट द्वारा बार-बार मांगे जाने के बावजूद अभी तक केस डायरी जमा नहीं की गई. जबकि हर कोई यह जानता है कि दोनों निर्दोष हैं. इसके बावजूद वो लोग पिछले 23 दिनों से जेल में क्यों बंद है?

नंदकिशोर का परिवार रांची से बाहर
साजिश का शिकार दूसरा युवक नंद किशोर भी निर्दोष होने के बावजूद जेल में बंद है. उसका बेल भी तीन बार रिजेक्ट हो चुका है. उसके परिवार के लोग फिलहाल रांची से बाहर हैं. नंदकिशोर पर पुलिस ने यह आरोप लगाया है कि जिस वाहन में शराब की तस्करी की जा रही थी उसे वही चला रहा था, लेकिन जांच रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि नंदकिशोर एक मामूली दूध विक्रेता है जो मोहल्ले में साइकिल से दूध बांटा करता है. उसे तो चार पहिया वाहन चलाने भी नहीं आता.

तीन थानेदार हटाए, डीएसपी पर कार्रवाई नहीं
इस मामले में एसएसपी ने कार्रवाई करते हुए धुर्वा थानेदार तालकेश्वर राम, तुपुदाना थानेदार प्रकाश कुमार और डोरंडा थानेदार आबिद खान को लाइन हाजिर कर दिया था. एसएसपी ने इस पूरे प्रकरण की सुपरविजन की जिम्मेवारी सिटी एसपी अमन कुमार को दी थी. सदर डीएसपी दीपक कुमार पांडेय को केस का आईओ बनाया था, लेकिन मुख्य साजिशकर्ता हटिया डीएसपी विनोद रवानी पर कोई कार्रवाई नहीं हुई.

फिलहाल मामले की जांच जारी है. जांच के बाद कार्रवाई की अनुशंसा पुलिस मुख्यालय से की जाएगी.
एवी होमकर, डीआईजी


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