हवाई हादसों के शिकार Politician

2011-05-05T12:26:00+05:30

इसे इंडियन पॉलिटिक्स का दुर्भाग्य ही कहा जा सकता है कि कई अहम और करिश्माई नेताओं को हेलिकॉप्टर दुर्घटनाओं का शिकार होना पड़ा है

हादसा ऐसा कि इनमें से कोई भी ज़िंदा नहीं बचा. कांग्रेस नेता संजय गांधी, माधव राव सिंधिया, ओपी जिंदल, जीएमसी बालयोगी का नाम इस सूची में शामिल है. इस कड़ी में सबसे नया नाम अरुणाचल प्रदेश के सीएम  दोरजी खांडू का है. उनकी हेलिकॉप्टर दुर्घटना में मौत हो गई. 30 अप्रैल को तवांग से उड़ान भरने के बाद एक इंजिन वाला यूरो कॉप्टर बी8 तुरंत ही दुर्घटना का शिकार हो  गया.

संजय गांधी

दुर्घटना का शिकार होने वाले नेताओं में महत्वपूर्ण नाम पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के बेटे और कांग्रेस नेता संजय गांधी का है, जिनकी 29 वर्ष पहले दिल्ली के सफदरजंग हवाई अड्डे पर ग्लाइडर दुर्घटना में मौत हो गई थी.
राजेश पायलट
इसी कड़ी में कांग्रेस के प्रतिभाशाली नेता राजेश पायलट आते हैं, जिनकी 11 जून 2000 को जयपुर के पास सड़क हादसे में मौत हो गई थी. पेशे से पायलट राजेश ने अपने मित्र राजीव गांधी की प्रेरणा से राजनीति में कदम रखा और राजस्थान के दौसा लोकसभा क्षेत्र से निर्वाचित हुए. पालयट एक महत्वपूर्ण गुजर्र नेता के रूप में उभर कर सामने आए थे. उनके नरसिंह राव सरकार में गृह राज्य मंत्री रहते हुए तांत्रिक चंद्रास्वामी को जेल भेजा गया था.
माधव राव सिंधिया
माधव राव सिंधिया एक और महत्वपूर्ण नाम है जो असमय दुर्घटना का शिकार हुए. सिंधिया ने अपने राजनैतिक करियर की शुरूआत 1971 में की थी, जब उन्होंने जनसंघ के सहयोग से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में गुना लोकसभा क्षेत्र से चुनाव में जीत दर्ज की थी. बहरहाल, 1997 में वह कांग्रेस में शामिल हो गए और 1984 में उन्होंने भाजपा के कद्दावर नेता अटल बिहारी वाजपेयी को ग्वालियर लोकसभा क्षेत्र से पराजित किया.
सिंधिया ने विभिन्न सरकारों में रेल मंत्री, नागर विमानन मंत्री और मानव संसाधन विकास मंत्री का दायित्व संभाला। लेकिन 30 सितंबर 2001 को विमान दुर्घटना में उनकी असमय मौत हो गई.
ओपी जिंदल


उद्योगपति तथा राजनेता ओपी जिंदल भी दुर्घटना का शिकार होने से असमय भारतीय राजनीति के पटल से ओझल हो गए. जिंदल ऑर्गेनाइजेशन को उद्योग जगत की बुलंदियों पर पहुंचाने वाले ओपी जिंदल हरियाणा के हिसार क्षेत्र से तीन बार विधानसभा के लिए चुने गए और उन्होंने प्रदेश के ऊर्जा मंत्री का दायित्व भी संभाला. 31 मार्च 2005 को हेलीकॉप्टर दुर्घटना में उनकी असमय मौत हो गई.
राजशेखर रेड्डी
तीन सितंबर 2009 को आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री राजशेखर रेड्डी की हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मौत हो गई थी. आंध्र प्रदेश में कई सोशल वेलफेयर प्लान शुरू करने वाई.एस.राजशेखर रेड्डी हमेशा ‘जनता के नेता’ के रूप में याद किए जाएंगे. वह हादसे का शिकार भी तब बने जब एक और जनसम्पर्क योजना शुरू करने जा रहे थे.


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