पीएचक्यू करेगा पुलिस की जैक की बीमारी का इलाज

2018-05-27T06:01:04+05:30

- फरियादियों की शिकायत न सुनने वाले थानेदारों के खिलाफ होगी सख्त कार्रवाई

- एडीजी (लॉ एंड ऑर्डर) ने जारी किया सभी थाने- चौकियों को सर्कुलर

- फरियादी को देनी होगी तहरीर की रिसीविंग, दर्ज करना होगा केस

देहरादून, फरियादियों की पीड़ा सुनने के बजाय उन्हें थाने से उल्टे पैर लौटाने वाले थानेदारों की अब खैर नहीं। एडीजी (एलओ) ने सभी थाना- चौकियों को एक सर्कुलर जारी कर आदेश दिए हैं कि किसी भी सूरत में फरियादियों की शिकायत को हल्के में न लें, तत्काल मुकदमा दर्ज करें और तफ्तीश करें।

तहरीर की रिसीविंग दें

पुलिस मुख्यालय से सभी थाना प्रभारियों के लिए सख्त आदेश जारी किया गया है कि कोई भी फरियादी तहरीर लेकर थाने पहुंचे तो उसकी तहरीर को संजीदगी से लिया जाए और उसे तहरीर की रिसीविंग दी जाए। अक्सर पुलिस फरियादी की तहरीर अपने पास रख लेती है, उसे रिसीविंग नहीं दी जाती और उसे सिर्फ कार्रवाई का आश्वासन देकर टरका दिया जाता है। ऐसी ही शिकायतों का संज्ञान लेकर पुलिस मुख्यालय से ये आदेश जारी किए गए हैं.

सरकारी फोन न उठा तो भी कार्रवाई

पीएचक्यू को लगातार इस तरह की शिकायतें मिल रही थीं कि कई बार फरियादी थाना- चौकी प्रभारियों के सरकारी नंबर पर कॉल करते हैं, तो फोन रिसीव नहीं होता। इस शिकायत को भी पीएचक्यू ने गंभीरता से लिया है। सर्कुलर में यह भी साफ किया गया है कि जो थाना- चौकी प्रभारी सरकारी फोन नहीं उठाएगा, उसके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

नप चुके हैं कई थानेदार

पिछले तीन माह में फरियादियों की शिकायत को गंभीरता से न लेने के मामलों में एसएसपी द्वारा कई थाना प्रभारियों के विरुद्ध कार्रवाई की गई। कुछ थाना प्रभारियों के विरुद्ध जांच में लापरवाही के आरोप भी पिछले दिनों लगे हैं। पटेलनगर, वसंत विहार, राजपुर थाना इंचार्ज, करनपुर चौकी प्रभारी व सहसपुर के एक एसआई को पिछले दिनों ऐसे ही आरोपों के चलते ट्रांसफर किया गया था.

अफसरों से लगानी पड़ती है न्याय की गुहार

थाने- चौकियों में जब शिकायत नहीं सुनी जाती तो मजबूर होकर फरियादियों को अफसरों के चक्कर काट न्याय के लिए गुहार लगानी पड़ती है। पिछले दिनों इस तरह के कई मामले सामने आए थे, जब उच्चाधिकारियों के निर्देश पर फरियादियों की शिकायत दर्ज की गई.

पुलिस से उठ रहा विश्वास

थाने- चौकियों से जब शिकायत सुने बिना या सिर्फ कार्रवाई का आश्वासन देकर फरियादियों को लौटा दिया जाता है, तो ऐसे मामलों में जनता का पुलिस से विश्वास उठ जाता है। पुलिस के प्रति बढ़ते अविश्वास को देखते हुए पीएचक्यू ने अब थाना- चौकी प्रभारियों को कसना शुरू किया है।

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सभी थाना- चौकी इंचार्ज को सर्कुलर जारी कर सख्त निर्देश दिए गए हैं कि हर हाल में फरियादी की शिकायत पर कार्रवाई की जाए। फरियादियों को तहरीर की रिसीविंग दी जाए और तत्काल मामला दर्ज किया जाए। आदेशों का पालन न करने पर संबंधित इंचार्ज के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

अशोक कुमार, एडीजी(एलओ)

inextlive from Dehradun News Desk


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